क्या है औद्योगिक अल्कोहल…….

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है इंडस्ट्रियल अल्कोहल यानि औद्योगिक अल्कोहल का मसला केंद्र से ज्यादा राज्य सरकारों का है, लिहाजा वो इस पर कानून बनाने का अधिकार रखती हैं. इंडस्ट्रियल अल्कोहल को औद्योगिक शराब भी कह सकते हैं. इसे विकृत अल्कोहल भी कह सकते हैं. ये चूंकि इलेनॉल का शुद्धता वाला रूप […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 23 अक्टूबर 2024, 08:07 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
क्या है औद्योगिक अल्कोहल…….
Photo: UB India News Archive

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा है इंडस्ट्रियल अल्कोहल यानि औद्योगिक अल्कोहल का मसला केंद्र से ज्यादा राज्य सरकारों का है, लिहाजा वो इस पर कानून बनाने का अधिकार रखती हैं. इंडस्ट्रियल अल्कोहल को औद्योगिक शराब भी कह सकते हैं. इसे विकृत अल्कोहल भी कह सकते हैं. ये चूंकि इलेनॉल का शुद्धता वाला रूप में है, लिहाजा इसका इस्तेमला मानव उपभोग के लिए नहीं होता. ये पीते ही स्वास्थ्य को खराब कर सकती है और अस्पताल पहुंचा सकती है. ये जहरीली शराब जैसा काम भी करती है.

23 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने इंडस्ट्रिल शराब के अधिकार को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें पुष्टि की गई कि राज्यों के पास इस मामले पर कानून बनाने का अधिकार है. केरल, महाराष्ट्र, पंजाब और यूपी जैस राज्य इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की शरण में थे. उनकी दलील थी कि जिस तरह इसका उपयोग किया जा रहा है, उसको देखते हुए राज्य सरकारें चुप नहीं बैठ सकतीं. क्योंकि इनके उपयोग से जहरीली शराब भी बनाई जा रही हैं और मौते हो रही हैं.

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला 9 जजों की खंडपीठ ने किया. ये फैसला 8:1 बहुमत से सुनाया गया. फैसले में इसे इसे “नशीली शराब” के रूप में वर्गीकृत किया गया है. इस फैसले ने 1990 के पुराने फैसले को पलट दिया कि जबकि इस पॉवर केंद्र सरकार तक सीमित कर दिया था.

क्या है नशीली शराब की परिभाषा
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सातवीं अनुसूची की सूची II (राज्य सूची) की प्रविष्टि 8 में “नशीली शराब” शब्द में औद्योगिक शराब शामिल है, जो बताता है कि ये अगर मनुष्यों द्वारा उपयोग में लाई जाए तो जहर जैसा काम करती है. बहुमत की राय ने इस बात पर जोर दिया कि “नशीली” का अर्थ हानिकारक या जहरीले पदार्थों से भी हो सकता है.

न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने इस पर असहमति जताई. उनका तर्क था कि औद्योगिक शराब मानव उपभोग के लिए नहीं है. इसे मादक शराब के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया कि राज्यों को इसे रेगुलेट करने की अनुमति देने से अल्कोहल रेगुलेशन के संबंध में विधायी मंशा की गलत व्याख्या हो सकती है.

अल्कोहल कितनी तरह की होती है
शराब मुख्य तौर पर दो तरह की होती है
औद्योगिक अल्कोहल – यह आमतौर पर आइसोप्रोपिल अल्कोहल (आइसोप्रोपेनॉल) या विकृत अल्कोहल (एडिटिव्स के साथ इथेनॉल) होती है. आइसोप्रोपाइल अल्कोहल की केमिकल संरचना C₃H₈O होती है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से औद्योगिक सेटिंग्स में सफाई और कीटाणुशोधन के लिए किया जाता है. दूसरी औद्योगिक अल्कोहल इथेनॉल यानि C₂H₅OH होती है., जिसका उपयोग अक्सर जहरीली शराब बनाने में किया जाता है.

