साल के आखिरी दिन शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 404.34 ,निफ्टी 117.05 अंक टूटा

घरेलू शेयर बाजार साल 2024 के आखिरी दिन गिरावट के साथ शुरू हो गया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 468.14 अंक की गिरावट के साथ 77,779.99 अंक पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 117.05 अंक फिसलकर 23,527.85 अंक पर पहुंचा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 31 दिसंबर 2024, 06:17 AM 5 मिनट read
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साल के आखिरी दिन शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 404.34 ,निफ्टी 117.05 अंक टूटा
Photo: UB India News Archive

घरेलू शेयर बाजार साल 2024 के आखिरी दिन गिरावट के साथ शुरू हो गया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 468.14 अंक की गिरावट के साथ 77,779.99 अंक पर आ गया। इसी तरह निफ्टी 117.05 अंक फिसलकर 23,527.85 अंक पर पहुंचा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,893.16 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके साथ ही रुपया शुरुआती कारोबार में नौ पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.61 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स में लिस्ट 30 कंपनियों में से टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, जोमैटो, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग फायदे में रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे। आखिर बाजार में बड़ी गिरावट की क्या है वजह? आइए जानते हैं।

बाजार में गिरावट की क्या है वजह?

  1. अमेरिकी बाजार में कोहराम: आज भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट की अहम बजट अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट है। सोमवार को डाउ जोन्स और नैस्डैक में बड़ी गिरावट रही। इसका असर आज भारतीय बाजार में दिखाई दे रहा है।
  2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली थम नही रही: भारतीय बाजार में गिरावट की दूसरी अहम वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इसके चलते भारतीय बाजार रिकॉर्ड हाई से लगातार नीचे जा रहा है।
  3. मजबूत होता डॉलर: भारतीय बाजार में गिरावट की तीसरी मुख्य वजह डॉलर में लगातार मजबूती आना है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है। रुपया टूटकर 85प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि कमजोर रुपया विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश करने से हतोत्साहित करता है। यह उनके लाभ को कम करता है, जब वे इसे अपनी घरेलू मुद्राओं में वापस बदलते हैं, जिससे विदेशी पूंजी बाहर निकलती है और बाजारों पर और दबाव पड़ता है। इसका भी असर भारतीय बाजार पर हो रहा है।
  4. कंपनियों के हालत सुधरने के संकेत नहीं: भारतीय कंपनियों की पहली और दूसरी तिमाही के रिजल्ट अच्छे नहीं रहे। तीसरी यानी दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी ज्यादा बेहतर रहने की उम्मीद नहीं है। इसका असर भी भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है।
  5. मैक्रोइकॉनोमिक बाधाएं: भारत की बिगड़ती मैक्रोइकॉनोमिक तस्वीर को लेकर नई चिंताएं उभरी हैं, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई है। नवंबर में देश का व्यापार घाटा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा आर्थिक विकास दर भी धीमी हुई है। भारत की दूसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर लगभग दो वर्षों में सबसे कम रही और लगातार तीसरी तिमाही में विकास दर में कमी देखी गई। इसका असर भी भारतीय स्टॉक मार्केट पर दिखाई दे रहा है।

ऐसी रही बाजार की चाल
विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के बीच मंगलवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 468.14 अंक की गिरावट के साथ 77,779.99 अंक पर आ गया। एनएसई निफ्टी 117.05 अंक फिसलकर 23,527.85 अंक पर रहा।

किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, जोमैटो, इंडसइंड बैंक, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट रही। कोटक महिंद्रा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।

एशियाई और अमेरिकी बाजार का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग फायदे में रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।

रुपया 85.61 प्रति डॉलर पर
रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार नौ पैसे की गिरावट के साथ 85.61 प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा के मजबूत रुख तथा घरेलू शेयर बाजारों में नरमी का असर स्थानीय मुद्रा पर पड़ा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया कमजोरी के साथ 85.54 प्रति डॉलर पर खुला और फिर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.61 पर आ गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले नौ पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.52 पर बंद हुआ था।

अदाणी विल्मार और अदाणी ग्रीन के शेयरों में बड़ी गिरावट 
अदाणी विल्मार के संयुक्त उद्यम से अदाणी एंटरप्राइजेज के बाहर होने के एलान के बाद अदाणी विल्मार लिमिटेड के शेयरों में बड़ी गिरावट दिखी। कंपनी के शेयर 23.30 (7.09%) अंक टूटकर  305.45 पर पहुंच गए। दूसरी ओर, सीईओ अमित सिंह के इस्तीफे की खबरों के बाद अदाणी ग्रीन के शेयरों में भी लगभग चार प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। कंपनी के शेयर 42.10 (3.91%) अंक टूटकर 1,033.55 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए।

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