किस कुर्बानी की बात कर रहे मदनी?

संसद से पास होने और राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वक्‍फ संशोधन बिल अब वक्‍फ संशोधन कानून बन चुका है. इसको अमल में लाने को लेकर गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है. इसके बाद से वक्‍फ संशोधन कानून को लेकर देश के अलग-अलग हिस्‍सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 14 अप्रैल 2025, 06:33 AM 3 मिनट read
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किस कुर्बानी की बात कर रहे मदनी?
Photo: UB India News Archive

संसद से पास होने और राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद वक्‍फ संशोधन बिल अब वक्‍फ संशोधन कानून बन चुका है. इसको अमल में लाने को लेकर गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है. इसके बाद से वक्‍फ संशोधन कानून को लेकर देश के अलग-अलग हिस्‍सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल सबसे ज्‍यादा प्रभावित हुआ है. मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी कह चुकी हैं कि वह बंगाल में इस कानून को लागू नहीं होने देंगी. दूसरी तरफ, वक्‍फ कानून में किए गए संशोधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. शीर्ष अदालत आनेवाले समय में वक्‍फ संशोधन कानून से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. इस बीच, जमीयत उलेमा-ए हिन्‍द के सरवरा मौलना महमूद मदनी ने वक्‍फ संशोधन कानून पर कहा कि वह कुर्बानी देने के लिए भी तैयार हैं.

मौलाना महमूद मदनी का कुर्बानी वाला बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब वक्‍फ संशोधन कानून के नाम पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद हिंसा की आग में झुलस रहा है. लोग डर के साये में जी रहे हैं. वहीं, पलायन की खबरें भी सामने आई हैं. पश्चिम बंगाल पुलिस से जब मामला नहीं संभला तो बॉर्डर सिक्‍योरिटी फोर्स (BSF) को मोर्चे पर लगाना पड़ा, ताकि उपद्रवियों पर नकेल कसी जा सके और स्‍थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ाई जा सके. ऐसे कठिन समय में जमीय के प्रमुख मदनी का बयान माहौल को और भी खराब करने की क्षमता रखता है. एक तरफ जहां शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ एक जिम्‍मेदार पद पर बैठे एक जिम्‍मेदार व्‍यक्ति से इस तरह के बयान की अपेक्षा शायद ही किसी ने की हो.

जान लीजिए मदनी ने क्‍या कहा
वक्फ संशोधन कानून देशभर में लागू हो चुका है. कुछ क्षेत्रों में विरोध-प्रदर्शन भी हो रहे हैं. कई संगठन और राजनीतिक दल संशोधित कानून का विरोध कर रहे हैं. इस बीच, जमीयत नेता के बयान ने हलचल बढ़ा दी. जमीयत उलेमा-ए-हिन्‍द के प्रमुख महमूद मदनी ने कहा, ‘यह वक्फ का मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीति से जुड़ा है. यह कानून देश, समाज या मुसलमानों के लिए सही नहीं है.’ मदनी आगे कहते हैं कि इसके लिए हम कु्र्बानी भी देने को तैयार हैं. मदनी यहीं नहीं रुके. उन्‍होंने अपने विरोध पर आगे कहा कि हमारी लड़ाई जारी रहेगी और खत्म नहीं होगी. चाहे इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी पड़े. अगर सब्र भी करना पड़ा तो वो भी करेंगे. उनका यह बयान ऐसे समय में अया है जब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में इसके खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जमकर बवाल हुआ. हिंसा में कुछ लोग मारे भी गए.

‘हमारी लड़ाई जारी रहेगी’
महमूद मदनी ने वक्‍फ की जमीनों पर भी टिप्‍पणी की है. जमीयत चीफ ने कहा कि कब्जा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही कहा कि नया वक्फ कानून के प्रावधान बिल्डरों को फायदा पहुंचाने वाले हैं. मदनी ने कहा, ‘हमारे बुजुर्गों ने देश की आजादी की जंग लड़ी और देश में रहना चुना, कुर्बानी दी. देश के संस्थापकों ने कुछ कमिटमेंट किए थे, लेकिन आज उनकी बुनियाद को रौंदा जा रहा है.’ बता दें कि वक्‍फ संशोधन कानून में वक्‍फ जमीन का रिकॉर्ड रखने और उसके डिजिटाइजेशन का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्‍य वक्‍फ कानून को और अधिक पारदर्शी बनाना है.
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