पीएम मोदी ने राज्यसभा में आज कांग्रेस की बखिया उधेड़ दी कहा एक परिवार के लिए ही खपती रही है कांग्रेस..

देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू दुनियाभर में लोकतांत्रिक भावनाओं के संरक्षक का चेहरा लेकर घूमते थे, लेकिन वो अंदर से कितने बड़े तानाशाह थे इसका एक नहीं अनेकों उदाहरण भरे पडे़ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे, तो उनके […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 6 फरवरी 2025, 02:12 PM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
पीएम मोदी ने राज्यसभा में आज कांग्रेस की बखिया उधेड़ दी कहा एक परिवार के लिए ही खपती रही है कांग्रेस..
Photo: UB India News Archive

देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू दुनियाभर में लोकतांत्रिक भावनाओं के संरक्षक का चेहरा लेकर घूमते थे, लेकिन वो अंदर से कितने बड़े तानाशाह थे इसका एक नहीं अनेकों उदाहरण भरे पडे़ हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे, तो उनके भाषण के एक अंश से यही संदेश निकला। उन्होंने अपने संबोधन में कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर बहुत तीखा प्रहार किया। उन्होंने पूरे देश को यह समझाने की कोशिश की कि कांग्रेस पार्टी और खासकर राहुल गांधी जो संविधान-संविधान की रट लगा रहे हैं, उनके रगों में संविधान के प्रति घोर अनादर है। मोदी ने आपातकाल की चर्चा की तो उनका चेहरा तमतमा गया। उन्होंने कहा कि शाही परिवार (गांधी परिवार) के अहंकार में इस देश को जेलखाना बना दिया गया और चुने हुए प्रतिनिधियों, गणमान्य नेताओं को जंजीरों से जकड़ दिया गया।

इमर्जेंसी की याद और तमतमा गए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं इमर्जेंसी के उन दिनों को भूल नहीं सकता और शायद आज भी वो तस्वीरें मौजूद हैं। ये जो लोग लोकतंत्र की बातें करते हैं, मानव गरिमा की बातें करते हैं और बड़े-बड़े भाषण देने के शौकीन हैं।’ इतना कहते ही प्रधानमंत्री का चेहरा गुस्से से तमतमा उठा। उन्होंने बेहद गुस्से में कहा, ‘आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडिस समेत देश के महानुभावों को हथकड़ियां पहनाई गई थीं, जंजीरों से बांधा गया था। संसद के सदस्य, देश के गणमान्य नेता, उनको हथकड़ियां और जंजीरों से बांधा गया था। इनके मुंह में संविधान शब्द शोभा नहीं देता है।’

शाही परिवार के अहंकार के लिए लगाया आपातकाल: मोदी

पीएम आगे बोले, ‘सत्ता सुख के लिए शाही परिवार के लिए इस देश के लाखों परिवारों को तबाह कर दिया गया था, देश को जेलखाना बना दिया गया था। बहुत लंबा संघर्ष चला। ये अपने आपको तीसमार खां मानने वालों के जनता जनार्दन की ताकत को स्वीकार करना पड़ा, घुटने टेकने पड़े।’ इतना कहते-कहते पीएम का चेहरा एक बार फिर तमतमा गया। उन्होंने आगे कहा, ‘और देश में जनता-जर्नादन के सामर्थ्य से इमर्जेंसी हटी। ये भारत के लोगों की रगों में जो लोकतंत्र है ना, उसी का परिणाम था।’

आपातकाल में जॉर्ज फर्नांडिस समेत देश के महानुभावों को हथकड़ियां पहनाई गई थीं, जंजीरों से बांधा गया था। संसद के सदस्य, देश के गणमान्य नेता, उनको हथकड़ियां और जंजीरों से बांधा गया था। इनके मुंह में संविधान शब्द शोभा नहीं देता है।

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

कांग्रेसियों ने किया संविधान निर्मताओं की भावाना का अनादर: मोदीप्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बजट सत्र के शुरू में दिए गए अभिभाषण के बिंदुओं की चर्चा करते हुए कहा कि माननीय राष्ट्रपति जी ने गणतंत्र के 75 वर्ष के मौके पर संविधान निर्माताओं से भी आग्रह अपने अभिभाषण में किया है। पीएम ने कहा, ‘संविधान निर्माताओं का आदर करना चाहिए था, उनकी एक-एक बात से प्रेरणा लेनी थी। लेकिन ये कांग्रेस है, जिसने आजादी के तुरंत बाद ही संविधान निर्माताओं की भावनाओं की धज्जियां उड़ा दी थीं और ये बात दुख के साथ मुझे कहना पड़ रहा है।’

उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की लोकतंत्र विरोधी फैसले गिनाने लगे। उन्होंने अपने भाषण में संविधान के प्रति कांग्रेस, कांग्रेसियों और खासकर गांधी परिवार के अनादर भाव की विस्तार से चर्चा की। पीएम मोदी के शब्दों में ही हम नीचे बड़ी बातें बता रहे हैं…

आप कल्पना कर सकते हैं कि जब देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी, एक तात्कालिक प्रबंध था चुनाव तक का, उस व्यवस्था में जो बैठे थे महाशय (जवाहर लाल नेहरू) उन्होंने आते ही संविधान में संशोधन कर दिया। चुनी हुई सरकार करती तो थोड़ा समझ में आता। ये उतना भी इंतजार नहीं किया और किया क्या? उन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला- अखबारों पर, प्रेस पर लगाम लगाई और डेमोक्रेट-डेमोक्रेट का टैग लगाकर घूमते रहे दुनिया में। देश के लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभ को कुचला गया। ये संविधान की भावना का पूरी तरह अनादर था।

➤ देश की पहली सरकार थी, नेहरू जी प्रधानमंत्री थे और मुंबई में मजदूरों की एक हड़ताल हुई। उसमें मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी जी ने ‘कॉमनवेल्थ का दास है’ कविता गाई थी। कविता गाने मात्र के गुनाह में नेहरू जी ने देश के एक महान कवि को जेल में ठूस दिया।
➤ मशहूर अभिनेता बलराज साहनी जी सिर्फ एक जुलूस में शामिल हुए थे, आंदोलन करने वालों के जुलूस में शामिल हुए थे, इसलिए उन्हें जेल में बंद कर दिया गया था।
➤ लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर जी ने वीर सावरकर पर एक कविता को आवाज देकर आकाशवाणी पर प्रस्तुत करने की योजना बनाई, इतने से ही हृदयनाथ मंगेशकर जी को आकाशवाणी से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया।
➤ आपातकाल में प्रसिद्ध कलाकार देवानंद जी से आग्रह किया गया कि वो इमर्जेंसी का सार्वजनिक समर्थन करें। उन्होंने हिम्मत दिखाई और आपातकाल का समर्थन करने से इनकार कर दिया। इस बात पर देवानंद जी के सभी फिल्मों को दूरदर्शन से प्रतिबंधित कर दिया गया।
➤ किशोर कुमार जी ने कांग्रेस के लिए गाना गाने से इनकार किया। इस एक गुनाह के लिए आकाशवाणी पर किशोर कुमार के सभी गानों को प्रतिबंधित कर दिया गया।’

पीएम ने की आपातकाल की चर्चा

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘देश ने इमर्जेंसी का दौर भी देखा है। संविधान को किस प्रकार से कुचला गया, संविधान की आत्मा को किस प्रकार से रौंदा गया, वो भी सत्ता सुख के लिए किया गया, यह देश जानता है।’ पीएम बोले, ‘ये संविधान की बातें करने वाले लोग कैसे सालों से संविधान को जेब में रखा गया है, ये सब उसके ही उदाहरण हैं। इन्होंने कभी संविधान का सम्मान नहीं किया।’

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
सांसदों की संख्या बढ़ाने से राजनीतिक कमी तो पूरी हो सकती है, किंतु विकास की कमी नहीं,………………..
सांसद

सांसदों की संख्या बढ़ाने से राजनीतिक कमी तो पूरी हो सकती है, किंतु विकास की कमी नहीं,………………..

