लोकसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश होने जा रहा है, जिसे लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी दलों के बीच गतिरोध संसद में देखने को मिलेगा. बीजेपी ने इस विधेयक को पास कराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं एनडीए के सहयोगी दलों जैसे जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने भी इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है. दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने इस बिल का पुरजोर विरोध करने की रणनीति तैयार कर ली है. सबकी नजरें एनडीए के अहम सदस्य जेडीयू पर भी हैं. पार्टी के मुखिया ने भी इसको लेकर अपने सांसदों को सख्त संदेश जारी किया है.
JDU के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सांसदों को सख्त संदेश देते हुए कहा, “हमें इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए. यह गरीबों को न्याय दिलाने और देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए है. यह धारणा कि यह किसी एक धर्म के खिलाफ है, पूरी तरह से मिथक है.”
जेडीयू के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार का मानना है कि यह विधेयक मुस्लिम विरोधी नहीं है, क्योंकि यह धार्मिक पहलुओं को प्रभावित नहीं करता. उनका कहना है कि यह वक्फ के नाम पर दी गई जमीनों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है.
दरअसल, बीजेपी ने इस विधेयक को लेकर पहले से ही पिच तैयार कर ली है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने अपने सहयोगी दलों के सुझावों को विधेयक में शामिल किया है ताकि गठबंधन के भीतर किसी तरह का मतभेद न उभरे. एनडीए की सभी पार्टियों ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि विधेयक पर मतदान के दौरान सभी सांसद मौजूद रहें और सरकार के पक्ष में वोट करें.








