चीन में HMPV वायरस ने बरपाया कहर! कोरोना से कितना अलग है

चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के फैलने से वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके लक्षण फ्लू जैसे हैं, जो COVID-19 के समान है. इस पर दुनिया के अलग-अलग देश नजरें बनाए हुए हैं. वहीं चीन ने देश में बड़े पैमाने पर फ्लू के प्रकोप संबंधी खबरों को अधिक तवज्जो नहीं देते […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 4 जनवरी 2025, 07:15 AM 6 मिनट read
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चीन में HMPV वायरस ने बरपाया कहर! कोरोना से कितना अलग है
Photo: UB India News Archive

चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के फैलने से वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसके लक्षण फ्लू जैसे हैं, जो COVID-19 के समान है. इस पर दुनिया के अलग-अलग देश नजरें बनाए हुए हैं. वहीं चीन ने देश में बड़े पैमाने पर फ्लू के प्रकोप संबंधी खबरों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए शुक्रवार (3 जनवरी) को कहा कि सर्दियों के दौरान होने वाली सांस संबंधी बीमारियों के मामले पिछले साल की तुलना में इस साल कम गंभीर हैं.

चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशियों के लिए चीन की यात्रा करना सुरक्षित है. मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने देश में ‘इन्फ्लूएंजा ए’ और अन्य सांस संबंधी रोगों के फैलने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, ‘‘सर्दियों के मौसम में सांस संबंधी संक्रमण चरम पर होता है.’’

चीन में फैले HMPV वायरस से जुड़ी 10 बड़ी बातें

फैलाव और चिंता: चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के फैलने से वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं. इसके लक्षण फ्लू जैसे हैं और यह COVID-19 के समान है, जिससे चिंता और भी बढ़ गई है.

सामाजिक प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर चीन के अस्पतालों में मास्क पहने लोगों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिससे पाँच साल पहले कोविड प्रकोप की यादें ताज़ा हो गईं. कोविड की तरह HMPV के प्रकोप ने भी संभावित वैश्विक महामारी की चिंता पैदा की है.

चीन का आधिकारिक बयान: चीन ने ऐसी चिंताओं को दूर करने के लिए एक प्रेस बयान जारी किया है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि सर्दियों में श्वसन संक्रमणों का प्रकोप सामान्य है और चीन में यात्रा करना सुरक्षित है.

भारतीय विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया: भारत के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अधिकारी डॉ. अतुल गोयल ने लोगों से HMPV को लेकर घबराने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह सामान्य सर्दी की तरह एक श्वसन वायरस है, जो बच्चों और बुजुर्गों में फ्लू जैसे लक्षण पैदा कर सकता है.

भारत की स्थिति: डॉ. गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में  सांस संबंधी संक्रमणों के आंकड़ों में कोई विशेष वृद्धि नहीं हुई है और किसी भी बड़ी संख्या में मामले सामने नहीं आए हैं. दिसंबर 2024 के आंकड़े भी सामान्य रहे हैं.

WHO की प्रतिक्रिया: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने HMPV के प्रकोप पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और न ही चीन या WHO द्वारा कोई आपातकालीन स्थिति घोषित की गई है.

वायरस पर निगरानी: चीन के पड़ोसी देश इस स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं. हांगकांग में भी HMPV के कुछ मामले सामने आए हैं.

यूएस CDC की जानकारी: यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) के अनुसार, HMPV एक सांस संबंधी वायरस है जो ऊपरी और निचले श्वसन संक्रमण का कारण बनता है. छोटे बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इससे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं.

लक्षण: HMPV के लक्षण फ्लू और अन्य  सांस संबंधी संक्रमणों के समान होते हैं, जिनमें खांसी, बुखार, नाक बंद होना, और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं.

गंभीरता और जटिलताएं: HMPV के गंभीर मामलों में यह ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी जटिलताएं पैदा कर सकता है, जो कमजोर इम्युन सिस्टम वाले लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है.

कोरोना से कितना अलग है

कोरोना महामारी ने जिस तरह पूरी दुनिया में कहर मचाया था, उसके खौफनाक मंजर आज भी आंखों के सामने छाए रहते हैं. इस महामारी के पांच साल के अंदर ही चीन (China) में इसी तरह का एक वायरस आउटब्रेक हुआ है, जिसका नाम ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV Virus) है.

कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए जा रहे हैं कि इस बीमारी की वजह से चीन के अस्पताल पट चुके हैं, लाशों का अंबार लग रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एक और कोरोना जैसी महामारी फैलने वाली है, आखिर HMPV वायरस क्या है, यह कोरोना से कितना अलग है और क्या सर्दी के मौसम से इसका कनेक्शन है. आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब…

HMPV वायरस क्या है

HMPV एक RNA वायरस है, जो न्युमोवायरिडे फैमिली के मेटापन्यूमोवायरस क्लास से जुड़ा है. 2001 में डच रिसर्चर ने पहली बार इसकी खोज की थी. यह उसी वायरस फैमिली से आता है, जिससे निमोनिया फैलता है.

इसकी वजह से होने वाले इंफेक्शन से अपर और लोअर रेस्पिरेटरी बीमारियां हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक सामान्य रेस्पिरेटरी डिजीज है, जो पूरी दुनिया में फैला है. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को इसका ज्यादा खतरा होता है. इसके लक्षण काफी हद तक कोरोना जैसे ही हैं.

कोरोना से कितना अलग ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस 

1. लक्षण

कोरोना वायरस में आमतौर पर बहुत ज्यादा फीवर, खांसी, सांस लेने में कठिनाई और थकान जैसे लक्षण होते हैं, जबकि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस में सर्दी, खांसी, गले में खराश और थकान जैसे लक्षण नजर आते हैं.

2. ज्यादाा खतरनाक कौन

कोरोना वायरस गंभीर बीमारियों जैसे कि निमोनिया और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) का कारण बन सकता है, जबकि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस आमतौर पर हल्के लक्षणों का कारण ही बनता है.

3. म्यूटेशन

कोविड-19 वायरस की तरह ही  ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (Human Metapneumovirus) भी हवा के माध्यम से फैलता है, लेकिन यह कोरोना वायरस की तुलना में कम म्यूटेड होता है. जिसकी वजह से खतरनाक भी कम है.

क्या HMPV वायरस का सर्दी के मौसम से कनेक्शन

सर्दी के मौसम में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के संक्रमण का कनेक्शन हो सकता है, क्योंकि इस मौसम में वायरस के फैलने की आशंका अधिक होती है. इसके अलावा, सर्दी के मौसम में लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकती है, जिससे वायरस के संक्रमण ज्यादा हो सकती है.इस मौसम में सर्दी-खांसी, जुकाम आम होते हैं, जिससे इस वायरस को होने का खतरा ज्यादा रहता है.

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