अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए। रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण मंगलवार को हुआ। उनका अंतरिक्ष यान तय कक्षा में पहुंच गया। उनके अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में बुधवार तड़के पहुंचने की संभावना है। वह रूस […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 15 जुलाई 2026, 07:54 AM 3 मिनट read
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अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे
Photo: UB India News Archive

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए। रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण मंगलवार को हुआ। उनका अंतरिक्ष यान तय कक्षा में पहुंच गया। उनके अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में बुधवार तड़के पहुंचने की संभावना है।

वह रूस के दो यात्रियों के साथ लगभग आठ महीने के मिशन पर अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे। अमेरिका में जन्मे अनिल की यह पहली अंतरिक्ष उड़ान होगी। अनिल के पिता केरल के ओट्टापालम से हैं। उनकी मां यूक्रेन मूल की हैं। मेनन की पत्नी अन्ना विल्हेम भी अंतरिक्ष यात्री हैं।

भारत में भी रहे, पोलियो अभियान का किया कार्य: अमेरिकी वायुसेना में अपने कार्यकाल के दौरान मेनन ने ऑपरेशन एंड्यूरिंग फ्रीडम के तहत अफगानिस्तान में अग्रिम मोर्चे पर सेवा दी। मेनन भारत में भी एक वर्ष तक रोटरी एंबेसडोरियल स्कॉलर के रूप में रहे, जहां उन्होंने पोलियो टीकाकरण अभियान में कार्य किया।

नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और रूस के दो अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव तथा अन्ना किकिना बुधवार तड़के (भारतीय समयानुसार) लगभग तीन घंटे की यात्रा के बाद सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस का अंतरिक्ष यान सोयुज एमएस-29 भारतीय समयानुसार रात आठ बजकर 17 मिनट पर बाइकोनूर से रवाना हुआ। प्रक्षेपण के लगभग आठ मिनट बाद अंतरिक्ष यान अपनी प्रारंभिक कक्षा में पहुंचा और फिर करीब तीन घंटे की उड़ान के बाद भारतीय समयानुसार रात 11:52 बजे आईएसएस के प्रिचाल मॉड्यूल से सफलतापूर्वक जुड़ गया। इसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष यान और स्टेशन से जुड़े आवश्यक तकनीकी परीक्षण पूरे किए और फिर लगभग दो बजे हैच (प्रवेश द्वार) खोला गया। नासा के अनुसार यह अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष उड़ान है, जबकि रूस के अंतरिक्षयात्रियों प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना की यह दूसरी अंतरिक्ष यात्रा है। हैच खुलने से ठीक पहले आईएसएस से प्रसारित हो रहा वीडियो कुछ समय के लिए उपग्रहों का संपर्क टूटने के कारण बंद हो गया था। लगभग 12 मिनट बाद उपग्रहों के दोबारा संपर्क में आने पर प्रसारण फिर से शुरू हो गया।

अनिल मेनन के परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी पत्नी और अंतरिक्ष यात्री अन्ना विल्हेम भी शामिल हैं, प्रक्षेपण के समय बाइकोनूर कॉस्मोड्रोम (कजाखस्तान में स्थित अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र) में मौजूद थे। नासा के प्रशासक जैरेड आइजैकमैन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
मेनन, दुब्रोव और किकिना के आईएसएस पहुंचने के पहले, नासा अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनो, तथा रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री सर्गेई कुद-स्वेर्चकोव, सर्गेई मिकायेव और आंद्रेई फेद्यायेव पहले से वहां थे।

तीन अंतरिक्ष यात्रियों का यह मिशन लगभग आठ महीने का होगा और उनकी पृथ्वी पर वापसी अप्रैल 2027 में निर्धारित है।नासा के अनुसार, अनिल मेनन इस मिशन के दौरान ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी परीक्षण करेंगे, जो मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पृथ्वी पर जीवन को भी लाभ पहुंचाएंगे। अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस में यूक्रेनी और भारतीय मूल के प्रवासी माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ (इमरजेंसी मेडिसिन फिजिशियन) हैं और अमेरिकी ‘स्पेस फोर्स’ में कर्नल हैं।

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