शेयर बाजार में ‘AI’ का महायुद्ध: एंथ्रोपिक और ओपनएआई के मेगा आईपीओ से कैसे बदलेगी दुनिया?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया अब सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कैपिटल मार्केट यानी शेयर बाजार का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुकी है। चैटजीपीटी बनाने वाली ओपनएआई और क्लॉउड चैटबॉट बनाने वाली एंथ्रोपिक अब इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक पेशकश) की रेस में आमने-सामने हैं। आइए 10 आसान सवालों के […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 2 जून 2026, 08:50 AM 5 मिनट read
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शेयर बाजार में ‘AI’ का महायुद्ध: एंथ्रोपिक और ओपनएआई के मेगा आईपीओ से कैसे बदलेगी दुनिया?
Photo: UB India News Archive

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया अब सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कैपिटल मार्केट यानी शेयर बाजार का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुकी है। चैटजीपीटी बनाने वाली ओपनएआई और क्लॉउड चैटबॉट बनाने वाली एंथ्रोपिक अब इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ (आरंभिक सार्वजनिक पेशकश) की रेस में आमने-सामने हैं। आइए 10 आसान सवालों के जरिए समझते हैं कि एआई की यह मेगा रेस निवेशकों, टेक जगत और हमारी दुनिया को कैसे बदलने वाली है।

सवाल: आखिर एआई की दुनिया में शेयर बाजार को लेकर अचानक क्या भूचाल आ गया है?
जवाब: एआई की दुनिया की दिग्गज कंपनी एंथ्रोपिक ने सोमवार को गोपनीय रूप से अपने आईपीओ के लिए आवेदन कर दिया है। इसके साथ ही, ओपनएआई और एलन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स भी इसी साल अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। इन कंपनियों के पब्लिक होने से वॉल स्ट्रीट पर निवेश की एक बहुत बड़ी सुनामी आने की उम्मीद है।

सवाल: यह एंथ्रोपिक कौन है और इसने मार्केट में इतनी हलचल क्यों मचा दी है?

जवाब: एंथ्रोपिक की शुरुआत 2021 में सैन फ्रांसिस्को में हुई थी। इसके चीफ एग्जीक्यूटिव डारियो अमोदेई और उनकी टीम के कई रिसर्चर पहले ओपनएआई में ही काम करते थे। आज यह कंपनी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एआई स्टार्टअप्स में से एक है, जिसने बाजार में तहलका मचा रखा है।सवाल: एंथ्रोपिक बनाम ओपनएआई: आखिर नंबर वन की रेस में कौन आगे है?

जवाब: फिलहाल वैल्यूएशन और कमाई के मोर्चे पर एंथ्रोपिक ने ओपनएआई को पछाड़ दिया है। हाल ही में 65 बिलियन डॉलर की नई फंडिंग के बाद एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन 965 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है, जबकि ओपनएआई की पिछली वैल्यूएशन 730 बिलियन डॉलर थी। ‘रेवेन्यू रन रेट’ (भविष्य की अनुमानित आय) के मामले में भी एंथ्रोपिक मई में 47 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुकी है।

सवाल: एंथ्रोपिक ने ऐसा क्या बनाया है जो वो ओपनएआई को भी पछाड़ रही है?
जवाब: जहां ओपनएआई और अन्य कंपनियों ने ब्राउजर और इमेज जनरेशन जैसे कई प्रोडक्ट बनाए, वहीं एंथ्रोपिक ने अपना पूरा फोकस सिर्फ ‘सॉफ्टवेयर कोडिंग’ पर रखा। उनके नए मॉडल Claude Opus 4.5 ने कोडिंग के क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल किया है, जिसके चलते बिजनेस कस्टमर्स तेजी से इसे खरीद रहे हैं।

सवाल: क्या सरकारें और सेना भी एंथ्रोपिक की इस तकनीक से घबरा रही हैं?

जवाब: जी हां। एंथ्रोपिक अपनी तकनीक के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर बहुत सख्त है। कंपनी ने सैन्य उपयोग पर कुछ सीमाएं लगानी चाहीं, जिसके कारण अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने अपने सिस्टम में एंथ्रोपिक की तकनीक को बैन कर दिया। कंपनी के नए सिक्योरिटी मॉडल ‘मायथोज’ को लेकर खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हैं और इसके सीईओ को हाल ही में व्हाइट हाउस जाना पड़ा था।

सवाल: इन कंपनियों के पास निवेशकों के अरबों डॉलर आ रहे हैं, तो ये पैसा खर्च कहां हो रहा है?
जवाब: एआई मॉडल को चलाने के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है। एआई सॉफ्टवेयर की बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए कंपनियों को माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और गूगल जैसी कंपनियों से भारी मात्रा में कंप्यूट पावर खरीदनी पड़ती है, और जुटाया गया अधिकतर पैसा इसी की लागत चुकाने में जा रहा है।

सवाल: स्पेस और एआई का इस पूरी रेस में क्या कनेक्शन है?
जवाब: यह रेस का सबसे दिलचस्प पहलू है। एंथ्रोपिक ने एलन मस्क की कंपनी स्पेकएक्स के साथ एक बड़ी डील की है। इसके तहत एंथ्रोपिक मेम्फिस में मौजूद स्पेसएक्स के ‘Colossus 1’ डेटा सेंटर के 2,20,000 एआई चिप्स का इस्तेमाल करेगी। यह साझेदारी भविष्य में अंतरिक्ष में एआई डेटा सेंटर बनाने का रास्ता भी खोल सकती है।

सवाल: इस आईपीओ रेस का शेयर बाजार और निवेशकों पर क्या असर होगा
जवाब: इन आईपीओ से कर्मचारियों और निवेशकों के पास अपार दौलत आएगी। दिलचस्प बात यह है कि स्पेसएक्स के 50% मालिक एलन मस्क दुनिया के पहले ‘ट्रिलियनेयर’ बन सकते हैं। इसके अलावा, ओपनएआई और एंथ्रोपिक दोनों ने अपने शेयरों का बड़ा हिस्सा दान करने का वादा किया है, जिससे सामाजिक संस्थाओं को भारी फंड मिलेगा।

सवाल: क्या इन कंपनियों में निवेश करना पूरी तरह से सुरक्षित है?

जवाब: डॉयचे बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। जब ये कंपनियां पब्लिक मार्केट में उतरेंगी और अपने वित्तीय खाते दुनिया के सामने रखेंगी, तभी पता चलेगा कि इनका बिजनेस मॉडल असल में कितना टिकाऊ है।

सवाल: आगे क्या होने वाला है? इन कंपनियों के आईपीओ कब तक आएंगे?
जवाब: स्पेसएक्स का आईपीओ इसी महीने आने की उम्मीद है, जबकि ओपनएआई आने वाले कुछ हफ्तों में आईपीओ की अर्जी दाखिल कर सकती है। वहीं, एंथ्रोपिक का आईपीओ बाजार के हालात के आधार पर इस साल के अंत तक आ सकता है। आने वाले कुछ महीने तय करेंगे कि वॉल स्ट्रीट का असली एआई चैंपियन कौन बनता है।

अब आगे का आउटलुक
एआई की क्रांति अब सिर्फ सिलिकॉन वैली के कोड्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल कैपिटल मार्केट के नए वित्तीय समीकरण लिख रही है। एंथ्रोपिक का कोडिंग फोकस और ओपनएआई का एग्रेसिव विस्तार ट्रिलियन डॉलर की एक ऐसी लड़ाई को शक्ल दे रहा है, जो आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई दिशा तय करेगा।

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