बीजेपी के सूरजकुंड में मंथन और नीतीश कुमार की ‘एकला चलो’ वाली प्रगति यात्रा को लेकर तमाम सवाल किए जा रहे हैं और इसके जवाब तलाशे जा रहे हैं. सवाल यह कि क्या नीतीश कुमार एक बार फिर राजद के करीब आ सकते हैं? इन्हीं सवालों के बीच राजद नेता और कार्यकर्ता पटना में जुटे और मंथन किया गया. सियासी हलकों में चर्चा गर्म है कि क्या एनडीए से नीतीश कुमार का मोह भंग होता जा रहा है? क्या नीतीश कुमार का समाजवाद फिर जाग उठेगा और वह फिर अपने लालू यादव को पुराना मित्र बताने लगेंगे? सवाल कई हैं, लेकिन इससे पहले हम राजद के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव की कही गई बात समझ लेते हैं कि उन्होंने आखिर क्या बोला है जिस पर इतनी चर्चा हो रही है.
दरअसल, राजद की एक अहम बैठक पटना में हुई. पार्टी के सभी विधायक, विधान पार्षद और जिला अध्यक्ष राजद के प्रदेश कार्यालय में एकत्र हुए. तेजस्वी यादव के बारे में कहा जा रहा है कि वह इस बैठक में कोई बड़े फैसला पर मंथन कर रहे थे. इन्हीं सियासी अटकलों के बीच राजद के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि संविधान बचाने के लिए सामाजिक पृष्ठभूमि ने हमेशा अहम फैसले लिए हैं. संघी (आरएसएस) विचारधारा का विरोध होता रहा है और सामाजिक पृष्ठभूमि कभी भी संघी ताकतों का नेतृत्व स्वीकार नहीं करती.
शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि विपक्ष में रहते हुए तेजस्वी यादव ने कभी भी नीतीश कुमार का अपमान नहीं किया, जबकि भाजपा के नेता सम्राट चौधरी नीतीश कुमार को ‘पागल’ तक कह चुके हैं. हालांकि, नीतीश कुमार की सियासी पलटी पर शक्ति सिंह यादव ने यह भी साफ बताया कि राजनीतिक बदलाव या पाला बदल की बात जो हो रही है, इस पर पार्टी का नेतृत्व फैसला करेगा. कार्यकर्ता के तौर पर वह केवल पार्टी की दिशा निर्देशों का पालन करते हैं.
शक्ति सिंह यादव ने यह भी कहा कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति में संविधान और समाजवाद को बचाने के लिए कोई भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जब भी संविधान पर खतरा मंडराता है तो सामाजिक पृष्ठभूमि ने साहसिक निर्णय लिए हैं. शक्ति सिंह यादव के इस बयान के बाद अब सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि तेजस्वी यादव इस बैठक से क्या संदेश है. उनकी किस बात को लेकर चर्चा है और किसी बड़े फैसले की बात कही जा रही है. क्या नीतीश कुमार फिर से समाजवाद की राजनीति की ओर लौटने वाले हैं?
सवाल यह है कि क्या बिहार में नीतीश कुमार के बार-बार एनडीए में रहने की बात कहने के बाद क्या फिर वह पलटी करने जा रहे हैं? इन सब के बीच बिहार में राजद के एक्शन पर सियासी नजर टिकी हुई है. हालांकि, राजनीति के जानकारों की मानें तो नीतीश कुमार फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं करने जा रहे. कम से कम आगामी विधानसभा चुनाव तक तो बिल्कुल भी नीतीश कुमार कहीं नहीं जा रहे हैं. लेकिन सियासत के जानकार यह भी कहते हैं कि चर्चाओं का बाजार गर्म है और राजनीति में कब क्या हो जाए यह भी तो कोई नहीं जानता.








