प्रयागराज के संगम तट पर मंगलवार देर रात भगदड़ मच गई। इस हादसे में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई है। 25 मृतकों की पहचान हो गई है। 19 गंभीर घायल हैं। मृतकों में सबसे ज्यादा 19 यूपी के हैं।
भगदड़ में बिहार की 7 महिलाओं की भी मौत हुई है। इनमें गोपालगंज की 4, पटना की मनेर, औरंगाबाद और मुजफ्फरपुर की 1-1 श्रद्धालु की मौत हुई है। 5 जिलों के 11 लोग अब भी लापता हैं।
वहीं, भगदड़ में गोपालगंज के 4 अन्य लोग घायल भी हो गए हैं, जिनका प्रयागराज के हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
मृतक महिलाओं का प्रयागराज में पोस्टमॉर्टम कराया गया है। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मरने वालों में अकेले गोपालगंज से 4 महिलाएं
गोपालगंज में जिन 4 महिलाओं की मौत हुई है। सभी जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं। बरौली थाना क्षेत्र के माड़नपुर गांव निवासी स्वर्गीय तारकेश्वर सिंह की पत्नी शिवकालो देवी (65), भोरे थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी स्वर्गीय बुटेली मांझी की पत्नी सरस्वती देवी (68), उचकागांव थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव निवासी धूरेंद्र की पत्नी तारा देवी (60) और बलेसरा गांव निवासी बच्चा दुबे की पत्नी कांति देवी (65) शामिल हैं।
इसके अलावा औरंगाबाद के गोह प्रखंड के सोसुना गांव निवासी स्वर्गीय सुरेश यादव की राजरानी देवी (55) की भी भगदड़ में दबकर मौत हुई है। पटना के मनेर की सिया देवी (62) की भी भगदड़ में मौत हो गई। मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड शिवा देवी (60) की भी महाकुंभ में जान चली गई है।
मां को कुचलते हुए निकली भीड़
बरौली थाना क्षेत्र के माड़नपुर गांव की शिवकालो देवी बेटी संगीता कुमारी के साथ महाकुंभ में मौनी अमावस्या के स्नान करने गई थी। स्नान करने घाट की ओर जा रही थी, तभी भगदड़ मच गई। हादसे में शिवकालो देवी की मौत हो गई।
शिवकालो देवी की बेटी संगीता देवी ने बताया,
मां ने कुंभ में स्नान की इच्छा जाहिर की थी। इसलिए उनको अपने साथ प्रयागराज ले गई थी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। नहाने से पहले ही भीड़ ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।’ ‘बगल से साधुओं का काफिला गुजर रहा था, जिससे अचानक भीड़ बढ़ गई। भीड़ बढ़ने से भगदड़ की स्थिति बन गई। भीड़ इतनी बढ़ी की लोगों का दम घुटने लगा। इस भीड़ में जो नीचे गिरे, वह नीचे ही पड़े रह गए। भीड़ उसे कुचलते आगे बढ़ रही थी।


शिवकालो देवी की मौत की सूचना जैसे ही माड़नपुर गांव में पहुंची, तो गांव में सन्नाटा पसर गया। घर में शिवकली देवी की दो बहू हैं, उनका रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका के पति की नौ साल पहले मौत हो चुकी है। इनको दो बेटा और चार बेटी हैं। एक बेटा पुणे में इंजीनियर है, जबकि दूसरा बेटा सऊदी में फोर्थ मैन का काम करता है।
मौत की सूचना पर बुधवार को पूरे दिन मृतका के घर रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा। मृतका का शव पोस्टमॉर्टम के बाद माड़नपुर लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया होगी।
भतीजे के साथ कुंभ में स्नान करने गई थी सरस्वती
हादसे में भोरे थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी भूटेली मांझी की पत्नी सरस्वती देवी (68) की भी मौत हो गई। मृतका सरस्वती अपने 14 साल के भतीजे दीपू कुमार के साथ कुंभ में स्नान करने गई थी।

भगदड़ में तारा देवी और सरस्वती देवी की दबने से मौत
महाकुंभ भगदड़ में तारा देवी और सरस्वती देवी की भी दबने से मौत हो गई। ये दोनों महिलाएं अमृत स्नान के लिए घाट के पास आराम कर रही थीं, तभी भगदड़ मच गई और स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भीड़ कुचलते हुए भागने लगी। इसमें दोनों की दम घुटने से मौत हो गई।
तारा देवी के बेटे सुजीत ने रोते हुए कहा, ‘मां के लाख मना करने के बाद भी हमने उन्हें कुंभ जाने दिया। हमें क्या पता था कि वह कभी लौटकर नहीं आएंगी।’
मौनी अमावस्या के दोबारा स्नान के लिए रुक गई थी राजरानी देवी
महाकुंभ भगदड़ में औरंगाबाद के गोह प्रखंड के बंदेया थाना क्षेत्र के सोसुना गांव निवासी स्व. सुरेश यादव की पत्नी राजरानी देवी (55) की भी भगदड़ में मौत हो गई है। मृतका के बेटे जितेंद्र कुमार ने बताया, ‘मेरी मां गांव के 12 लोगों के साथ प्रयागराज गई थी। मौनी अमावस्या में दोबारा स्नान करने के लिए रुक गई थी। रात में भगदड़ मच गई, जिसमें दबने से उनकी मौत हो गई।’








