दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आज सोमवार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में उनका अंतिम संस्कार होगा। आशा ताई के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर तमाम फिल्मी कलाकारों और राजनेताओं का आना-जाना लगा हुआ है। गायिका को राजकीय सम्मान दिया गया है। सफेद और पीले रंग के पुष्पों से उनका मोक्ष रथ सजाया गया है।
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आशा भोसले के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा
मुंबई स्थित आवास पर लोग महान गायिका आशा भोसले को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे से लपेटा गया। राजकीय सम्मान के साथ आज आशा भोलसे का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने पहुंचे सितारे
दिग्गज गायिका आशा भोसले, जिनका 12 अप्रैल को निधन हो गया। उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए जानी-मानी एक्ट्रेस विद्या बालन और उर्मिला मातोंडकर पहुंचीं। दोनों फिल्म और संगीत जगत के कई अन्य सदस्यों के साथ दुख में शामिल हुईं, ताकि वे अपनी अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर सकें।
क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर ने मुंबई स्थित आशा भोसले के आवास पर जाकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। आशा भोसले का कल मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सचिन तेंदुलकर के बाद रितेश देशमुख भी आशा भोसले के घर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले आनंद भोसले से मुलाकात की और फिर आशा जी को श्रद्धांजलि दी। एक दूसरे वीडियो में एक्टर को जनाई भोसले और भोसले परिवार से बात करते देखा जा सकता है।
संगीत के दिग्गज ए.आर. रहमान आशा भोसले के आवास पर उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। सोशल मडिया पर उनका वीडीयो सामने आया है, जिसमें वह दुखी लग रहे हैं।
संजय नार्वेकर की मुरीद थीं आशा ताई
वीडियो में देखा जा सकता है कि ढलती उम्र और गिरती सेहत के बावजूद आशा ताई के चेहरे पर वही पुरानी चमक और मुस्कान थी. इस नाटक में ‘वास्तव‘ में डेढ़ फूट्या का किरदार निभाने वाले एक्टर संजय नार्वेकर मुख्य भूमिका निभा रहे थे. नाटक खत्म होने के बाद जब आशा भोसले को मंच पर आमंत्रित किया गया, तब उन्होंने बड़े ही सरल और मजाकिया अंदाज में अपनी बात रखी.
उन्होंने कहा, “मैं संजय के काम की बहुत बड़ी फैन हूं. वे जब बोलते हैं, तो उनकी आवाज़ में एक गजब का ठहराव और कंट्रोल होता है. वे चिल्लाते नहीं हैं, लेकिन उनकी बात सीधे दिल तक पहुंचती है.” उन्होंने ये भी शेयर किया कि वे कई सालों बाद घर से बाहर कोई नाटक देखने निकली थीं.”
डर गए थे संजय नार्वेकर
मंच पर बोलते हुए आशा ताई ने एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया. उन्होंने बताया, “मैंने किसी से संजय का नंबर लिया और उन्हें फोन किया. मैंने उनसे कहा कि मैं आपसे मिलना चाहती हूं. संजय घबरा गए, उन्हें लगा कि आशा ताई ने अचानक फोन क्यों किया? मैं तो गाना भी नहीं गाता, फिर क्या बात होगी? लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं बस एक प्रशंसक के नाते उनसे मिलना चाहती हूं.” इस दौरान उन्होंने कहा था कि एक समय पर उन्होंने बहुत सारे नाटक देखे थे. लेकिन अब सालों बाद ये उनका पहला नाटक था, साथ ही उन्होंने दर्शकों के सामने ये भी कहा था कि आगे से वो जरूर नाटक देखने आएंगी, लेकिन उनका ये वादा अधूरा रह गया. ‘भ्रमाचा भोपला’ उनका देखा हुआ आखिरी नाटक साबित हुआ.
पर्दे के पीछे छिपी थी एक गहरी विदाई
इस वीडियो को आज जब फैंस देख रहे हैं, तो उनकी आंखें नम हैं. वीडियो में आशा ताई ने वादा किया था कि वे अब अक्सर नाटक देखने आया करेंगी, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी सार्वजनिक झलक होगी. व्हाइट साड़ी और पिंक शॉल में लिपटी आशा ताई उस दिन मंच पर एक कलाकार नहीं, बल्कि एक उत्साही दर्शक बनकर आई थीं.
एक युग का अंत
आशा भोंसले ने अपने करियर में 12,000 से अधिक गाने गाए. ‘दम मारो दम’ से लेकर ‘इन आंखों की मस्ती’ तक, उनकी रेंज का कोई मुकाबला नहीं था. लता दीदी के जाने के बाद वे मंगेशकर परिवार का सबसे मजबूत स्तंभ थीं. आज जब उनकी सुरीली आवाज खामोश हो गई है, तब दीनानाथ मंगेशकर थिएटर की वे खाली कुर्सियां शायद आज भी उनकी उस आखिरी मुस्कान को याद कर रही होंगी.








