राहुल के मूवी इवेंट से महागठबंधन दूर, क्या है कांग्रेस का बिहार प्लान

‘मैं यहां कमजोर, पिछड़े, दलित छात्रों से बात करने आया था, लेकिन उन्होंने मुझे रोकने की कोशिश की और अनुमति नहीं दी। लेकिन हमारा काम हो गया।’ बिहार में 7 घंटे वक्त बिताने के बाद लौटते वक्त राहुल गांधी ने यह बात पटना एयरपोर्ट पर कही। बीते 5 महीने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 16 मई 2025, 05:59 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
राहुल के मूवी इवेंट से महागठबंधन दूर, क्या है कांग्रेस का बिहार प्लान
Photo: UB India News Archive

‘मैं यहां कमजोर, पिछड़े, दलित छात्रों से बात करने आया था, लेकिन उन्होंने मुझे रोकने की कोशिश की और अनुमति नहीं दी। लेकिन हमारा काम हो गया।’

बिहार में 7 घंटे वक्त बिताने के बाद लौटते वक्त राहुल गांधी ने यह बात पटना एयरपोर्ट पर कही।

बीते 5 महीने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का यह चौथा दौरा। हर बार की तरह इस बार भी जातीय जनगणना, दलित और OBC उनके एजेंडे पर रहा।

लेकिन इस बार कांग्रेस थोड़ी बदली तेवर में नजर आई। दरभंगा में प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बाद राहुल गांधी दलित-अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स से मिलने पैदल चल दिए।

मुस्कुराते, हाथ हिलाते राहुल गांधी ने करीब 3 किमी तक मानों रोड शो ही कर दिया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आक्रामक कर सत्ता पक्ष को तो निशाने पर लिया ही, अपने सहयोगी पार्टियों को भी संकेत दिया।

दरभंगा में बिना परमिशन के दलित छात्रों से मिले तो पटना में सिविल सोसाइटी के लोगों के साथ समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘फुले’ देखी।

राहुल गांधी के इस दौरे के राजनीतिक मायने क्या हैं?, कांग्रेस ने किसे साधने का प्रयास किया? पढ़िए इस स्पेशल रिपोर्ट में…।

19 फीसदी वोटों पर कांग्रेस की नजर

राहुल गांधी का पूरा फोकस बिहार के 19 फीसदी दलित वोटरों पर है। एक समय में दलित कांग्रेस का मजबूत वोट बैंक हुआ करते थे, लेकिन 2005 में नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद JDU की ओर शिफ्ट होते गए।

राहुल गांधी की कोशिश दलितों को फिर अपने पक्ष में करने को लेकर देखी जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और पार्टी तेजी से SC/ST समुदाय तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

गुरुवार को राहुल गांधी बिना परमिशन दरभंगा के दलित छात्रावास पहुंचे। वे साफ मैसेज देना चाहते थे कि वो दलितों के लिए खड़े हैं। ग्राफिक के जरिए जानिए, कांग्रेस ने दलितों को अपनी तरफ करने के लिए क्या-क्या किया…

तेलंगाना मॉडल की चर्चा कर तेजस्वी को दिया संदेश

सिविल सोसाइटी के लोगों से बातचीत में राहुल गांधी ने बिहार में हुए जातीय सर्वे को सेल्फ रिपोर्टिंग कहा। इससे पहले वह मंच से बिहार के जातीय सर्वे को फेक बता चुके हैं।

वह बार-बार तेलंगाना मॉडल की चर्चा कर रहे हैं और अपनी सरकार आने पर उसे लागू करने का वादा कर रहे।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस बार बिहार में आक्रामक तरीके से चुनाव लड़ना चाहती है। अगर इसके लिए उसे कुछ जोखिम भी उठाना पड़े तो पार्टी उठाने को तैयार है। यही कारण है कि राहुल गांधी बिहार के जातीय सर्वे को फेक करार दे रहे हैं। और इसका क्रेडिट लेने वालों पर इशारों-इशारों में निशाना भी साध रहे हैं।

दरअसल, बिहार की जातीय सर्वे का क्रेडिट कांग्रेस की सहयोगी पार्टी RJD लेती रही है। वह राहुल गांधी के बयान पर एकदम चुप है।

राहुल के दौरे से महागठबंधन के नेता दूर रहे

पटना में राहुल गांधी ने फुले फिल्म देखी। इसमें उनके साथ कांग्रेस नेता और सिविल सोसाइटी के लोग साथ थे।

वहीं, महागठबंधन का कोई नेता उस कार्यक्रम में नहीं दिखा। चुनावी माहौल में ये दूरी कई संकेत कर रही है। कयास ये भी लगाया जा रहा है कि महागठबंधन के अंदर सीटों को लेकर खींचतान है।

पढ़े-लिखे लोगों को जोड़ने की कोशिश

कांग्रेस ने फिल्म देखने के लिए सिविल सोसाइटी के वैसे लोगों को बुलाया था, जो कांग्रेस या लेफ्ट माइंडेड रहे हैं। इसमें लेखक, प्रोफेसर, रंगकर्मी, सोशल एक्टिविस्ट काफी संख्या में थे।

कांग्रेस यह मानती है कि हमारी नीतियों के बड़े प्रचारक यही हैं। इन्हें पार्टी के विचारों से और नजदीक लाना है। ये समाज में सामाजिक न्याय की धारा को तो मजबूत करेंगे ही विधानसभा चुनाव में भी काफी फायदा पहुंचा सकते हैं।

राहुल गांधी सिनेमा हॉल पहुंचे तो माइक थाम लिया। लोगों को बताया कि ठेकेदारी में बहुसंख्यक नहीं है, बहुसंख्यक लोग राजनीति में भी नहीं है। 90 फीसदी लोग रैपिडो, ऊबर चला रहे हैं। ये लोग मॉडर्न मजदूर हैं।
राहुल गांधी सिनेमा हॉल पहुंचे तो माइक थाम लिया। लोगों को बताया कि ठेकेदारी में बहुसंख्यक नहीं है, बहुसंख्यक लोग राजनीति में भी नहीं है। 90 फीसदी लोग रैपिडो, ऊबर चला रहे हैं। ये लोग मॉडर्न मजदूर हैं।

सिविल सोसाइटी के लोगों ने राहुल से क्या-क्या कहा…

किन्नर डिंपल ने कहा, ‘जब किसी किन्नर का जन्म होता है तो उसे घर से निकाल दिया जाता है। बहुत खराब स्थिति हो जाती है। इसलिए आप लोकसभा में सवाल उठाइए कि किन्नरों के लिए आवासीय व्यवस्था सरकार करे।’

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सुधा वर्गीज ने मुसहर समाज के लोगों को राहुल गांधी के सामने रखा।

प्रसिद्ध सर्जन डॉ. ए. हई ने कहा, ‘संविधान के अनुसार हम बराबर हैं। लेकिन कुछ सालों से मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है। आप सवाल उठा रहे हैं, अल्लाह आपको ताकत दें।’

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