28 दिन, 18 बैठकें , भद्दे अल्फाज-भयंकर तकरार के साथ खत्म हुआ बिहार विधानमंडल का बजट सत्र…………..

अरे बैठो न तोरा कौची है, अरे तोरा हसबैंड का है’ ‘तुम्हारे पिता लालू को मैंने बनाया’ ‘उम्र कच्ची पर जुबान पक्की है’ ‘सरकार खटारा, सिस्टम नकारा, CM थका-हारा’ ‘नाच-गाना, लौंडा डांस, यही था लालू राज।’ ‘इन्हें क्या पता है। ये बउआ हैं। जो लिख के दे दिया जाता हैं बचवा आकर पढ़ जाता है।’ […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 29 मार्च 2025, 06:02 AM 6 मिनट read
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28 दिन, 18 बैठकें , भद्दे अल्फाज-भयंकर तकरार के साथ खत्म हुआ बिहार विधानमंडल का बजट सत्र…………..
Photo: UB India News Archive

अरे बैठो न तोरा कौची है, अरे तोरा हसबैंड का है’

‘तुम्हारे पिता लालू को मैंने बनाया’

‘उम्र कच्ची पर जुबान पक्की है’

‘सरकार खटारा, सिस्टम नकारा, CM थका-हारा’

‘नाच-गाना, लौंडा डांस, यही था लालू राज।’

‘इन्हें क्या पता है। ये बउआ हैं। जो लिख के दे दिया जाता हैं बचवा आकर पढ़ जाता है।’

ये वो बयान हैं, जिसकी चर्चा पूरे बजट सत्र के दौरान रही। नीतीश सरकार के आखिरी बजट सत्र में मां, बाप, बचवा, भांग, लौंडा डांस से लेकर रानी, महारानी तक की गूंज सुनाई दी है।

विधानसभा में चाचा-भतीजा (नीतीश-तेजस्वी) में इशारेबाजी हुई तो विधान परिषद के अंदर भाभी-देवर (राबड़ी देवी-नीतीश कुमार) के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

बीच-बीच में वित्त मंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव में तीखी बहस भी देखी गई। सत्र के अंतिम दिन सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार तुम-तड़ाक पर आ गए।

विपक्ष ने वक्फ संशोधन बिल और CM नीतीश कुमार के राष्ट्रगान के विरोध में हंगामा और प्रदर्शन किया। वहीं, सत्ता पक्ष ने भी जमकर तंज कसा।

28 फरवरी से 27 मार्च तक चले बजट सत्र में क्या-क्या हुआ, देखिए और पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट में…

बजट में दलितों, महिलाओं और किसानों पर फोकस

3 मार्च को सरकार ने अपना 3.17 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। 40 मिनट के बजट भाषण में वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने 52 नई घोषणाएं कीं। बजट में दलितों, महिलाओं और किसानों पर फोकस किया गया है।

विधानमंडल के अंदर-बाहर हुई 3 बड़ी कंट्रोवर्सी जान लीजिए…

1. विधान परिषद में भाभी-देवर के बीच बहस, राबड़ी बोलीं- भांग खाकर आते हैं

12 मार्च को सदन में खूब हंगामा हुआ। विधान परिषद में राबड़ी देवी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में तीखी बहस हुई। इसके बाद विधानसभा के बाहर पूर्व CM राबड़ी देवी ने कहा- ‘CM नीतीश कुमार भंगेड़ी हैं, वो विधानसभा में भांग खाकर आते हैं और महिलाओं का अपमान करते हैं।’

तेजस्वी ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा- ‘नीतीश सदन में बैठते हैं तो तरह-तरह के इशारे करते हैं। राबड़ी देवी बिंदी लगाती हैं तो मुख्यमंत्री इशारा करते हैं।’

वहीं, 25 मार्च को भी विधान परिषद में नीतीश कुमार हंगामे को लेकर राबड़ी देवी पर भड़क गए। उन्होंने कहा- ‘अरे बैठो न तोरा कौची है, अरे तोरा हसबैंड का है।’

दरअसल, राजद MLC सरकार पर आरक्षण चोर होने का आरोप लगा रहे थे। वहीं, एक दिन मुख्यमंत्री ने राबड़ी देवी को कहा कि पति जेल गए तो उनको सीएम बना दिया। आपका क्या है?