उपयोग की जाने लायक अल्कोहल – यह मुख्य रूप से इथाइल अल्कोहल (इथेनॉल) है, जिसका उपयोग मनुष्यों द्वारा किया जाता रहा है. बीयर, वाइन और स्प्रिट जैसे मादक पेय पदार्थों में इसी के घटक होते हैं. इथेनॉल खो खमीर द्वारा शर्करा के किण्वन के माध्यम से बनाया जाता है.

औद्योगिक शराब का क्या इस्तेमाल होता है
औद्योगिक शराब का इस्तेमाल कई कामों में होता है
क्लीनिंग एजेंट के तौर पर
मैन्यूफैक्चरिंग में घोल के रूप में, अक्सर रसायनों के साथ घोलने में
चिकित्सा कामों में एंटीसेप्टिक के तौर पर
औद्योगिक अल्कोहल का उपयोग कई उद्योगों में किया जाता है, जिसमें विनिर्माण, निर्माण और ईंधन शामिल हैं, तथा इसका उपयोग विलायक, रसायन, कीटाणुनाशक या जैव ईंधन के रूप में किया जाता है.

अगर औद्योगिक अल्कोहल पी ली जाए तो क्या होता है
इंडस्ट्रियल अल्कोहल के पेय के तौर इस्तेमाल की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाती. ये बैन है लेकिन तब भी चोरी चुपके इससे शराब बनाकर बेची जाती है, जो गंभीर समस्याएं तो पैदा करती ही है बल्कि इससे मौत भी हो जाती है. इससे जुड़े हादसे हम अक्सर पढ़ते और देखते रहते हैं.

औद्योगिक शराब का जहरीलापन

– आइसोप्रोपाइल और विकृत शराब दोनों ही अगर पीये जाएं तो जहर जैसा काम करते हैं. सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. मसलन
– पेट और आंतों में बुरी तरह जलन (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जलन)
– नर्वस सिस्टम पर बुरी तरह असर
– छोटी मात्रा से भी संभावित घातक परिणाम
– आंखें जा सकती हैं
– पागलपन
– मौत भी
– औद्योगिक अल्कोहल के लगातार सेवन से लीवर और किडनी को नुकसान हो सकता है
– कोमा का जोखिम

क्या इथेनॉल हमेशा जहरीला होता है
– नहीं ऐसा नहीं है. इथेनॉल उच्च खुराक हमेशा जहरीली होती है. लेकिन तय सीमा सेवन के लिए सुरक्षित है. शरीर इथेनॉल को तब पचा सकता है, जब जिम्मेदारी से इसका सेवन किया जाए, तब इसके हानिकारक प्रभाव नहीं होते.

क्यों सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये फैसला
ये फैसला राज्य सरकारों को औद्योगिक शराब के दुरुपयोग को रोकने के लिए कानून बनाने का अधिकार देता है. औद्योगिक शराब के दुरुपयोग और जहरीले शराब पीने से जुड़े हादसों से जोड़ा गया है. राज्य सरकार अब अपनी जरूरतों के हिसाब से इस कानून बना सकेंगे. इस पर टैक्स भी लगा सकेंगे.

राज्य सरकारों को इस फैसले से क्या लाभ होगा
इससे उनके राजस्व में बढोतरी होगी, क्योंकि अब राज्य अब औद्योगिक शराब पर कर लगा सकते हैं. राजस्व का यह नया स्रोत राज्यों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कई राज्यों को हाल ही में कर कटौती और आर्थिक चुनौतियों के कारण बजट घाटे और जीएसटी और आयकर जैसे पारंपरिक स्रोतों से घटते राजस्व का सामना करना पड़ रहा है.

