मानसून सत्र का 16वां दिन-निर्मला सीतारमण आज संसद में पेश करेंगी आयकर बिल 2025……

संसद के मानसून सत्र का आज 16वां दिन है। लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी दलों के सांसद सोमवार को संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। मार्च सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक ने मार्च के लिए अभी तक कोई अनुमति नहीं मांगी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 11 अगस्त 2025, 05:37 AM 5 मिनट read
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मानसून सत्र का 16वां दिन-निर्मला सीतारमण आज संसद में पेश करेंगी आयकर बिल 2025……
Photo: UB India News Archive

संसद के मानसून सत्र का आज 16वां दिन है। लोकसभा और राज्यसभा के विपक्षी दलों के सांसद सोमवार को संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। मार्च सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक ने मार्च के लिए अभी तक कोई अनुमति नहीं मांगी है।

इधर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आज रिवाइज इनकम टैक्स बिल 2025 पेश कर सकती हैं। 31 सदस्यों वाली सिलेक्शन कमेटी की ओर से बदलाव के सुझावों के बाद 8 अगस्त को सीतारमण ने न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 को वापस ले लिया था।

संसदीय समिति ने 21 जुलाई को लोकसभा में रिपोर्ट पेश की थी। कमेटी ने सुझाव दिए थे कि बिल में चीजों को और ज्यादा स्पष्ट और सख्त करना चाहिए। अनक्लियर चीजों को हटाना चाहिए और नए कानून को मौजूदा फ्रेमवर्क के साथ जोड़ना चाहिए। सिलेक्ट कमेटी ने 4584 पन्नों की रिपोर्ट में कुल 566 सजेशन और रिकमेंडेशन दिए थे।

यह नया बिल आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act, 1961) की जगह लेगा। इससे पहले शुक्रवार को वित्त मंत्री ने बिल सदन में पेश किया था, मगर सदन की कार्रवाई स्थगित होने के कारण उन्हें बिल वापस लेना पड़ा।

आयकर बिल क्यों वापस लिया गया?
आयकर बिल वापस लेने के बाद सरकार ने कमेटी के सुझावों पर इसमें कुछ बदलाव किए हैं, जिसके बाद आज इसे फिर से सदन में पेश किया जाएगा। इसपर बात करते हुए संसदीय मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने कहा-
यह माना जा सकता है कि आयकर बिल अब पूरी तरह से नया होगा। इसपर काफी काम किया गया है। यह पुराने बिल से बिल्कुल अलग होगा।
लोकसभा चयन समिति की अध्यक्षता करने वाले बीजेपी नेता बैजयंत पांडा ने आयकर बिल में 285 सुझाव दिए हैं, जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया है। आयकर से जुड़े पुराने बिल को लेकर काफी कन्फ्यूजन है, इसलिए अब इसका नया वर्जन पेश किया जाएगा।

क्या बदलाव संभव?
बता दें कि सेलेक्ट कमेटी ने 21 जुलाई को आयकर बिल पर सुझाव पेश किए थे, जिन्हें नए बिल में शामिल किया गया है। इनमें कानून की भाषा को आसान बनाना, ड्राफ्टिंग, फ्रेज को सही तरीके से लगाने और क्रॉस रिफ्रेंसिंग जैसे बदलाव शामिल हो सकते हैं। आयकर बिल में पैनल ने कुछ बड़े बदलावों के सुझाव दिए थे।

1. टैक्स रिफंड
पिछले बिल में प्रावधान था कि अगर आयकर रिटर्न तय समयसीमा पर फाइल न किया गया तो रिफंड नहीं मिलेगा। पैनल ने इस प्रावधान को हटाने का सुझाव दिया था।

2. इंटर-कॉर्पोरेट डिविडेंड्स
आयकर अधिनियम का सेक्शन 80M के तहत कुछ कंपनियों को अंतर-कॉर्पोरेट लाभांश (Inter-Corporate Dividends) देने की बात करता है। शुक्रवार को पेश किए गए बिल में यह प्रावशान शामिल नहीं था, इस बिल को सरकार ने वापस ले लिया था।

3. शून्य TDS प्रमाण पत्र
आयकर बिल पर बनी कमेटी ने टैक्स जमा करने वालों को शून्य TDS प्रमाण पत्र (NIL TDS Certificate) देने का सुझाव दिया था।

नए आयकर बिल की 10 बड़ी बातें

  • नया बिल पुराने 1961 के आयकर कानून की जगह लेगा। ये आकार में लगभग आधा है और जटिलताओं को दूर करने वाला है।
  • इसमें सिर्फ 2.6 लाख शब्द और 536 धाराएं हैं, जबकि पुराने कानून में 5.12 लाख शब्द और 819 धाराएं थीं। अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी गई है।
  • नए टैक्स स्लैब: 0–4 लाख तक कोई टैक्स नहीं, 4–8 लाख पर 5%, 8–12 लाख पर 10%, 12–16 लाख पर 15%, 16–20 लाख पर 20%, 20–24 लाख पर 25% और 24 लाख से ऊपर 30% टैक्स लगेगा।
  • सेक्शन 87A के तहत छूट सीमा अब 60,000 हो गई है। इसकी वजह से 12 लाख तक की टैक्स योग्य आय वालों को टैक्स नहीं देना होगा।
  • अब सिर्फ ‘कर वर्ष’ (Tax Year) रहेगा, जिससे जिस साल आय अर्जित होगी उसी साल टैक्स देना होगा। इससे ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी।
  • निजी पेंशन योजनाओं में एकमुश्त निकासी पर अब सरकारी योजनाओं की तरह टैक्स छूट मिलेगी। पहले सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को इस राहत का फायदा मिलता था।
  • सारे छूट और रिफंड प्रावधान, जैसे टीडीएस/टीडीसीएस, अब सारणी में साफ दिए गए हैं ताकि करदाता को अधिक स्पष्टता मिले।
  • आईटीआर फाइलिंग के बाद भी बिना जुर्माना टीडीएस रिफंड क्लेम कर सकेंगे।
  • गैर-लाभकारी संगठनों व धार्मिक ट्रस्टों को मिलने वाले गुमनाम दान पर टैक्स छूट जारी रहेगी।
  • चयन समिति की 285 सिफारिशों को पूर्णतः बिल में शामिल किया गया। ये आम करदाता के लिए सीधा लाभदायक होगा।

 

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