पटना के गांधी मैदान में धू-धू कर जले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद….

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में परंपरागत तरीके से रावण का दहन किया गया। गांधी मैदान में मंच पर राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहे। ध्यान रहे कि इस बार रावण दहन के कार्यक्रम में कई तरह के बदलाव किए गए थे। रावण को राजस्थानी लुक […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 13 अक्टूबर 2024, 05:49 AM 6 मिनट read
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पटना के गांधी मैदान में धू-धू कर जले रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद….
Photo: UB India News Archive

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में परंपरागत तरीके से रावण का दहन किया गया। गांधी मैदान में मंच पर राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मौजूद रहे। ध्यान रहे कि इस बार रावण दहन के कार्यक्रम में कई तरह के बदलाव किए गए थे। रावण को राजस्थानी लुक दिया गया था। उसे मैथिली टच भी दिया गया था। पिछले साल की तुलना में इस बार रावण की विशालता 10 फीट ज्यादा थी। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और डिप्टी सीएम ने तीर चलाकर रावण दहन किया।

गत वर्ष राजधानी पटना का रावण 70 फीट ऊंचा था। इस बार उसे अस्सी फीट का बनाया गया था। बिहार में प्रदूषण के स्तर को ध्यान में रखते हुए रावण दहन कार्यक्रम को इको फ्रेंडली रखने का निर्णय लिया गया था। आयोजकों की ओर से रावण दहन कार्यक्रम में अमोनियम फ्री पटाखे का इस्तेमाल किया गया था। रावण दहन के दौरान 45 मिनट तक आतिशबाजी होती रही। रावण के साथ-साथ उनके दोनों भाई मेघनाद और कुंभकर्ण भी धू-धू कर जले।

20 लाख का रावण

कुंभकर्ण और मेघनाद की ऊंचाई 75 फीट रखी गई थी। 10 से ज्यादा कारीगरों ने पुतलों को अंतिम रूप दिया था। रावण दहन का कार्यक्रम शाम पांच बजे शुरू हुआ। इस साल पुतले में तीन सौ से ज्यादा बम और चकरी बम लगाए गए थे। इसके अलावा 240 शॉट वाले दो सेट स्काई शॉट लगाए गए थे। 10 हजार पटाखों वाला रावण पूरी तरह विशालकाय और डरावना दिख रहा था। रावण के पुतलों में 100 से ज्यादा बम, मेघनाद, कुंभकर्ण और अशोक वाटिका में 50 से अधिक बम के साथ नाभि पर चकरी लगाई गई थी। पुतलों पर कुल खर्च बीस लाख से ज्यादा का आया था।

औरंगाबाद में रावण दहन

विजयदशमी के मौके पर औरंगाबाद में भी रावण वध किया गया । मुख्य आयोजन शहर के गांधी मैदान में हुआ। बड़ी संख्या में शहरवासी, प्रबुद्धजनों के अलावा जिला प्रशासन से जुड़े सभी अधिकारी मौजूद थे। मौके पर पहुंचे पूर्व सांसद और सदर विधायक के साथ डीएम एसपी नगर अध्यक्ष ने राम, सीता , लक्ष्मण और हनुमान को तिलक लगाया। बाद में राम ने अपने तीर रावण पर चला दिये और रावण का दहन हो गया।

नवादा में रावण दहन

नवादा के हरिश्चंद्र स्टेडियम में असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व के अवसर पर रावण वध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रावण वध कार्यक्रम को देखने के लिए करीब 50 हजार की संख्या में श्रद्धालु हरिश्चंद्र स्टेडियम में जुटे थे। जिसका उद्घाटन लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी श्रवण कुशवाहा द्वारा किया गया। इसके पूर्व चक्रवर्ती सम्राट दुर्गा पूजा समिति की ओर से श्रवण कुशवाहा को धातु से बने मां दुर्गा की प्रतिमा भेंट की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था।

बेगूसराय में रावण दहन

बेगूसराय में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयदशमी के मौके पर 50 फीट का रावण और 50 फीट का कुंभकरण का दहन किया गया। बरौनी फर्टिलाइजर टाउनशिप के मैदान में 50 फीट का रावण और 50 फीट का कुंभकर्ण को जलाया गया। उर्वरक नगर बरौनी फर्टिलाइजर के मैदान में भारतेश्वर मंदिर दुर्गा पूजा समिति ने रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया।

मुजफ्फरपुर में रावण दहन

दशहरे के दिन रावण का पुतला जलाने को रावण दहन कहते हैं। रावण को बुराई और अहंकार का प्रतीक माना जाता है। दशहरे के दिन रावण दहन करने के बाद उसकी राख को घर लाने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। पर राख को लाने में भीषण दुर्घटना भी हो सकती है। कुछ ऐसा ही हादसा मुजफ्फरपुर के मुसहरी प्रखंड के मनिका मन में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में हो सकता था। जलते हुए रावण को लोग लूटने लगे। बाद में किसी तरह बीच बचाव किया गया। हालांकि कोई आग से हताहत नहीं हुआ।

 

पटना के गांधी मैदान में रावण वध समारोह में राज्यपाल आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए. पूरे हर्षो उल्लास के साथ रावण दहन कार्यक्रम संपन्न हुआ.

