सरकार ने नए वक्फ कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन किया जारी …………..

सरकार ने नए कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कानून को लागू करने की तारीख को लेकर केंद्र सरकार अलग नोटिफिकेशन जारी करेगी। यह बिल (अब कानून) 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में 12-12 घंटे की चर्चा के बाद पास हुआ था। इस पर चर्चा के दौरान केंद्रीय […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 7 अप्रैल 2025, 06:15 AM 4 मिनट read
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सरकार ने नए वक्फ कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन किया जारी …………..
Photo: UB India News Archive

सरकार ने नए कानून को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कानून को लागू करने की तारीख को लेकर केंद्र सरकार अलग नोटिफिकेशन जारी करेगी। यह बिल (अब कानून) 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में 12-12 घंटे की चर्चा के बाद पास हुआ था।

इस पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था- कानून का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में हो रहे पक्षपात, दुरुपयोग और अतिक्रमण को रोकना है। बिल को राज्यसभा में 128 सदस्यों ने समर्थन दिया था, 95 ने विरोध किया। लोकसभा में यह बिल 2 अप्रैल की आधी रात पारित हुआ था। इस दौरान 288 सांसदों ने समर्थन में और 232 ने विरोध में वोट डाला था।

वक्फ संशोधन कानून का गजट नोटिफिकेशन…

वक्फ बिल पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का विरोध ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने शनिवार शाम को वक्फ बिल के विरोध में दो पेज का लेटर जारी किया और 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। AIMPLB ने कहा कि हम सभी धार्मिक, समुदाय-आधारित और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक संशोधन पूरी तरह से निरस्त नहीं हो जाते।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा-

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वक्फ संशोधन बिल इस्लामी मूल्यों, धर्म और शरीयत, धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता, सांप्रदायिक सद्भाव और भारतीय संविधान के आधारभूत ढांचे पर गंभीर हमला है। कुछ राजनीतिक दलों का भाजपा के सांप्रदायिक एजेंडे को दिए गए समर्थन ने उनके तथाकथित धर्मनिरपेक्ष मुखौटे को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।

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वक्फ बिल पर विपक्ष के नेताओं ने क्या कहा?

  • राहुल गांधी: वक्फ बिल मुसलमानों पर हमला करता है और भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने की मिसाल कायम करता है। बिल पास होने के बाद RSS ने अब कैथोलिक चर्च की जमीन पर फोकस कर लिया है। RSS को अपना ध्यान ईसाइयों की ओर मोड़ने में ज्यादा समय नहीं लगा। संविधान ही एकमात्र ढाल है जो हमारे लोगों को ऐसे हमलों से बचाता है और इसकी रक्षा करना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।
  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे: सरकार का इरादा ठीक नहीं है। वक्फ लैंड किसको देंगे यह सामने नहीं आया। व्यापारियों को देंगे…मुझे पता नहीं। अंबानी-अडाणी जैसे लोगों को खिलाएंगे। मैं गृहमंत्री से अपील करूंगा कि आप इसे वापस ले लें। इसे प्रेस्टीज ईश्यू न बनाएं। मुसलमानों के लिए ये अच्छा नहीं है। संविधान के खिलाफ है।
  • PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती: ऐसा नहीं होना चाहिए। यह अल्पसंख्यकों, मुसलमानों की संस्था है और इसे इस तरह से बुलडोजर करना और राज्यसभा में पारित करना, मैं समझती हूं कि यह डाका डालने के बराबर है, जो बहुत गलत है जो नहीं होना चाहिए।
  • NC सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी: भाजपा को मुसलमानों के लिए बोलने का कोई नैतिक या राजनीतिक अधिकार नहीं है और वक्फ विधेयक पारित करके RSS-भाजपा शासन ने अपनी मुस्लिम विरोधी, अल्पसंख्यक विरोधी मंशा की पुष्टि की है। आज भारत क्रूर बहुसंख्यकवाद के एक अंधेरे युग में चला गया है, जहां अल्पसंख्यक हितों को दरवाजा दिखा दिया गया।

मणिपुर में मुस्लिम भाजपा नेता का घर जलाया

नए वक्फ कानून का समर्थन करने पर मणिपुर के थोउबल जिले में रविवार को भीड़ ने भाजपा बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष असगर अली मकाकमयुम के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।

घटना के बाद असगर अली ने माफी मांगी और केंद्र सरकार से नए वक्फ कानून को वापस लेने की अपील की। उन्होंने पोस्ट में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी टैग किया। असगर अली ने लिखा –

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कृपया इस मुद्दे पर राजनीति न करें। मैंने जो कुछ भी कहा, अगर उससे किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं माफी चाहता हूं। मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस कानून को वापस ले लिया जाए।

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इस बीच, आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नए वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा। सुप्रीम कोर्ट में अब तक 6 याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं।

केरल के सुन्नी मुस्लिम संगठन जमीयतुल उलेमा, कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, सिविल राइट्स संगठन एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स और जमीयत उलेमा-ए-हिंद याचिका लगा चुके हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 11 अप्रैल से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

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