इसरो ने रचा इतिहास, बाहुबली ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा में किया स्थापित ………..

इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने एक और छलांग लगाई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बाहुबली मिशन लॉन्च कर एक नया इतिहास रच दिया है. इसरो ने आज यानी बुधवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M6 रॉकेट द्वारा अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया. […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 24 दिसंबर 2025, 05:55 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
इसरो ने रचा इतिहास, बाहुबली ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा में किया स्थापित ………..
Photo: UB India News Archive

इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने एक और छलांग लगाई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बाहुबली मिशन लॉन्च कर एक नया इतिहास रच दिया है. इसरो ने आज यानी बुधवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M6 रॉकेट द्वारा अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह 6100 किलोग्राम वजनी सैटेलाइट LVM3 के इतिहास में लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सबसे भारी पेलोड है. इसरो ने इसका वीडियो भी जारी किया है. इसमें देखा जा सकता है कि कैसे इसरो आसमान में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. आप भी देखिए इसरो के बाहुबली ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट लॉन्च का लाइव पल.<br>ISRO Bluebird launched: इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन ने एक और छलांग लगाई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बाहुबली मिशन लॉन्च कर एक नया इतिहास रच दिया है. इसरो ने आज यानी बुधवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से LVM3-M6 रॉकेट द्वारा अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया. यह 6100 किलोग्राम वजनी सैटेलाइट LVM3 के इतिहास में लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में सबसे भारी पेलोड है. इसरो ने इसका वीडियो भी जारी किया है. इसमें देखा जा सकता है कि कैसे इसरो आसमान में नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है.

16 मिनट में 6100 किलो वजनी संचार उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया
यह लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 8:55 बजे हुई। इसरो के मुताबिक, करीब 16 मिनट की उड़ान के बाद संचार उपग्रह रॉकेट से अलग होकर लगभग 520 किलोमीटर की ऊंचाई पर पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया। यह मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और अमेरिका की AST स्पेसमोबाइल (AST and Science, LLC) के बीच हुए कॉमर्शियल समझौते का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर जताई खुशी
इसरो की सफल लॉन्चिंग पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया। जिसमें पीएम मोदी ने लिखा, ‘भारत के युवाओं की ताकत से, हमारा अंतरिक्ष कार्यक्रम ज्यादा आधुनिक और असरदार बन रहा है। LVM3 ने भरोसेमंद हैवी-लिफ्ट प्रदर्शन दिखाया है, जिससे हम गगनयान जैसे भविष्य के मिशन के लिए नींव मजबूत कर रहे हैं, कमर्शियल लॉन्च सेवाओं का विस्तार कर रहे हैं और वैश्विक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं। यह बढ़ी हुई क्षमता और आत्मनिर्भरता को मिला बढ़ावा आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बढ़िया है।’

क्यों खास है इसरो का ये मिशन?
इस सफल लॉन्चिंग की अहमियत ये है कि इससे कमर्शियल स्पेस सेक्टर में भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की पकड़ काफी मजबूत होगी। ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह का वजन लगभग 6,100 किलोग्राम है। यह पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित होने वाला भारत की धरती से लॉन्च होने वाला सबसे बड़ा और सबसे भारी वाणिज्यिक संचार उपग्रह भी है। भारत अपने एलवीएम3 लॉन्च व्हीकल के जरिए चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और वैश्विक स्तर पर सैटेलाइट इंटरनेट मुहैया कराने वाली- वन वेब के सैटेलाइट लॉन्चिंग मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे चुका है। वन वेब मिशन में इसरो ने एलवीएम से दो बार में कुल 72 सैटेलाइट्स पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित की थीं।

लॉन्च की गई सैटेलाइट क्यों है खास
ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह एक अगली पीढ़ी (नेक्स्ट जेन) की प्रणाली का हिस्सा है। अगर यह उपग्रह सही कक्षा में स्थापित हो जाता है और कंपनी के परीक्षण सफल होते हैं तो इसके जरिए 4जी और 5जी स्मार्टफोन पर सीधे सेल्युलर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी। उपभोक्ता को किसी अतिरिक्त एंटीना या कस्टमाइज्ड हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल सेलफोन को 4जी या 5जी नेटवर्क हासिल करने के लिए मोबाइल टावर की जरूरत होती है, लेकिन इस उपग्रह के सफल होने के बाद टावर का काम खत्म हो सकता है।

इस सैटेलाइट की मदद से दूरस्थ स्थानों जैसे पहाड़ी इलाकों, महासागरों और रेगिस्तानों तक मोबाइल सेवा पहुंच सकेगी और इन क्षेत्रों में 4जी-5जी नेटवर्क सुविधा पहुंचाना आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं आपदा की स्थिति में जब टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर तूफान, बाढ़, भूकंप, भूस्खलन या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं में तबाह हो जाते हैं, तब भी सैटेलाइट नेटवर्क बेहतर रहता है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
क्या स्पेसएक्स को टक्कर देने की तैयारी में चीन?
खास खबर

क्या स्पेसएक्स को टक्कर देने की तैयारी में चीन?