संसद के मानसून सत्र में 19 बैठकों में 11 बिल पास किए गए। इनमें से दस बिलों पर लोकसभा में कुल मिलाकर 64 मिनट का समय लगा। नौ बिलों के मामले में, सिर्फ उन्हें पेश करने वाले मंत्री ने ही बात की और कोई बहस नहीं हुई। निचले सदन में पूरे सत्र के दौरान प्रश्नकाल […]

UB India News25 अग॰
15 सितंबर से पहले फिर संसद सत्र? महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सरकार की बड़ी तैयारी
सांसद

15 सितंबर से पहले फिर संसद सत्र? महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर सरकार की बड़ी तैयारी

महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आता दिख रहा है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि केंद्र सरकार अगले दो से तीन सप्ताह के भीतर संसद का सत्र दोबारा बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है. चर्चा है कि 15 सितंबर के […]

UB India News24 अग॰
18 दिनों में सिर्फ 15 घंटे चली लोकसभा: एंटी-पेपर लीक से ‘केरलम’ तक, बिना बहस पास हुए कई बड़े बिल
सांसद

18 दिनों में सिर्फ 15 घंटे चली लोकसभा: एंटी-पेपर लीक से ‘केरलम’ तक, बिना बहस पास हुए कई बड़े बिल

संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि मानसून सत्र आज खत्म हो गया. रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कुल उत्पादकता 39 फीसदी रही. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्षी दलों के सांसद हंगामा करते थे. कई […]

UB India News13 अग॰
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित……………..
सांसद

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित……………..

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया। पूरे सत्र के दौरान बार-बार हंगामा हुआ। विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विरोध प्रदर्शनों के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार रोकनी पड़ी। नीट […]

UB India News13 अग॰
खाली गया अमित शाह का तीन बजे वाला दांव, हंगामे की भेंट चढ़ सकता है मानसून सत्र
सांसद

खाली गया अमित शाह का तीन बजे वाला दांव, हंगामे की भेंट चढ़ सकता है मानसून सत्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद में चर्चा का आखिरी दांव चला। उन्होंने कहा, “हम रोज संसद आते हैं। अपना काम करते हैं। विपक्ष की मंशा ठीक नहीं। वह संसद को चलने नहीं देना चाहता। हम जानते हैं। इसलिए सदन में नहीं जाते।” शाह ने कहा कि आज शाम तीन बजे से […]

UB India News12 अग॰
विपक्ष चाहे बयान, सरकार चाहे चर्चा, इन दो शब्दों के बीच फंसकर रह गई है संसद, 19वें दिन भी ठप…….
सांसद

विपक्ष चाहे बयान, सरकार चाहे चर्चा, इन दो शब्दों के बीच फंसकर रह गई है संसद, 19वें दिन भी ठप…….

20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन के बाद से ही इस मुद्दे पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह को लगातार निशाना बनाता रहा है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में कई बार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग चुके हैं. राहुल गांधी ने कई बार […]

UB India News12 अग॰
संसद के बाहर NDA और विपक्षी दलों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी ,सदन में हंगामा
सांसद

संसद के बाहर NDA और विपक्षी दलों के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी ,सदन में हंगामा

संसद परिसर में NDA और कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। NDA सांसदों ने विपक्ष पर संसद में चर्चा से भागने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने भी आ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी […]

UB India News11 अग॰
लोकतंत्र में जीत केवल विधेयक पारित कराने में नहीं, बल्कि असहमति के बावजूद, सहमति का रास्ता खोजने में होती………..
सांसद

लोकतंत्र में जीत केवल विधेयक पारित कराने में नहीं, बल्कि असहमति के बावजूद, सहमति का रास्ता खोजने में होती………..

संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां सरकार और विपक्ष के बीच मतभेदों का समाधान संवाद और सांविधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होना चाहिए। लेकिन, मानसून सत्र में जिस तरह से लगातार गतिरोध बना हुआ है और संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बातचीत के किसी ठोस नतीजे तक नहीं […]

UB India News10 अग॰
विदेशी चंदे पर पहरा हो, लेकिन सरकारी शक्ति की सीमा कौन तय करेगा?
सांसद

विदेशी चंदे पर पहरा हो, लेकिन सरकारी शक्ति की सीमा कौन तय करेगा?

विदेशी चंदे का मामला भारत में हमेशा संवेदनशील रहा है। सरकार का तर्क है कि विदेशी धन भारत की राजनीति, सामाजिक व्यवस्था या राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने का माध्यम नहीं बनना चाहिए। दूसरी तरफ हजारों सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी संस्थाएं विदेशी सहयोग के जरिए वर्षों से काम कर रही हैं। इसीलिए जब विदेशी […]

UB India News9 अग॰