8वें वेतन आयोग से पहले बड़ी सौगात, सरकार ने बढ़ाया केंद्रीय कर्मचारियों का 2% महंगाई भत्ता

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार (28 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में DA बढ़ोतरी पर फैसला हुआ। इससे पहले जुलाई 2024 में सरकार ने 3% बढ़ोतरी की थी। 8वें वेतन आयोग के लागू होने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 29 मार्च 2025, 07:35 AM 5 मिनट read
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8वें वेतन आयोग से पहले बड़ी सौगात, सरकार ने बढ़ाया केंद्रीय कर्मचारियों का 2% महंगाई भत्ता
Photo: UB India News Archive

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार (28 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में DA बढ़ोतरी पर फैसला हुआ। इससे पहले जुलाई 2024 में सरकार ने 3% बढ़ोतरी की थी।

8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले इस बढ़ोतरी से महंगाई भत्ता 53% से बढ़कर 55% हो जाएगा। इसका फायदा करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 66 लाख पेंशनर्स को होगा। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से लागू होगी। डीए की घोषणा में देरी हुई इसलिए अप्रैल के वेतन में पिछले तीन महीनों (जनवरी-मार्च 2025) के एरियर के साथ बढ़ा हुआ डीए भी शामिल होगा।

सरकार के अनुसार महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर हर साल 6614.04 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि इनकी दरों में साल में दो बार बदलाव होता है। एक बदलाव आमतौर पर मार्च में होता है और दूसरा दिवाली से पहले अक्टूबर में होता है।

कितनी बढ़ जाएगी सैलरी

इस बार महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई को ध्यान में रखकर की गई है। इस साल महंगाई पिछले साल के मुकाबले कम रही है। पिछले साल अक्टूबर में महंगाई भत्ते में 3% और मार्च में 4% की बढ़ोतरी हुई थी।

पिछले साल अक्टूबर में 3% की बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी का 53% हो गया था। अब 2% की बढ़ोतरी के बाद यह बेसिक सैलरी का 55% हो गया है। इसका मतलब है कि अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 10,000 रुपये है, तो उसे अब महंगाई भत्ते के रूप में 5500 रुपये मिलेंगे।

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 7 साल में सबसे कम

आमतौर पर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी 3% से 4% के बीच होती है, लेकिन इस बार बढ़ोतरी सिर्फ़ 2% है। ये पिछले सात सालों में सबसे कम है। वहीं सरकार आम तौर पर होली और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले बढ़ोतरी की घोषणा करती है। इस बार घोषणा होली के बाद की गई।

महंगाई से निपटने के लिए दिया जाता है DA

महंगाई बढ़ने के बावजूद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के जीवन स्तर को बनाए रखने के लिए महंगाई भत्ता यानी, DA दिया जाता है। DA की दरें ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर तय होती हैं, और यह हर 6 महीने में अपडेट होती है।

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स क्या है?

भारत में दो तरह की महंगाई होती है। एक रिटेल यानी खुदरा और दूसरा थोक महंगाई। रिटेल महंगाई दर आम ग्राहकों की तरफ से दी जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। इसको कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) भी कहते हैं।

8वें वेतन आयोग के लिए अभी आधिकारिक घोषणा नहीं ।

नई दिल्‍ली: 8वां वेतन आयोग लागू होने पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी में हर महीने 19,000 रुपये तक की बढ़ोतरी मुमकिन है। गोल्डमैन सैक्स ने यह बात कही है। इससे लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव की सिफारिश करता है। आमतौर पर हर 10 साल में इसका गठन होता है। यह आर्थिक स्थिति, महंगाई और जीवन यापन की लागत के आधार पर वेतनमान में बदलाव की सिफारिश करता है। इसकी सिफारिशें 2026 या 2027 तक लागू हो सकती हैं।

वेतन आयोग क्या है?

वेतन आयोग एक प्रशासनिक निकाय है, जिसका गठन भारत सरकार करती है। वेतन आयोग का मुख्य काम केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे की समीक्षा करना और उनकी वेतन संरचना में सुधार करने की सिफारिशें करना है। इसे समय-समय पर बनाया जाता है। इसका काम आर्थिक हालात देखकर वेतन में बदलाव की सिफारिश करना है।

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

अभी एक मध्यम स्तर के सरकारी कर्मचारी को औसतन 1 लाख रुपये प्रति माह (टैक्स से पहले) मिलते हैं। बजट में अलग-अलग पैसे के आवंटन के आधार पर सैलरी में संभावित बढ़ोतरी इस प्रकार हो सकती है:

– अगर 1.75 लाख करोड़ रुपये का आवंटन होता है तो सैलरी 1,14,600 रुपये प्रति माह तक बढ़ सकती है।
– अगर 2 लाख करोड़ रुपये का आवंटन होता है तो सैलरी 1,16,700 रुपये प्रति माह तक बढ़ सकती है।
– अगर 2.25 लाख करोड़ रुपये का आवंटन होता है तो सैलरी 1,18,800 रुपये प्रति माह तक बढ़ सकती है।

7वें वेतन आयोग में क्‍या हुआ था?

7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। इसमें सरकार पर 1.02 लाख करोड़ रुपये के खर्च का बोझ आया था। इससे वेतन और पेंशन में बदलाव हुए थे। ये बदलाव जुलाई 2016 से लागू हुए थे, लेकिन इन्हें जनवरी 2016 से माना गया था। इसका असर 2016-17 के वित्तीय वर्ष में दिखा था।

7वें वेतन आयोग में ‘फिटमेंट फैक्टर’ को 2.57 गुना बढ़ाया गया था। इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी। फिटमेंट फैक्टर एक संख्या होती है जिससे बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है।

 

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