चीन ने पहली बार किसी रॉकेट के पहले हिस्से को जमीन पर सफलतापूर्वक वापस उतार लिया है। सरकारी मीडिया ने बुधवार को यह जानकारी दी। चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए इस तकनीक को विकसित कर रहा है। जमीन पर रॉकेट के पहले हिस्से को वापस उतारना चीन की पहली सफल कोशिश […]

UB India News19 अग॰
नासा-इसरो द्विपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्र में हुई अहम पहल………………
खास खबर

नासा-इसरो द्विपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्र में हुई अहम पहल………………

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को अपने मून बेस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देना भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ तो खैर है ही, यह इस बात की अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति भी है कि चंद्रमा पर मानव की दीर्घकालिक उपस्थिति की दिशा में किए जा रहे […]

UB India News13 अग॰
नए अंतरिक्ष युग की अगली बड़ी चुनौती उपग्रह विश्वसनीय रूप से काम करते रहें…………
अंतरिक्ष

नए अंतरिक्ष युग की अगली बड़ी चुनौती उपग्रह विश्वसनीय रूप से काम करते रहें…………

पृथ्वी की कक्षा में भीड़ बढ़ रही है। अभी हमारे ग्रह (पृथ्वी) के चारों ओर लगभग 16,000 सैटेलाइट (उपग्रह) घूम रहे हैं, जो जीपीएस नेविगेशन और मौसम की भविष्यवाणी से लेकर बैंकिंग, इमरजेंसी सेवाओं और इंटरनेट संचार तक, हर चीज में मदद करते हैं। हर कुछ हफ्तों में कई नए सैटेलाइट लॉन्च किए जाते हैं। […]

UB India News9 अग॰
मंगल, चांद, सूरज और समुद्र… विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत ने अंतरिक्ष में गाड़े झंडे
खास खबर

मंगल, चांद, सूरज और समुद्र… विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के साथ भारत ने अंतरिक्ष में गाड़े झंडे

भारत ने मंगल और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यान भेजे हैं, सैकड़ों उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया है और अब अपना पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च कर दिया है। भारत की स्पेस इकॉनमी 8.4 अरब डॉलर की है। 2020 में इस सेक्टर के लिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट खुलने के बाद से ये […]

UB India News18 जुल॰
भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:450 किमी ऊपर कक्षा में पहुंचा; पीएम मोदी ने फोन पर बधाई दी
अंतरिक्ष

भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च कामयाब:450 किमी ऊपर कक्षा में पहुंचा; पीएम मोदी ने फोन पर बधाई दी

भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. शनिवार (18 जुलाई) को स्काईरूट एयरोस्पेस के ikram-1 रॉकेट की श्रीहरिकोटा से सफल लॉन्चिंग हुई. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काइरूट एयरोस्पेस की टीम को फोन कर बधाई दी. उन्होंने इसे देश के बढ़ते स्पेस सेक्टर की बड़ी सफलता बताया. […]

UB India News18 जुल॰
इसरो से पलायन के बीच नियमों की कठोरता बस तात्कालिक उपाय हैं!
खास खबर

इसरो से पलायन के बीच नियमों की कठोरता बस तात्कालिक उपाय हैं!

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों और अभियंताओं के बढ़ते पलायन के बीच अंतरिक्ष विभाग द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति और इस्तीफे के नियमों को कठोर बनाने का निर्णय यह स्पष्ट संकेत है कि देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती केवल नई तकनीकों का विकास नहीं, बल्कि उन प्रतिभाशाली लोगों को संस्थान […]

UB India News18 जुल॰
अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे
अंतरिक्ष

अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन दो रूसी सहयोगियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे

भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन मंगलवार को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हुए। रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण मंगलवार को हुआ। उनका अंतरिक्ष यान तय कक्षा में पहुंच गया। उनके अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में बुधवार तड़के पहुंचने की संभावना है। वह रूस […]

UB India News15 जुल॰
14 जुलाई को डॉ अनिल मेनन स्पेस स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान………………….
अंतरिक्ष

14 जुलाई को डॉ अनिल मेनन स्पेस स्टेशन के लिए भरेंगे उड़ान………………….

भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 14 जुलाई को कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए आठ महीने के मिशन पर रवाना होंगे। इस मिशन के दौरान वह कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे, जो भविष्य में चंद्रमा और मंगल जैसे गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद उपयोगी साबित […]

UB India News10 जुल॰
ISRO ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया
अंतरिक्ष

ISRO ने सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा है कि सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (PHTA) का सफल हॉट टेस्ट देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने बताया कि अब ISRO पूरे इंजन के परीक्षण की तैयारी कर रहा है। नारायणन […]

UB India News27 जून