औद्योगिक शराब कैसे बनती है
ये शराब भी किण्वन के माध्यम से ही बनती है. ये ऐसी प्रक्रिया है जिसमें इथेनॉल के उत्पादन के लिए गन्ना, मक्का या गेहूं जैसे फीडस्टॉक्स का उपयोग किया जाता है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत
खास खबर

युद्ध के बीच अर्थव्यवस्था की अग्निपरीक्षा! बैंक लोन और Q1 GDP बताएंगे भारत की ताकत

सोमवार यानी 31 अगस्त को देश के जीडीपी के आंकड़े आने वाले हैं. उम्मीद की जा रही है कि देश की रफ्तार 7% से ज्यादा रह सकती है. वैसे मिडिल ईस्ट वॉर, महंगाई के अलावा फैक्टर्स चुनौतियां बनी हुई हैं. लोन ग्रोथ और कॉरेपोरेट इनकम देश की ग्रोथ को सहारा दे सकते हैं. क्या चुनौतियों के बाद भी देश की इकोनॉमिक ग्रोथ 7% रह सकती है?

UB India News31 अग॰
22000 करोड़ के कर्ज पर बवाल…
कारोबार

22000 करोड़ के कर्ज पर बवाल…

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने NCLT विवाद में मुकेश अंबानी और उनके मीडिया नेटवर्क पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 22000 करोड़ रुपये के कर्ज संबंधी दावे को गलत बताया। रिलायंस ने आरोपों का खंडन किया है।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰
क्या आम जनता के लिए बंद होगा फ्री UPI?
खास खबर

क्या आम जनता के लिए बंद होगा फ्री UPI?

संसद में भुगतान और निपटान प्रणाली कानून से जुड़े संशोधन के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब यूपीआइ से पैसे भेजने या दुकानों पर क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान करने पर शुल्क देना होगा। इंटरनेट मीडिया पर तरह-तरह के दावे भी किए जा रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार […]

UB India News27 अग॰
भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य…………..
खास खबर

भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य…………..

रूस में आईआरआईजीसी-टेक के 27वें सत्र की संयुक्त अध्यक्षता करते हुए व‍िदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा क‍ि भारत-रूस व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-टेक) के 27वें सत्र में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है. इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने […]

UB India News25 अग॰
सरकार चलाएगी कांदा एक्‍सप्रेस !……………..
खास खबर

सरकार चलाएगी कांदा एक्‍सप्रेस !……………..

दिल्‍ली, लखनऊ, पटना समेत देश के अलग-अलग शहरों में प्‍याज की कीमतें अचानक बढ़ने लगी है. कई बड़े शहरों में महीने भर पहले 30 से 40 रुपये किलो मिलने वाला प्‍याज 50 से 65 रुपये किलो तक बिक रहा है. प्‍याज की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार ने अपना बफर स्‍टॉक बाजार […]

UB India News24 अग॰
इथेनॉल पर इतना बड़ा दांव क्यों लगा रहा बिहार?
पटना

इथेनॉल पर इतना बड़ा दांव क्यों लगा रहा बिहार?

बिहार में उद्योग विभाग संभाल रहीं, मंत्री श्रेयसी सिंह आत्मविश्वास से भरपुर हैं। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस वर्ष के नवंबर तक बिहार में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश का जो लक्ष्य रखा है, उसे वे जरूर पूरा करेंगी। इसमें इथेनॉल की क्या भूमिका होगी। इथेनॉल पर बिहार ने इतना […]

UB India News24 अग॰
भविष्य में भारत का ड्रोन बाजार दायरा कितना बड़ा हो सकता है?
खास खबर

भविष्य में भारत का ड्रोन बाजार दायरा कितना बड़ा हो सकता है?

कुछ साल पहले तक ड्रोन का नाम आते ही कैमरे से तस्वीरें लेने वाली उड़ती मशीन का ख्याल आता था। अब ड्रोन का इस्तेमाल इससे कहीं आगे निकल चुका है। खेती में कीटनाशक का छिड़काव, गांवों में जमीन की मैपिंग, हाईवे और रेलवे की निगरानी, आपदा के समय राहत-बचाव और रक्षा क्षेत्र में निगरानी जैसे […]

UB India News19 अग॰