दुनिया भर में एनर्जी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू ग्राहकों को किसी भी तुरंत असर से काफी हद तक बचाकर रखा है. हालांकि, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.
यह बढ़ोतरी 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के ठीक दो दिन बाद हुई है; इन चुनावों का आखिरी चरण 29 अप्रैल को बंगाल में संपन्न हुआ. घरेलू LPG और लोकल एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें जस की तस हैं. इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में 5 परसेंट की बढ़ोतरी की गई है.
पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें भी स्थिर रखी गई हैं. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के अनुसार, आम जनता पर असर डालने वाले मुख्य ईंधनों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. तेल कंपनियों ने इनपुट की बढ़ी हुई लागत को खुद वहन करने का फैसला लिया है, जिसमें घरेलू एयरलाइनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ATF की लागत भी शामिल है.
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए ATF और कुछ औद्योगिक ईंधनों की कीमतों में वैश्विक मानकों के अनुरूप बढ़ोतरी की गई है. इधर, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी 1 मई से प्रभावी है. दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 3,071.50 रुपये हो गई है.
क्या अब बढ़ेगी महंगाई?
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी बढ़ोतरी से मंहगाई बढ़ना लगभग तय है. इसका असर आपकी जेब पर पड़ेगा. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फ़ूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Eternal ने अपनी हालिया अर्निंग्स कॉल में कहा कि भारत के कुछ हिस्सों में हाल ही में हुई LPG की कमी का अब तक उसकी ग्रोथ या मुनाफे पर कोई खास असर नहीं पड़ा है. लोकल लेवल पर सप्लाई कम होने के बावजूद उनके प्लेटफॉर्म पर मांग स्थिर बनी हुई है.
मौजूदा तिमाही में संभावित असर के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कंपनी के फाउंडर Deepinder Goyal ने कहा कि हालांकि, प्रभावित इलाकों में कुछ रेस्टोरेंट को सप्लाई से जुड़ी कुछ अस्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन प्लेटफॉर्म के स्तर पर कुल मिलाकर कारोबार बिना किसी रुकावट के चलता रहा. उन्होंने कहा, ”अभी तक कोई खास असर नहीं पड़ा है.”
क्या होगा असर?
- कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से रेस्टोरेंट्स, ढाबों और होटलों में खाने पकाने पर खर्च बढ़ जाएगा. इससे थाली और स्नैक्स के दाम बढ़ सकते हैं.
- शादियों के इस सीजन में इस बढ़ाेतरी से मिठाइयों और बेकरी आइटम्स बनाने में खर्च अधिक बैठने से आपकी पहले के मुकाबले केक, बिस्किट्स पर अधिक कीमत अदा करनी पड़ेगी.
- ऑफिस आने-जाने वालों और स्टूडेंट्स के लिए टिफिन सर्विस पर खर्च बढ़ सकता है.
- चाय-समोसे से लेकर चाट-पकौड़े तक के दाम बढ़ सकते हैं क्योंकि लागत बढ़ने से छोटे वेंडर्स या तो कीमतें बढ़ा सकते हैं या मात्रा कम कर सकते हैं.








