भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत को भविष्य के युद्ध के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है. रक्षा मंत्रालय ने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट- Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) प्रोजेक्ट के ‘एक्जीक्यूशन मॉडल’ को मंजूरी दे दी है. इस ऐलान ने न सिर्फ भारत के एयरोस्पेस सेक्टर को नई उड़ान दी है, बल्कि देश को अमेरिका, रूस और चीन जैसे शक्तिशाली देशों की कतार में खड़ा करने की ओर बड़ा संकेत भी भेजा है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में इस मॉडल को मंजूरी दी गई है. इस प्रोग्राम की अगुवाई एयरोनॉटिकल डेवेलपमेंट एजेंसी (ADA) करेगी, और इसमें निजी रक्षा कंपनियों को भी भागीदारी दी जाएगी. यानी यह एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल होगा, जो देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा.
क्या है AMCA?
AMCA एक 25-टन वजनी ट्विन-इंजन स्टेल्थ मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे खास तौर से आधुनिक और भविष्य के युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें 6.5 टन की फ्यूल कैपेसिटी होगी और इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका स्टेल्थ डिज़ाइन… यानि दुश्मन के रडार की पकड़ से लगभग बाहर.
इस विमान की संरचना में इंटरनल वेपन्स बे है, जिसमें चार लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें और कई प्रिसिजन गाइडेड बम फिट किए जा सकते हैं… इसका मतलब है कि यह फाइटर दुश्मन के इलाके में गहराई तक घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई कर सकता है, बिना खुद को रडार पर दिखाए.
5th Gen फाइटर जेट की ताकत
रडार को गच्चा देने की ताकत: ये विमान रडार क्रॉस-सेक्शन को न्यूनतम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे ये दुश्मन के रडार से बच निकलते हैं. यह स्टेल्थ क्षमता इन्हें ‘पहली नजर, पहला हमला’ की रणनीति में माहिर बनाती है, जिससे ये युद्ध में निर्णायक बढ़त हासिल करते हैं.
ध्वनि से तेज रफ्तार: 5th जेनरेशन जेट्स सुपरसोनिक गति (ध्वनि की गति से अधिक) पर उड़ान भर सकते हैं. इससे ईंधन की खपत कम होती है और लंबी दूरी के मिशन संभव हो पाते हैं. उदाहरण के लिए, अमेरिका का F-22 रैप्टर सुपरक्रूज़ में मच 1.5 की गति तक पहुंच सकता है.
हाईटेक सेंसर: इन विमानों में एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार, इन्फ्रारेड सर्च एंड ट्रैक (IRST) सिस्टम, और सेंसर फ्यूजन तकनीक होती है. ये युद्धक्षेत्र की 360-डिग्री तस्वीर प्रदान करते हैं. किसी भी जंग में ये विमान ड्रोन, सैटेलाइट्स, और अन्य सैन्य इकाइयों के साथ रीयल-टाइम डेटा साझा कर सकते हैं.
एक विमान-कई काम : ये विमान हवा से हवा, हवा से जमीन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे कई मिशनों को अंजाम दे सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, F-35 लाइटनिंग II विभिन्न मिशनों के लिए अलग-अलग कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध है.
कौन-कौन से हैं 5th Gen फाइटर जेट्स:
लॉकहीड मार्टिन F-22 रैप्टर- अमेरिका)
लॉकहीड मार्टिन F-35 लाइटनिंग II- अमेरिका)
चेंगदू J-20 माइटी ड्रैगन- चीन
सुखोई Su-57 फेलॉन- रूस
भारत के पास अभी किस जेनरेशन के लड़ाकू विमान हैं?
भारतीय वायु सेना (IAF) के पास वर्तमान में चौथी और 4.5 पीढ़ी के विमान हैं. ये लड़ाकू विमान क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं, लेकिन 5th जेनरेशन की तुलना में कुछ सीमाएं रखते हैं.
सुखोई Su-30 MKI: 4.5 जेनरेशन का Su-30 MKI फाइटर जेट वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं. 272 विमानों का यह बेड़ा, थ्रस्ट वेक्टरिंग और ब्रह्मोस जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस है.
इसके अलावा मिराज 2000, मिग-29 UPG, जगुआर और तेजस चौथी पीढी के फाइटर जेट्स हैं. ये सभी लड़ाकू विमान भारत की हिफाजत करने और दुश्मनों को नाकों चबे चबवाने का मद्दा रखते हैं.








