कितना पुराना है बलूचिस्‍तान में विद्रोह के इतिहास? पाकिस्तान को घुटनों पर ले आए ये दो संगठन

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर करीब 450 यात्रियों को बंधक बना लिया है. बीएलए की ओर से बंधक बनाये गए लोगों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकवाद निरोधक बल (एटीएफ) के कर्मचारी भी शामिल हैं. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जहां […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 11 मार्च 2025, 03:10 PM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
कितना पुराना है बलूचिस्‍तान में विद्रोह के इतिहास? पाकिस्तान को घुटनों पर ले आए ये दो संगठन
Photo: UB India News Archive

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर करीब 450 यात्रियों को बंधक बना लिया है. बीएलए की ओर से बंधक बनाये गए लोगों में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकवाद निरोधक बल (एटीएफ) के कर्मचारी भी शामिल हैं. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जहां सबसे अधिक प्राकृतिक संसाधन मौजूद है. हालांकि पाकिस्तान का यही क्षेत्र सबसे कम विकसित है.

कहां से कहां तक फैला है बलूचिस्तान

बलूचिस्तान का सबसे बड़ा हिस्सा दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में आता है. पूरे पाकिस्तान का करीब 44 फीसदी जमीन का हिस्सा यहीं है. यह इलाका पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान तक फैला हुआ है. बलूचिस्तान का हिस्सा चरमपंथ और मानावाधिकारों के उल्लंघन से भरा रहा है. यहां के लोगों की अपनी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं के साथ-साथ विशिष्ट भाषा (बलोची) हैं. उनकी पहचान पंजाबी, सिंधी और पश्तून जैसे अन्य जातीय समूहों से अलग है.

प्राकृतिक संपदा के दुरुपयोग का आरोप

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) बलूचिस्तान की आजादी चाहता है. यह कई जातीय विद्रोही समूहों में से सबसे बड़ा है, जिसने दशकों से पाकिस्तान सरकार से लड़ाई लड़ी है. इस संगठन का कहना है कि सरकार बलूचिस्तान के समृद्ध गैस और खनिज संसाधनों का अनुचित तरीके से दोहन कर रही है. बीएलए को पाकिस्तान, ईरान, चीन, यूनाइटेड किंगडम (यूके), संयुक्त राज्य अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ ने आतंकी संगठन घोषित किया है.

बलूचिस्‍तान में विद्रोह के इतिहास

ब्रिटिश सरकार से पाकिस्तान की आजादी के बाद से बलूचिस्तान के लोगों ने 1948 से ही अलग देश बनाने को लेकर चरमपंथी विद्रोह की शुरुआत हो गई थी. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 1950 से 1970 के बीच यहां कई चरणों में विद्रोह हुआ था. साल 2003 से पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल में यहां विद्रोही गतिविधियां काफी बढ़ी थी. उन्होंने बलूचिस्तान में चरमपंथ के खिलाफ कई अभियान चलाए थे. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई में इस क्षेत्र के हजारों लोग लापता हो गए.

BLA का पाकिस्तान के खिलाफ हिंसक संघर्ष

बलूचिस्तान प्रांत में कई चरमपंथी समूह सक्रिय हैं, जिसमें से बीएलएफ और बीएलए दो प्रमुख ग्रुप हैं. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की स्थापना साल 2000 में हुई थी. बीएलए ने अब तक पाकिस्तान में कई हमलों को अंजाम दिया है. इसमें फिलहाल 6000 बलूच लड़ाके जुड़े हैं. बीएलए को बलूचिस्तान में जबरदस्त समर्थन प्राप्त है. साल 2004 में बीएलए ने पाकिस्तान के खिलाफ हिंसक संघर्ष का ऐलान किया था. इसका उद्देश्य बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करना है.

बलूचिस्तान विद्रोह में BLF की भूमिका

बलूच लिबरेशन फ्रंट (BLF)  ईरान का अलगाववादी ग्रुप है. इस संगठन पर पाकिस्तान के खिलाफ गतिविधियां चलाने का आरोप है. 1964 में सीरिया की राजधानी दमिष्क में जुम्मा खान ने BLF को बनाया था. सिस्तान और बलूचिस्तान के विद्रोह (1968-1973) में इसकी अहम भूमिका थी. बीएलएफ ने  1973-1977 के पाकिस्तान के बलूचिस्तान विद्रोह में अहम भूमिक निभाई थी. साल 2003 में इस ग्रुप का नेतृत्व अल्लाह नजर बलोच ने संभाला था. बताया जाता है कि उनके नेतृत्व में BLF बहुत मजबूत हुआ.

पाकिस्तान का दावा है कि ये दोनों संगठन ईरान और कभी-कभी अफगानिस्तान में भी अपने ठिकाने बनाते हैं. लंबे समय से पाकिस्तान ईरान सरकार पर इन समूहों के नेताओं और चरमपंथियों को पनाहगाह देने का आरोप लगाता रहा है. वहीं पाकिस्तान भारत पर बलूचिस्तान में कुछ गुटों की आर्थिक मदद करने का आरोप भी लगाता रहा है. हालांकि भारत और ईरान दोनों ही पाकिस्तान के आरोपों से इनकार किया है. बीत कुछ दिनों में इन संगठनों ने पाकिस्तान पर हमले तेज कर दिए हैं.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