ट्रंप ने हार्वर्ड की 2.2 अरब डॉलर की फंडिंग क्यों रोकी ………..

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की 2.2 अरब डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपए) की फंडिंग रोक दी है। यह कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि हार्वर्ड ने व्हाइट हाउस की उन मांगों को मानने से इनकार कर दिया जिनका मकसद कैंपस में यहूदी विरोधी गतिविधियों पर सख्ती करना था। ट्रम्प प्रशासन ने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 15 अप्रैल 2025, 06:08 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
ट्रंप ने हार्वर्ड की 2.2 अरब डॉलर की फंडिंग क्यों रोकी ………..
Photo: UB India News Archive

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की 2.2 अरब डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपए) की फंडिंग रोक दी है।

यह कार्रवाई इसलिए हुई क्योंकि हार्वर्ड ने व्हाइट हाउस की उन मांगों को मानने से इनकार कर दिया जिनका मकसद कैंपस में यहूदी विरोधी गतिविधियों पर सख्ती करना था।

ट्रम्प प्रशासन ने 3 अप्रैल को यूनिवर्सिटी के सामने मांग रखी थी कि यूनिवर्सिटी के गवर्नेंस, एडमिशन और हायरिंग प्रोसेस पर सरकार को नियंत्रण दिया जाए और इनमें बड़ा बदलाव किया जाए।

इसके अलावा डाइवर्सिटी ऑफिस बंद करने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की जांच में इमिग्रेशन अफसरों की मदद करने की मांग भी रखी गई थी।

हार्वर्ड ने इन मांगों को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद सोमवार रात को ट्रम्प प्रशासन ने हार्वर्ड को बताया कि उसकी 2 अरब डॉलर से ज्यादा की फेडरल फंडिंग रोका जा रहा है।

अक्टूबर 2023 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन के समर्थन और इजराइल के विरोध में हुई रैली।
अक्टूबर 2023 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीन के समर्थन और इजराइल के विरोध में हुई रैली।
ट्रंप की मनमानी हार्वर्ड को मंजूर नहीं
हार्वर्ड के अध्यक्ष एलन गार्बर ने इन शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘ये मांगें हमारी आजादी पर हमला हैं. कोई भी सरकार, चाहे वो किसी भी पार्टी की हो ये तय नहीं कर सकती कि हम क्या पढ़ाएं, किसे दाखिला दें, या कौन सी खोज करें.’ गार्बर ने साफ किया कि हार्वर्ड यहूदी-विरोधी भावनाओं से लड़ने के लिए पहले ही कई कदम उठा चुका है, लेकिन ट्रंप की ये मनमानी उसे मंजूर नहीं. ट्रंप सरकार ने हार्वर्ड को 2.2 अरब डॉलर की फंडिंग रोककर डराने की कोशिश की है. ये पैसा अनुसंधान, चिकित्सा, और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में जाता है, जो लाखों लोगों की जिंदगी बेहतर बनाते हैं.

हार्वर्ड प्रेसिडेंट बोले- हम सरकार के आगे नहीं झुकेंगे

हार्वर्ड प्रेसिडेंट एलन गारबर ने छात्रों और फैकल्टी को लिखे पत्र में कहा कि यूनिवर्सिटी सरकार के आगे नहीं झुकेगी और अपनी स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगी।

गारबर ने कहा,

QuoteImage

कोई भी सरकार या सत्ता में बैठी कोई भी पार्टी हो, वह यह तय नहीं कर सकती कि प्राइवेट यूनिवर्सिटी क्या पढ़ा सकती हैं, किसे दाखिला या नौकरी दे सकती हैं, और कौन से सब्जेक्ट्स पर पढ़ाई या रिसर्च कर सकते हैं।

