देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आखिर जींद पहुंच गई है। जीद से ही यह ट्रेन 20 जनवरी के बाद सोनीपत के लिए पहली बार रवाना होगी। ट्रेन व हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग के लिए लखनऊ से अनुसंधान और विकास संगठन (आरडीएसओ) की दो टीमें भी जींद पहुंच चुकी हैं। यह टीमें प्लांट की मशीनों की […]
By UB India News • Patna, Bihar शनिवार, 3 जनवरी 2026, 05:30 AM • 4 मिनट read
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन आखिर जींद पहुंच गई है। जीद से ही यह ट्रेन 20 जनवरी के बाद सोनीपत के लिए पहली बार रवाना होगी। ट्रेन व हाइड्रोजन प्लांट की टेस्टिंग के लिए लखनऊ से अनुसंधान और विकास संगठन (आरडीएसओ) की दो टीमें भी जींद पहुंच चुकी हैं।
यह टीमें प्लांट की मशीनों की टेस्टिंग कर रही हैं। इसके बाद ट्रेन के उपकरण व अन्य सामान की टेस्टिंग के बाद हरी झंडी देगी। यह ट्रेन पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित की गई है। ब्रॉड गेज लाइन पर चलने वाली यह दुनिया की सबसे लंबी (10 कोच) और सबसे शक्तिशाली (2400 किलोवाट) हाइड्रोजन ट्रेन है।
यह एक बार में 2500 यात्रियों को ले जा सकती है। 360 किलो हाइड्रोजन से 180 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। यानी एक किलोमीटर की दूरी तय करने में दो किलो हाइड्रोजन खर्च होगी। दूसरी तरफ डीजल गाड़ी साढ़े चार लीटर में एक किलोमीटर चलती है।
इसकी अधिकतम स्पीड 140 किमी प्रति घंटा है। 1,200 हॉर्स पावर यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है। इस पर 82 करोड़ रुपये लागत आई है।