Ravana Vadh program: पटना के गांधी मैदान में रावण वध समारोह में राज्यपाल आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए. पूरे हर्षो उल्लास के साथ रावण दहन कार्यक्रम संपन्न हुआ.

पटना में रावण दहन कार्यक्रम

पटना में विजयादशमी के मौके पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में दीप प्रज्वलित कर रावणवध समारोह-2024 का विधिवत उद्घाटन किया. इस मौके पर एनडीए के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे.
पटना में विजयादशमी के मौके पर राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में दीप प्रज्वलित कर रावणवध समारोह-2024 का विधिवत उद्घाटन किया. इस मौके पर एनडीए के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे.
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी के मौके पर दशहरा कमिटी ट्रस्ट के जरिए आयोजित इस रावण दहन कार्यक्रम में सबसे पहले आयोजकों ने नीतीश कुमार का स्वागत किया. उनहें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं धार्मिक पुस्तक भेंट की गई.
बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व विजयादशमी के मौके पर दशहरा कमिटी ट्रस्ट के जरिए आयोजित इस रावण दहन कार्यक्रम में सबसे पहले आयोजकों ने नीतीश कुमार का स्वागत किया. उनहें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं धार्मिक पुस्तक भेंट की गई.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मौजूद अथितियों ने गुब्बारा उड़ाकर राज्य में शांति एवं सौहार्द्र कायम रखने का संदेश दिया. इसके बाद सीएम  ने श्री राम एवं श्री लक्ष्मण के स्वरूप को तिलक लगाकर उनकी आरती की.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मौजूद अथितियों ने गुब्बारा उड़ाकर राज्य में शांति एवं सौहार्द्र कायम रखने का संदेश दिया. इसके बाद सीएम ने श्री राम एवं श्री लक्ष्मण के स्वरूप को तिलक लगाकर उनकी आरती की.
इस बार जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में कुल 13 गेट में आठ गेट सिर्फ आम जनता के आने-जाने के लिए खोले थे. पिछले 20 दिनों से रावण वध की तैयारी में लोग लगे हुए थे, पूरे कार्यक्रम की निगरानी 128 सीसीटीवी कैमरे से रखी गई थी. इसके अलावा गांधी मैदान में 13 वॉच टावर बनाए गए थे.
इस बार जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में कुल 13 गेट में आठ गेट सिर्फ आम जनता के आने-जाने के लिए खोले थे. पिछले 20 दिनों से रावण वध की तैयारी में लोग लगे हुए थे, पूरे कार्यक्रम की निगरानी 128 सीसीटीवी कैमरे से रखी गई थी. इसके अलावा गांधी मैदान में 13 वॉच टावर बनाए गए थे.
इसके बाद बारी-बारी से बुराई के प्रतीक कुंभकरण, मेघनाद एवं रावण का पुतला दहन किया गया. इस बार रावण का पुतला 80 फीट, जबकि कुंभकरण का पुतला 70 फीट और मेघनाथ का पुतला 55 फीट ऊंचा बनया गया था .इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ते इंतजामात किए गए थे.
इसके बाद बारी-बारी से बुराई के प्रतीक कुंभकरण, मेघनाद एवं रावण का पुतला दहन किया गया. इस बार रावण का पुतला 80 फीट, जबकि कुंभकरण का पुतला 70 फीट और मेघनाथ का पुतला 55 फीट ऊंचा बनया गया था .इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ते इंतजामात किए गए थे.
दशहरा कमेटी ट्रस्ट की ओर से  गांधी मैदान में 1955 से लगातार रावण वध का कार्यक्रम हो रहा है. ये 69वां साल है. बीच में तीन बार रावण वध नहीं हुआ था.
दशहरा कमेटी ट्रस्ट की ओर से गांधी मैदान में 1955 से लगातार रावण वध का कार्यक्रम हो रहा है. ये 69वां साल है. बीच में तीन बार रावण वध नहीं हुआ था.
रावण वध पर हर वर्ष हजारों लोग गांधी मैदान पहुंचते  और कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं. यहां सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था पुलिस प्रशासन की ओर से होती है. पूरी सावधानी के साथ पुतला दहन किया जाता है.
रावण वध पर हर वर्ष हजारों लोग गांधी मैदान पहुंचते और कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं. यहां सुरक्षा की भी पूरी व्यवस्था पुलिस प्रशासन की ओर से होती है. पूरी सावधानी के साथ पुतला दहन किया जाता है.
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