मूर्ति विसर्जन के दौरान दो समुदाय आमने-सामने आए…पत्थर चले…फायरिंग में 22 साल के युवक की मौत हो गई… गोपाल मिश्रा की मौत के बाद पब्लिक गुस्से में है…आज भी बहराइच में जबरदस्त बवाल चल रहा है…हजारों की भीड़ लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतरी है…भीड़ का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है…
उत्तर प्रदेश के बहराइच में हालात बेकाबू हो गए हैं। हजारों की भीड़ ने अस्पताल में आग लगा दी। कई शोरूम-दुकानों को फूंक दिया। भीड़ को देखकर पुलिस को पीछे हटना पड़ा। आसपास के जिलों से और फोर्स बुलाई गई है। हिंसा प्रभावित इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
रविवार को हरदी इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने को लेकर दूसरे समुदाय से विवाद हो गया था। इस दौरान हिंसा भड़क गई। पथराव-आगजनी के साथ 20 राउंड से ज्यादा फायरिंग हुई। इसमें 22 साल के राम गोपाल मिश्रा की मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम के बाद सुबह शव घर पहुंचा तो 5-6 हजार की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने शव को लेकर करीब 5 किमी तक यात्रा निकाली। पुलिस ने समझाया तो परिवार शव को घर ले गया, लेकिन लोग वहां से नहीं हटे। भीड़ ने आगजनी शुरू कर दी।
बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समुदाय से लोग आएं, बैठकर बात करें, तभी समाधान निकलेगा।
क्या है मामला?
रेहुआ मसूर गांव के लोग मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर विसर्जन के लिए जा रहे थे। इस बीच दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने डीजे की तेज आवाज को लेकर शिकायत की और तनाव बढ़ गया। मामला बढ़ने पर पत्थरबाजी होने लगी और आगजनी भी हुई। इस दौरान पुलिसकर्मी हालात काबू में नहीं कर सके और हालात बिगड़ते गए। पत्थरबाजी और आगजनी के बाद गोलीबारी भी हुई, जिसमें 22 साल के राम गोपाल मिश्रा घायल हुए और अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। राम गोपाल की मौत के बाद मामला और बढ़ गया है। हजारों की संख्या में गांव के लोग उनका शव लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथ में लाठी-डंडे भी हैं। उन्होंने अस्पताल और शो रूम में आगजनी की है। घरों को भी आग के हवाले किया गया है और कारों में भी आग लगाई गई है।
पुलिस प्रशासन लाचार
धरना प्रदर्शन के लिए निकले लोगों की तुलना में पुलिसकर्मियों की संख्या बेहद कम है। लिहाजा पुलिस हालात को काबू करने की स्थिति में नहीं है। हालांकि, इस मामले में 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और एफआईआर भी हो चुकी है, जिसमें छह नामजद आरोपी हैं। योगी आदित्यनाथ ने हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कहते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी बहराइच हिंसा पर नजर रखे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह यूपी के पुलिस प्रमुख (DGP) से पूरे मामले पर अपडेट ले रहे हैं। यही नहीं, लखनऊ के अफसरों को निर्देश दिया गया है कि वह तुरंत बहराइच पहुंचे।
बहराइच के हिंसा प्रभावित इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया है। हालांकि, अफसरों ने इस बारे में कोई जानकारी दी। लेकिन, महसी, हरदी तहसील पर इंटरनेट काम नहीं कर रहा है।
विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों ने बताया कि भगदड़ के दौरान दूसरे समुदाय के लोग विसर्जन में शामिल रेहुवा मंसूर निवासी रामगोपाल मिश्रा (24) को घसीट कर अपने घर में ले गए। वहां उसकी पिटाई की और उसे कई गोलियां मारी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसे बचाने पहुंचा उसके गांव का युवक राजन (28) भी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने रामगोपाल को मृत घोषित कर दिया। राजन को भर्ती कर लिया गया है।
इसके अलावा सुधाकर तिवारी (45), सत्यवान (40), अखिलेश वाजपेयी (55) विनोद मिश्रा (60), लाल विश्वकर्मा (55) समेत 12 से अधिक लोग घायल हो गए। अधिकांश लोग निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।