2. चाचा-भतीजा में तीखी बयानबाजी, नीतीश बोले- तुम्हारे पिता लालू को मैंने बनाया

4 मार्च को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाष के दौरान CM नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बयानबाजी हुई।

तेजस्वी: सरकार खटारा, सिस्टम नकारा, CM थका-हारा, आम आदमी मारा-मारा।

नीतीश: ये बच्चा है, इसे कुछ नहीं पता। 2005 के पहले कुछ नहीं था। तुम्हारे पिता (लालू) को भी हमने ही बनाया है। तुम्हारी जाति के लोग कहते थे, ऐसा मत करो।

तेजस्वी: 2005 से पहले CM को पलटूराम कहने पर किसी की सदस्यता नहीं ली जाती थी।

नीतीश: इन लोगों (RJD) ने 2 बार गड़बड़ की तो हमने हटाया है। हम अब हमेशा साथ रहेंगे। अब इधर-उधर जाने वाले नहीं हैं।’​​​​​

तेजस्वी: पुराने कागजों में उलझे दिन और रात, घड़ी देखकर भूल जाते दिन और रात। 2005 से पहले न चांद था, न तारा, न सूरज था। बोलते है 2005 से पहले क्या था।

नीतीश: 2005 के पहले लोग शाम को घर से निकलने से डरते थे। सड़कें नहीं थीं। हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते थे। जो काम किया मैंने किया, आप लोगों ने नहीं।

3. डिप्टी CM सम्राट चौधरी और तेजस्वी में तकरार

बजट सत्र के 5वें दिन यानी 6 मार्च को सदन में बजट पर चर्चा हुई। डिप्टी CM सम्राट चौधरी ने कहा- ‘नाच-गाना, लौंडा डांस, यही था लालू राज। बिहार के विकास और समृद्धि में लालू परिवार का कोई योगदान नहीं रहा।’

उन्होंने बिना नाम लिए तेजस्वी को बउआ और बचवा कहते हुए कहा- ‘इन्हें क्या पता है। ये बउआ हैं। जो लिख के दे दिया जाता हैं बचवा आकर पढ़ जाता है।’

इसके अलावा भी कुछ मौकों पर सम्राट चौधरी ने तेजस्वी पर तंज कसा। वहीं, RJD नेता ने पूरे सत्र के दौरान सम्राट को लालू का प्रोडक्ट बताते रहे। उनको नया भाजपाई बताया।

2 किस्से, जब चर्चा में रहे CM नीतीश कुमार…

मोबाइल देख सवाल पूछा तो भड़के सीएम

20 मार्च को विधान परिषद में RJD विधायक सुदय यादव मोबाइल देखकर सवाल पढ़ रहे थे। इस पर CM नीतीश कुमार भड़क गए। उन्होंने खड़े होकर कहा- ‘ई लोग मोबाइल लेकर बात कर रहा है। सब प्रतिबंधित था। सब मोबाइल लेकर बोल रहा है। ये कोई बात है? मोबाइल पर प्रतिबंध करिए। ऐसा रहा तो 10 साल से पहले ही धरती खत्म हो जाएगी।’

नीतीश-तेजस्वी के बीच इशारों में बात

विधानसभा में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव में इशारों में बातें भी खूब चर्चा में रही। मुख्यमंत्री ने अपने गाल पर हाथ फेरते हुए तेजस्वी से इशारों में पूछा-‘दाढ़ी क्यों नहीं बनाते हो।’ मुख्यमंत्री का इशारा देखकर तेजस्वी हंस दिए।

इससे पहले बजट वाले दिन भी मुख्यमंत्री और तेजस्वी के बीच इशारों में बात हुई थी। तब CM ने पूछा था-‘क्या चबा रहे हो।’ इस पर तेजस्वी ने कहा, ‘पल्स चॉकलेट खा रहा हूं।’

राष्ट्रगान के अपमान के मुद्दे पर सिर्फ 22 मिनट चला सदन

बजट सत्र के आखिरी दिनों में राष्ट्रगान के कथित अपमान के मुद्दे पर विधानसभा और विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ। सदन के अंदर और बाहर विपक्ष ने पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। कार्यवाही शुरू होने से पहले RJD ने CM नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की।

सदन के बाहर पोर्टिको में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी हाथ में बैनर लिए खड़े दिखे। विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही सिर्फ 22 मिनट ही चल पाई।

वहीं, विधान परिषद में भी हंगामा हुआ। कार्यवाही के दौरान राबड़ी देवी की माइक बंद हो गई। उन्होंने माइक चालू कराने की मांग की। राबड़ी ने कहा, ‘अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दिमाग खराब है, तो उनको गद्दी छोड़नी चाहिए और अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। बेटा नहीं बनता तो किसी दूसरे अपनी कुर्सी सौंप दें।’

दरअसल, 20 मार्च को सेपक टकरा वर्ल्ड कप के उद़घाटन के दौरान राष्ट्रगान के दौरान CM नीतीश कुमार हाथ जोड़ते और बात करते दिखे। एक बार तो उन्होंने राष्ट्रगान को बीच में रोक दिया।

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