QuoteImage

ट्रम्प की जॉइंट टास्क फोर्स ने कहा- यूनिवर्सिटी का बयान चिंताजनक

इसके जवाब में ट्रंप की ‘जॉइंट टास्क फोर्स टु कॉम्बैट एंटी-सेमिटिज्म’ ने बयान जारी कर कहा कि हार्वर्ड को मिलने वाली 2.2 अरब डॉलर की मल्टी-ईयर ग्रांट और 6 करोड़ डॉलर की सरकारी कॉन्ट्रैक्ट की फंडिंग रोक दी गई है।

टास्क फोर्स ने कहा कि हार्वर्ड का बयान हमारे देश की सबसे बेहतर यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में फैली एक चिंताजनक मानसिकता को दर्शाता है। ये दिखाता है कि वे सरकारी फंडिंग तो पाना चाहते हैं, लेकिन कानूनों का पालन करने की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते हैं।

टास्क फोर्स ने कहा कि पिछले कुछ साल में कई कैंपस में पढ़ाई में रुकावटें आई हैं, जो हमें मंजूर नहीं हैं। यहूदी छात्रों का हैरासमेंट बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अब समय आ गया है कि ये टॉप यूनिवर्सिटीज इस समस्या को गंभीरता से लें और अगर वे टैक्सपेयर्स की तरफ से फंडिंग पाना जारी रखना चाहती हैं, तो ठोस बदलाव लाने के लिए तैयार रहें।

ट्रंप के विरोध में उतरे पूर्व छात्र
हार्वर्ड ने ट्रंप की धमकियों को ठेंगा दिखा दिया है. ट्रंप प्रशासन की मांगों के खिलाफ पूर्व छात्रों के एक समूह ने विश्वविद्यालय की लीडरशिप को चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने ट्रंप का कानूनी रूप से विरोध करने और गैरकानूनी मांगों का पालन करने से इनकार करने का आह्वान किया, जो एकेडमिक स्वतंत्रता और विश्वविद्यालय के स्वशासन को खतरा पहुंचाती है. पत्र लिखने वालों पूर्व छात्रों में से एक अनुरिमा भार्गव ने कहा, ‘हार्वर्ड आज ईमानदारी, मूल्यों और स्वतंत्रता के लिए खड़ा हुआ है, जो उच्च शिक्षा की नींव के रूप में काम करती है. हार्वर्ड ने आज शिक्षा की आजादी और मूल्यों की रक्षा की है. ये दुनिया को दिखाता है कि बुलिंग और तानाशाही के सामने झुकना हमें मंजूर नहीं.’ हार्वर्ड अब वॉल स्ट्रीट से 750 मिलियन डॉलर उधार लेने की तैयारी कर रहा है, ताकि फंडिंग कटौती का असर कम हो.

यूनिवर्सिटी में फिलिस्तीनी झंडा फहराया था

गाजा में जारी इजराइल-हमास जंग के खिलाफ पिछले साल अमेरिका की कई यूनिवर्सिटीज में फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों में हजारों छात्रों ने हिस्सा लिया था। AP की रिपोर्ट के मुताबिक 1000 से ज्यादा छात्र गिरफ्तार भी हुए।

इस दौरान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में छात्रों ने फिलिस्तीनी झंडा फहराया था। यूनिवर्सिटी ने इसे पॉलिसी के खिलाफ बताते हुए छात्रों के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही थी।

ट्रम्प प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी की 33 अरब रुपए की मदद रोकी

इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 33 अरब रुपए) के ग्रांट को रद्द कर दिया था। प्रशासन ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी पर भी यहूदी छात्रों के हो रहे उत्पीड़न को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया था।

अमेरिकी शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग, न्याय विभाग और सामान्य सेवा प्रशासन की जॉइंट टास्क फोर्स टु कॉम्बैट एंटी-सेमिटिज्म ने यह कार्रवाई की। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ज्यूडिशियल बोर्ड ने गाजा को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान हैमिल्टन हॉल पर कब्जे में शामिल छात्रों पर सख्त कार्रवाई भी की है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