सेंसेक्स में 1100 अंक की गिरावट, निफ्टी भी 400 अंक लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला हफ्ते के पहले सेशन में भी जारी है. सोमवार को निफ्टी, सेंसेक्स और निफ्टी बैंक करीब 1% की गिरावट के साथ खुले. शुरुआती कामकाज के दौरान कई दिग्गज स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है. सेक्टोरल फ्रंट पर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कामकाज […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 13 जनवरी 2025, 09:24 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
सेंसेक्स में 1100 अंक की गिरावट, निफ्टी भी 400 अंक लुढ़का
Photo: UB India News Archive

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला हफ्ते के पहले सेशन में भी जारी है. सोमवार को निफ्टी, सेंसेक्स और निफ्टी बैंक करीब 1% की गिरावट के साथ खुले. शुरुआती कामकाज के दौरान कई दिग्गज स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है. सेक्टोरल फ्रंट पर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कामकाज कर रहे हैं. सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी, मेटल, इंफ्रा और ऑयल & गैस स्टॉक्स में देखने को मिल रहा है.

सेंसेक्स में 1100 अंक की गिरावट है। ये 76,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी करीब 400 अंक की गिरावट है, ये 23,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

NSE सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी में 5.49% की गिरावट है। इसके अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 3.60%, मीडिया में 3.21%, मेटल में 2.52% और निफ्टी ऑटो में 1.99% की गिरावट देखने को मिल रही है।

वहीं, BSE के इंडाइसेज में स्मॉल कैप में सबसे ज्यादा 2,445.36 अंक या 4.64% की गिरावट है। ये 50,276.98 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। मीड कैप भी 1,930.24 अंक या 4.36% नीचे 42,310.65 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बाजार में गिरावट के 3 कारण

  • पिछले शुक्रवार को जारी यूएस जॉब डेटा से ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल है। दिसंबर में अमेरिकी बेरोजगारी दर गिरकर 4.1% हो गई, जबकि जॉब ग्रोथ मजबूत रही। ऐसे में आशंका है कि फेडरल रिजर्व दर में कटौती को रोक सकता है। इससे भारत जैसे उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
  • फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे हैं। दिसंबर में उन्होंने 16,982 करोड़ रुपए की बिकवाली की। वहीं जनवरी में एफपीआई अभी तक 21,350 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर बेच चुके हैं। 10 जनवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2,254 करोड़ रुपए के शेयर बेचे।
  • भारतीय रुपए में गिरावट से बाजार पर दबाव है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले यह अब तक के सबसे निचले स्तर 86.27 रुपए पर पहुंच गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत रोजगार आंकड़ों से उत्साहित डॉलर के मजबूत होने से घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ा।

ग्लोबल मार्केट में गिरावट

  • एशियाई बाजार में जापान का निक्‍केई आज बंद है। कोरिया का कोस्पी आज 1.04% की गिरावट के साथ बंद हुआ। चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स भी 0.25% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
  • 10 जनवरी को अमेरिका का डाओ जोंस 1.63% गिरकर 41,938 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 1.54% गिरावट के बाद 5,827 जबकि नैस्डैक इंडेक्स 1.63% गिरकर 19,161 के स्तर पर बंद हुए।
  • NSE के डेटा के अनुसार, 10 जनवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2,254.68 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 3,961.92 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग का शेयर 22.8% ऊपर लिस्ट हुआ

स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग टेक्नोलॉजी का शेयर आज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपने इश्यू प्राइस से 2.8% ऊपर 172 रुपए पर लिस्ट हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर इश्यू प्राइस से 25.71% ऊपर 176 रुपए पर लिस्ट हुआ। स्टैंडर्ड ग्लास लाइनिंग का इश्यू प्राइस 140 रुपए था।

क्या बाजार में इस गिरावट की बड़ी वजह:- 

1. अमेरिका में रोजगार के आंकड़ों में मजबूत ग्रोथ के बाद 10-साल के बॉन्ड यील्ड में तेजी दिखी और यह 14 महीने के ऊपरी स्तरों पर पहुंच गया है. इससे अब दरों में कटौती की गुंजाईश कम हो गई है. ऐसे में भारत समेत दूसरे उभरते बाजार निवेश के लिहाज से कम आकर्षक हो गए हैं.

2. बॉन्ड यील्ड : 10-साल का अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी 4.73% पर पहुंच चुका है, जोकि अप्रैल के बाद शिखर पर है. रोजगार के आंकड़ों में मजबूती और सर्विस सेक्टर के मजबूती परफॉर्मेंस की वजह से बॉन्ड यील्ड में तेजी दिख रही है. इसके अलावा FOMC की जनवरी बैठक में दरों के स्थिर रखे जाने के अनुमान से भी बॉन्ड यील्ड में मजबूती दिखी है.

3. कच्चे तेल में भी तेजी : क्रूड ऑयल अब 3 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच चुका है. अमेरिका की ओर से रूस के क्रूड सप्लाई पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कच्चे तेल में उछाल देखने को मिला. ब्रूड क्रूड ऑयल अब 81 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है. 27 अगस्त के बाद ये ऊपरी स्तर पर है. WTI क्रूड ऑयल 77.97 डॉलर प्रति बैरल पर है. क्रूड ऑयल से संबंधित कई स्टॉक्स में आज दबाव देखने को मिल रहा है.

4. रुपये में कमजोरी बढ़ी : डॉलर इंडेक्स 109.9 पर पहुंच गया है. इसके बाद सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे कमजोर होकर 86.27 के भाव पर खुला. करेंसी एक्सचेंज रेट और विदेशी आउटफ्लो की वजह से भी रुपये में कमजोरी नजर आ रही है. FIIs की बिकवाली के बाद डॉलर की डिमांड बढ़ी है और रुपये में कमजोरी दिखी है. लेकिन, रुपये में इस कमजोरी पर आगे और आउटफ्लो का असर देखने को मिल सकता है.

5. FIIs की बिकवाली : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली की वजह से भी बाजार में दबाव दिख रहा है. 10 जनवरी तक उनकी ओर से बिकवाली का यह आंकड़ा ₹22,259 करोड़ के पार पहुंच चुका है.

6. अर्निंग्स डाउनग्रेड का असर: लगातार 4 साल तक 10% से ज्यादा ग्रोथ के बाद पिछली 2 तिमाहियों से कंपनियों के अर्निंग्स पर दबाव देखने को मिल रहा है. तीसरी तिमाही में कोई पॉजिटिव सरप्राइज के संकेत नहीं मिल रहे है . ब्रोकरेज फर्म्स ने कहा कि पूरा कारोबारी साल 2025 के दौरान अर्निंग्स 10% से कम ही रह सकती है.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