26 नवंबर, 2008 को मुंबई पर हुए आतंकी हमले से 6 महीने पहले अमेरिका के शिकागो में एक मीटिंग हुई। इसमें पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के अलावा डेविड हेडली और तहव्वुर राणा मौजूद थे।
मीटिंग में हेडली ने हमले का प्रजेंटेशन दिया। बlकायदा ग्राफिक्स और 3D इमेज से दिखाया कि कैसे समुद्र के रास्ते आतंकी मुंबई पहुंचेगे। कैसे ताज होटल पर अटैक होगा। प्रजेंटेशन देखकर तहव्वुर राणा जोर से हंसा। ये देखकर हेडली बोला कि ये बहुत भयानक होने वाला है। आखिर यही हुआ। मुंबई में घुसे लश्कर के 10 आतंकी अलग-अलग जगहों पर 4 दिन तक गोलियां बरसाते रहे। हमले में 160 से ज्यादा लोग मारे गए।
हेडली और राणा स्कूल के दोस्त थे और मुंबई हमले की साजिश के सबसे बड़े किरदार बने। मुंबई पर हमले के बाद उनकी प्लानिंग दिल्ली, राजस्थान और गोवा में हमले की थी। दिल्ली में टारगेट नेशनल डिफेंस कॉलेज था, जहां सेना के अफसर पढ़ते हैं। राणा ने हेडली से कहा था कि यहां हमला करके इतने सीनियर अफसरों को मारना है, जितने भारत-पाकिस्तान जंग में भी नहीं मरे होंगे।
अमेरिका की जेल में बंद तहव्वुर राणा को 10 अप्रैल को डिपोर्ट करके भारत लाया गया है। दैनिक भास्कर के पास अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट, लोअर कोर्ट में हुई सुनवाई और जांच एजेंसी की रिपोर्ट का 248 पेज का डॉक्यूमेंट है। ये रिपोर्ट दिसंबर, 2024 में तैयार की गई थी। इसमें तहव्वुर राणा, डेविड हेडली और पाकिस्तान की हर साजिश का खुलासा है। सबूतों के साथ सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए मुंबई हमले की साजिश कैसे रची गई।

रिपोर्ट की बड़ी बातें, जिनसे मुंबई हमले में हेडली-राणा के शामिल होने का पता चला
1. मुंबई पर हमले के बाद 25 दिसंबर, 2008 को लश्कर के पाकिस्तानी हैंडलर ने डेविड हेडली को ईमेल भेजा था। FBI ने ईमेल की जांच की है। इसमें पाकिस्तानी हैंडलर ने डेविड हेडली से पूछा था कि भारत में जो हुआ, उस पर तहव्वुर राणा का क्या रिएक्शन है। वो डरा हुआ है या रिलैक्स है। हेडली ने अगले दिन ईमेल का जवाब दिया। उसने लिखा कि राणा बहुत रिलैक्स है।
2. 7 सितंबर 2009 को राणा और हेडली के बीच करीब 24 मिनट बात हुई। इस दौरान भी दोनों ने मुंबई हमले पर बात की। इसी कॉल पर पहली बार भारत में दूसरे बड़े अटैक की साजिश का जिक्र हुआ था।
बातचीत में राणा ने कहा कि मुंबई अटैक में मारे गए 9 आतंकियों को पाकिस्तानी आर्मी का सबसे बड़ा सम्मान निशान-ए-हैदर देना चाहिए। साथ ही हेडली को भी हमले की प्लानिंग के लिए टॉप क्लास का मेडल मिलना चाहिए।
3. तहव्वुर राणा और डेविड हेडली की गिरफ्तारी एक लापरवाही की वजह से हुई। दरअसल, हेडली ने राणा को कोडवर्ड में एक मेल भेजा था, जिसे राणा समझ नहीं पाया। ईमेल में मुंबई हमले का भी जिक्र था। कोडवर्ड समझाने के लिए हेडली ने कॉल किया। यही कॉल FBI ने रिकॉर्ड कर लिया।
कॉल रिकॉर्डिंग के 24 दिन बाद 3 अक्टूबर, 2009 को डेविड हेडली को अरेस्ट कर लिया गया। हेडली की गिरफ्तारी के 15 दिन बाद तहव्वुर राणा भी अमेरिकी पुलिस की पकड़ में आ गया।
मुंबई के बाद राजस्थान, दिल्ली और गोवा में हमले की साजिश मुंबई अटैक के बाद डेविड हेडली और तहव्वुर राणा ने 2009 में भारत में दोबारा बड़े हमले की तैयारी की थी। अमेरिकी कोर्ट के डॉक्युमेंट के मुताबिक, दोनों मुंबई अटैक के बाद भारत में सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे। भारत के अलावा डेनमार्क में भी हमला किया जाना था। डेनमार्क के न्यूजपेपर जाइलैंड्स-पोस्टेन ने 30 सितंबर 2005 को पैगंबर मोहम्मद के 12 कार्टून पब्लिश किए थे। इसका बदला लेने के लिए डेनमार्क पर हमले की तैयारी थी।
भारत में दिल्ली, गोवा, राजस्थान के पुष्कर में हमले किए जाते। दिल्ली में दो टारगेट भी तय थे। नेशनल डिफेंस कॉलेज, जहां भारतीय सेना के अधिकारी पढ़ाई करते हैं। दूसरा पहाड़गंज एरिया में चाबड़ हाउस। चाबड़ हाउस यहूदियों का कम्युनिटी सेंटर है। इजराइल से आने वाले टूरिस्ट भारत में इसे अपना घर मानते हैं।

राणा ने कहा- भारत के इतने अफसर मारने हैं, जितने जंग में नहीं मरे हेडली ने नेशनल डिफेंस कॉलेज की रेकी के बारे में तहव्वुर राणा को भी बताया था। 7 सितंबर 2009 को दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। इसमें तहव्वुर राणा ने कहा था कि नेशनल डिफेंस कॉलेज पहले से मेरे टारगेट पर है।
राणा ने कहा कि ऐसा अटैक करना है, जिससे इंडियन आर्मी के इतने सीनियर अफसर मारे जाने चाहिए, जितने भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी नहीं मरे हों।
हेडली ने ईमेल आईडी सिक्योर करने के लिए दूसरा ईमेल सेटअप किया। इसके बाद तहव्वुर राणा ने पाकिस्तान में हेडली और लश्कर के मेंबर्स से सीधे कॉन्टैक्ट किया था। इसी दौरान हेडली ने ईमेल पर राणा को कोडवर्ड में जानकारी भेजी थी। तहव्वुर राणा को ये कोडवर्ड समझ नहीं आया। कोडवर्ड समझाने के लिए हेडली ने फोन किया था, जिसे FBI ने रिकॉर्ड कर लिया।
असल में हेडली ने एक लिस्ट बनाई थी। इसे वो कागज पर लिखकर ईमेल नहीं करना चाहता था। इसलिए उसने ईमेल पर उसे कोडवर्ड में लिख दिया था। फोन पर बात करते हुए हेडली ने बताया कि अगर मैं कागज पर लिखकर रख लेता और तलाशी में पकड़ा जाता तो फंसने का डर था। इसलिए कभी कोई साजिश की बात कागज पर नहीं लिखी।
इसी डिटेल के आधार पर FBI ने डेविड हेडली को शिकागो से 3 अक्टूबर 2009 को अरेस्ट कर लिया। 18 अक्टूबर 2009 को राणा को अरेस्ट किया गया।








