संभल में 46 साल बाद खुले शिव मंदिर में दूसरे दिन भी गूंजे आरती के स्वर

उत्तर प्रदेश स्थित संभल के खग्गू सराय में 46 साल बाद खुले मंदिर में पहले महादेव की प्रतिमा मिली थी. अब वहां खुदाई के दौरान मां पार्वती की खंडित प्रतिमा मिली है. हालांकि इस प्रतिमा को पुलिस अपने साथ लेकर चली गई है. इस बीच मंदिर खुलने की ख़बर मिलने के बाद बड़ी संख्या में […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 16 दिसंबर 2024, 06:37 AM 5 मिनट read
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संभल में 46 साल बाद खुले शिव मंदिर में दूसरे दिन भी गूंजे आरती के स्वर
Photo: UB India News Archive

उत्तर प्रदेश स्थित संभल के खग्गू सराय में 46 साल बाद खुले मंदिर में पहले महादेव की प्रतिमा मिली थी. अब वहां खुदाई के दौरान मां पार्वती की खंडित प्रतिमा मिली है. हालांकि इस प्रतिमा को पुलिस अपने साथ लेकर चली गई है. इस बीच मंदिर खुलने की ख़बर मिलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन करने यहां पहुंच रहे हैं. मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं का तांता लग गया है.

संभल में आज सोमवार के दिन शिव मंदिर के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. भक्तों ने जल अभिषेक और पूजा अर्चना की. इस बीच मंदिर के पास बने कुएं भी खुदाई की गई, जिसमें माता पार्वती की दो मूर्तियां मिलीं हैं. ये मूर्तियां कुएं की खुदाई के दौरान 20 फीट गहरे गड्ढे में से मिली हैं. ये कुआं मंदिर के पास ही स्थित हैं. ये कुआं तीस फ़ीट गहरा बताया जा रहा है. कुएं की खुदाई अब भी की जा रही है. इस कुएं से कुछ देर बाद भगवान गणेश की मूर्ति भी निकलने की बात सामने आई है.

पुलिस ने कब्जे में लीं मूर्तियां
माता पार्वती की मूर्तियां मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया और मूर्तियों को फिलहाल अपने साथ ले गए हैं. पुलिस का कहना है कि वो इन मूर्तियों को सरकारी खजाने में जमा करवाएगी. वहीं मंदिर के आसपास के इलाके की अब भी जांच पड़ताल की जा रही है. मंदिर की साफ सफाई और पूजा अर्चना के बीच इलाके में अतिक्रमण पर भी बुलडोजर का एक्शन जारी है.

मंदिर खुलने के बाद आसपास के इलाके में श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह दिखाई दे रही है. बड़ी संख्या में आज भक्त मंदिर में बाबा भोलेनाथ के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं. महादेव के दर्शन करने आई एक श्रद्धालु ने कहा कि हम मंदिर के खुलने से बहुत ख़ुश हैं. हमारे दिल को इससे बहुत खुशी मिली है. ये हमारा बहुत पुराना मंदिर हैं. एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वो सालों पहले यहां पूजा अर्चना के लिए आती थी.

इससे पहले संभल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान इस मंदिर का पता चला था. जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने यहां की साफ-सफाई करके मंदिर में पूजा अर्चना शुरू कराई. इस मंदिर को प्राचीन संभलेश्वर मंदिर का नाम दिया गया है.

मंदिर और कुएं की होगी कार्बन डेटिंग

सांसद और विधायक के इलाके में कार्रवाई जारी है तो इधर 46 साल बाद मिले शिव मंदिर में पूजा शुरू कर दी गई है। संभल के डीएम ने ASI को चिट्ठी लिख कर मंदिर और कुएं की कार्बन डेटिंग करने की मांग की है जिससे कि शिवलिंग और मूर्तियों के सही समय का पता लगाया जा सके। तो वहीं 46 साल पहले मंदिर को अतिक्रमण का शिकार बनाने वालों की भी पहचान की जा रही है।

मंदिर परिसर में मिले कुएं की खुदाई जारी  

संभल में शिव मंदिर मिलने के दूसरे दिन आज सुबह की पूजा आरती की गई तो सोमवार होने के कारण आस-पास के हिंदू शिव मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। मंदिर की सुरक्षा में पुलिस तैनात है। शिव मंदिर पर प्राचीन महादेव मंदिर लिख दिया गया है तो इधर मंदिर परिसर में मिले कुएं की खुदाई भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कुआं तीस फीट गहरा है लेकिन अबतक 15 फीट की खुदाई की जा चुकी है।

मंदिर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर सीसीटीवी 

इधर मंदिर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं। मंदिर के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर 4 सीसीटीवी लगा दिए गए हैं। गली को और चौड़ा करने के लिए अवैध कब्जे तोड़ने की मोहलत दी गई है। अगर उन्होंने हफ्ते भर में नहीं तोड़े तो बुलडोजर तोड़ेगा और खर्चा भी उन्हीं से वसूला जाएगा। संभल के मुस्लिम मोहल्लों में पहले कभी GST की टीम घुसने की हिम्मत नहीं कर पाई। बिजली चोरों को पकड़ने की हिम्मत बिजली विभाग की टीम नहीं कर पाई लेकिन अब क्या आम क्या खास, सभी पर एक जैसे एक्शन हो रहे हैं।

बता दें कि संभल के नखासा थाना इलाके के मोहल्ला ख़ग्गू सराय में स्थित शिव मंदिर के कपाट खुलने के बाद खुद पुलिसकर्मियों ने मूर्तियों की सफाई की थी। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा आसमान गूंज उठा था। बता दें कि ये शिव मंदिर सपा सांसद ज़ियाउर्रहमान बर्क के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है।

पूरा मामला क्या है?

हाल ही में संभल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिव मंदिर के दरवाजे खुलवाए, जो कि 46 साल बाद हो पाया है। यह मंदिर उसी इलाके में है, जहां हिंसा हुई थी और लंबे समय से बंद था। मंदिर के दरवाजे खुलने के बाद पुलिसकर्मियों ने खुदही शिवलिंग और अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां साफ कीं। नगर हिन्दू सभा के संरक्षक विष्णु शरण रस्तोगी का दावा है कि 1978 के बाद मंदिर को दोबारा खोला गया है।

संभल में क्यों हुई थी हिंसा?

संभल में हिंदू पक्ष ने अदालत में याचिका दायर कर दावा किया था कि शाही मस्जिद जिस जगह पर बनी है, वह जमीन मंदिर की है। इस आधार पर अदालत ने मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया। जब दूसरे दिन सर्वे करने वाली टीम पहुंची तो उग्र भीड़ ने उनका विरोध किया। इस दौरान हुई हिंसा में कई लोग मारे गए।

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