नासा कल क्रू-10 मिशन करेगा लॉन्च , सुनीता की वापसी की बढ़ी उमीद

नासा का क्रू-10 मिशन 12 मार्च को लॉन्च होगा। इस मिशन के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल लॉन्च साइट पर पहुंच चुका है। सोमवार को क्रू-10 मिशन के सदस्यों के साथ नासा और स्पेसएक्स ने 12 मार्च के लॉन्च का पूर्वाअभ्यास भी कर लिया। इस मिशन के साथ ही भारतीय मूल की अंतरिक्ष […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 12 मार्च 2025, 06:43 AM 6 मिनट read
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नासा कल क्रू-10 मिशन करेगा लॉन्च  , सुनीता की वापसी की बढ़ी उमीद
Photo: UB India News Archive

नासा का क्रू-10 मिशन 12 मार्च को लॉन्च होगा। इस मिशन के लिए इस्तेमाल होने वाला स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल लॉन्च साइट पर पहुंच चुका है। सोमवार को क्रू-10 मिशन के सदस्यों के साथ नासा और स्पेसएक्स ने 12 मार्च के लॉन्च का पूर्वाअभ्यास भी कर लिया। इस मिशन के साथ ही भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर जल्द ही अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौटने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि दोनों मार्च के अंत तक धरती पर लौट आएंगे। दोनों नौ महीने से अंतरिक्ष में हैं।

भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और अमेरिकी बैरी बुच विल्मोर 5 जून 2024 को आठ दिन की अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे, लेकिन वे नौ महीने से स्पेस स्टेशन में अटके हैं। जिस स्टारलाइनर विमान से दोनों यात्रियों ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन की उड़ान भरी थी, अब वह धरती पर वापस लौट आया। तकनीकी खामी के चलते यह यान बिना किसी अंतरिक्ष यात्री के धरती पर लौटा।

आइये जानते हैं कि सुनीता नासा के किस मिशन गई थीं? यह मिशन किसलिए भेजा गया था? विमान बिना किसी अंतरिक्ष यात्री को लिए वापस क्यों आया? 12 मार्च को लॉन्च हो रहा  क्रू-10 मिशन क्या है? इस मिशन पर जा रहे अंतरिक्ष यात्री कौन हैं? क्रू-10 मिशन से सुनीता की वापसी कैसे होगी?  सुनीता और बैरी क्रू-10 से वापस लौटेंगे तो इससे गए यात्रियों का क्या होगा? सुनीता और बैरी से पहले क्या कोई और भी इतने लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहा है?

नासा का मिशन क्या है जिस पर सुनीता गईं?
5 जून 2024 को नासा का बोइंग क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था। इस मिशन के तहत नासा ने अपने दो अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैरी बुच विल्मोर को आठ दिन की यात्रा पर भेजा। दोनों को स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए मिशन में भेजा गया था। यह अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान की पहली उड़ान थी। जिस मिशन पर सुनीता और बैरी हैं वो नासा का व्यावसायिक क्रू कार्यक्रम का हिस्सा है। दरअसल, नासा का लक्ष्य है कि वह अमेरिका के निजी उद्योग के साथ साझेदारी में अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सुरक्षित, विश्वसनीय और कम लागत के मानव मिशन भेजे। इसी उद्देश्य से यह टेस्ट मिशन लॉन्च किया गया था।
क्रू उड़ान परीक्षण के लक्ष्य क्या था? 
इस मिशन का लक्ष्य अंतरिक्ष स्टेशन पर छह महीने के रोटेशनल मिशन (बारी-बारी से मिशन) को अंजाम देने की स्टारलाइनर की क्षमता को दिखाना था। लंबी अवधि की उड़ानों से पहले तैयारी को परखने और जरूरी परफॉर्मेंस डेटा जुटाने के लिए क्रू उड़ान परीक्षण को बनाया गया था।जिस स्टारलाइनर विमान से यात्री गए उसका क्या हुआ?  
अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्टारलाइनर की उड़ान के दौरान, अंतरिक्ष यान के कुछ थ्रस्टर्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। थ्रस्टर्स’ आमतौर पर कम फोर्स वाले रॉकेट मोटर्स को कहा जाता है। थ्रस्टर्स के कमजोर प्रदर्शन के अलावा स्टारलाइनर के हीलियम सिस्टम में कई लीक भी देखे गए। इसके बाद नासा और बोइंग ने अंतरिक्ष यान के बारे में व्यापक डेटा विश्लेषण के जरिए जानकारी जुटाई। इस जांच में अंतरिक्ष शटल कोलंबिया दुर्घटना के बाद स्थापित हुए संगठन शामिल थे। यह दुर्घटना 1 फरवरी, 2003 को हुई थी। यह दुर्घटना तब हुई थी जब कोलंबिया अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वातावरण में वापस आ रहा था। इस दुर्घटना में सभी सात अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे जिसमें भारतीय मूल की कल्पना चावला भी शामिल थीं। जांच के बाद यह तय किया गया कि स्टारलाइनर को बिना क्रू के ही वापस धरती पर लाया जाएगा। 6 सितंबर 2024 को स्टारलाइनर बिना क्रू के ही धरती पर लौट आया।

