बीजेपी के प्रदेश परिषद की बैठक आज पटना के बापू सभागार में होगी। इसमें बतौर मुख्य अतिथि परिषद के प्रभारी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर शामिल होंगे। इनके अलावा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी दीपक प्रकाश समेत बिहार भाजपा के प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक के 15 हजार कार्यकर्ता इस बैठक में हिस्सा लेंगे ।
इसमें औपचारिक तौर पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की ताजपोशी की जाएगी। उन्हें विधिवत पदभार ग्रहण कराया जाएगा। इनके अलावा बाकी बचे 4 संगठन जिला के जिलाध्यक्षों की घोषणा भी इस की जाएगी।
डिप्टी सीएम बने प्रदेश अध्यक्ष के प्रस्तावक
दिलीप जायसवाल के प्रदेश अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया सोमवार से ही शुरू हो गई है। उन्होंने पार्टी के चुनाव पदाधिकारी सह प्रदेश महामंत्री राजेश वर्मा के सामने प्रदेश अध्यक्ष के लिए अपना पर्चा दाखिल किया।
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के साथ मंत्री मंगल पांडेय और MLC संजय मयुख उनके प्रस्तावक बने। नियम के मुताबिक दिलीप जायसवाल 2025-27 तक अध्यक्ष रहेंगे।

अध्यक्ष के लिए मंत्री पद से दिया है इस्तीफा
पार्टी की ओर से जुलाई 2024 से ही दिलीप जायसवाल को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया है। लोकसभा चुनाव के बाद सम्राट चौधरी की जगह दिलीप जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद औपचारिक संगठन चुनाव से पहले 27 फरवरी को दिलीप जायसवाल ने बिहार सरकार में राजस्व व भूमि सुधार विभाग के मंत्री पद से अपना इस्तीफा दिया था।
प्रदेश अध्यक्ष के साथ 55 जिलाध्यक्षों की टीम होगी
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी ने राज्य के 38 जिलों में 55 संगठन जिला अध्यक्षों की घोषणा की है। जिलाध्यक्षों की लिस्ट में 45% सवर्ण हैं। इनमें ब्राह्मण, भूमिहार और राजपूत के साथ कायस्थ को जगह दी गई है। सवर्ण के बाद सबसे ज्यादा तवज्जो कुशवाहा को दी गई है। 10 जिलों की कमान कोइरी और कुर्मी के हाथ में दी गई है।
अगर इनमें यादव को शामिल कर दें तो करीब 20% जिला अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग से हैं।अतिपिछड़ा की बात करें तो पार्टी ने इलाकेवार उनकी आबादी के हिसाब से उन्हें जिले के संगठन में हिस्सेदारी दी है। इस वर्ग में मल्लाह के अलावा, हलवाई, कानू और भगत की कैटेगरी से आने वाले नेताओं पर भी दांव लगाया है। मुस्लिम समुदाय से एक भी व्यक्ति को मौका नहीं दिया है।