अब क्या होने जा रहा है? 
12 मार्च को क्रू-10 को नासा के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स के फैल्कन 9 रॉकेट के जरिए 12 मार्च को लॉन्च किया जाएगा। एक दिन बाद यानी 13 मार्च इससे गए चार अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पर डॉक करेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर ‘क्रू-10’ के सदस्यों के पहुंचने के बाद आईएसएस पर पहले से मौजूद चारो अंतरिक्ष यात्री क्रू-10 की टीम को हैंडओवर देगा। इस हैंडओवर की प्रक्रिया में एक हफ्ते का वक्त लगेगा। इसके बाद सुनीता विलियम्स और उनके साथी वापस धरती पर लौटेंगे। नासा के मुताबिक ये अंतरिक्ष यात्री 19 या 20 मार्च तक पृथ्वी पर लौट सकते हैं। इस मिशन को ‘क्रू-9’ नाम दिया गया है।सुनीता के साथ तो एक ही अंतरिक्ष यात्री थे दो और कहां से आ गए?

क्रू-9 मिशन के तहत जिन अंतरिक्ष यात्रियों को लौटाया जाएगा, उनमें सुनीता विलियम्स, बुच विल्मोर के अलावा नासा के निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी शामिल होंगे। दरअसल, हेग और गोरबुनोव को सितंबर में सुनीता और बुच के रेस्क्यू के लिए आईएसएस पर भेजा गया था। दोनों को छह महीने तक आईएसएस में रहकर वहां फंसे दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी में लौटाने की तैयारी करनी थी और कुछ परीक्षणों को भी अंजाम देना था।क्रू-10 मिशन में कौन अंतरिक्ष में जा रहा है?
क्रू-10 मिशन के तहत नासा के कुल चार अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजे जा रहे हैं। इनमें कमांडर के तौर पर एन मैक्लेन का नाम शामिल किया गया है। इसके अलावा निकोल आयर्स पायलट की भूमिका में होंगी। जापानी अंतरिक्ष एजेंसी (JAXA) के अंतरिक्ष यात्री तकुया ओनिशी मिशन स्पेशलिस्ट के तौर पर बेड़े में भेजे जाएंगे। रूसी अंतरिक्ष यात्री किरिल पेस्कोव मिशन स्पेशलिस्ट के तौर पर जा रहे हैं।

क्रू-10 के पहुंचने के बाद लौटने में एक हफ्ते का समय क्यों लगेगा?
नासा के मुताबिक, क्रू-10 के आईएसएस पहुंचने के बाद अगले कुछ दिनों में पुराने अंतरिक्ष यात्री नए यात्रियों से डाटा और अन्य जानकारियां साझा करेंगे। इसके अलावा फ्लोरिडा में मौसम की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी और सही मौसम होने के बाद ही सुनीता विलियम्स के समेत चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौटेंगे।
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