कितने ताकतवर होते हैं 5th Gen फाइटर जेट? भारत के पास अभी किस जेनरेशन के लड़ाकू विमान

भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत को भविष्य के युद्ध के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है. रक्षा मंत्रालय ने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट- Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) प्रोजेक्ट के ‘एक्जीक्यूशन मॉडल’ को मंजूरी दे दी है. इस ऐलान ने न सिर्फ भारत के एयरोस्पेस सेक्टर को […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 28 मई 2025, 10:12 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
कितने ताकतवर होते हैं 5th Gen फाइटर जेट? भारत के पास अभी किस जेनरेशन के लड़ाकू विमान
Photo: UB India News Archive

भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत को भविष्य के युद्ध के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है. रक्षा मंत्रालय ने पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट- Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) प्रोजेक्ट के ‘एक्जीक्यूशन मॉडल’ को मंजूरी दे दी है. इस ऐलान ने न सिर्फ भारत के एयरोस्पेस सेक्टर को नई उड़ान दी है, बल्कि देश को अमेरिका, रूस और चीन जैसे शक्तिशाली देशों की कतार में खड़ा करने की ओर बड़ा संकेत भी भेजा है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में इस मॉडल को मंजूरी दी गई है. इस प्रोग्राम की अगुवाई एयरोनॉटिकल डेवेलपमेंट एजेंसी (ADA) करेगी, और इसमें निजी रक्षा कंपनियों को भी भागीदारी दी जाएगी. यानी यह एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल होगा, जो देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगा.

क्या है AMCA?

AMCA एक 25-टन वजनी ट्विन-इंजन स्टेल्थ मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे खास तौर से आधुनिक और भविष्य के युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें 6.5 टन की फ्यूल कैपेसिटी होगी और इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका स्टेल्थ डिज़ाइन… यानि दुश्मन के रडार की पकड़ से लगभग बाहर.

इस विमान की संरचना में इंटरनल वेपन्स बे है, जिसमें चार लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें और कई प्रिसिजन गाइडेड बम फिट किए जा सकते हैं… इसका मतलब है कि यह फाइटर दुश्मन के इलाके में गहराई तक घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई कर सकता है, बिना खुद को रडार पर दिखाए.

5th Gen फाइटर जेट की ताकत

रडार को गच्चा देने की ताकत: ये विमान रडार क्रॉस-सेक्शन को न्यूनतम करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जिससे ये दुश्मन के रडार से बच निकलते हैं. यह स्टेल्थ क्षमता इन्हें ‘पहली नजर, पहला हमला’ की रणनीति में माहिर बनाती है, जिससे ये युद्ध में निर्णायक बढ़त हासिल करते हैं.

ध्वनि से तेज रफ्तार: 5th जेनरेशन जेट्स सुपरसोनिक गति (ध्वनि की गति से अधिक) पर उड़ान भर सकते हैं. इससे ईंधन की खपत कम होती है और लंबी दूरी के मिशन संभव हो पाते हैं. उदाहरण के लिए, अमेरिका का F-22 रैप्टर सुपरक्रूज़ में मच 1.5 की गति तक पहुंच सकता है.

हाईटेक सेंसर: इन विमानों में एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे (AESA) रडार, इन्फ्रारेड सर्च एंड ट्रैक (IRST) सिस्टम, और सेंसर फ्यूजन तकनीक होती है. ये युद्धक्षेत्र की 360-डिग्री तस्वीर प्रदान करते हैं. किसी भी जंग में ये विमान ड्रोन, सैटेलाइट्स, और अन्य सैन्य इकाइयों के साथ रीयल-टाइम डेटा साझा कर सकते हैं.

एक विमान-कई काम : ये विमान हवा से हवा, हवा से जमीन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे कई मिशनों को अंजाम दे सकते हैं. उदाहरण के तौर पर, F-35 लाइटनिंग II विभिन्न मिशनों के लिए अलग-अलग कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध है.

कौन-कौन से हैं 5th Gen फाइटर जेट्स:

लॉकहीड मार्टिन F-22 रैप्टर- अमेरिका)
लॉकहीड मार्टिन F-35 लाइटनिंग II- अमेरिका)
चेंगदू J-20 माइटी ड्रैगन- चीन
सुखोई Su-57 फेलॉन- रूस

भारत के पास अभी किस जेनरेशन के लड़ाकू विमान हैं?

भारतीय वायु सेना (IAF) के पास वर्तमान में चौथी और 4.5 पीढ़ी के विमान हैं. ये लड़ाकू विमान क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं, लेकिन 5th जेनरेशन की तुलना में कुछ सीमाएं रखते हैं.

सुखोई Su-30 MKI: 4.5 जेनरेशन का Su-30 MKI फाइटर जेट वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं. 272 विमानों का यह बेड़ा, थ्रस्ट वेक्टरिंग और ब्रह्मोस जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस है.

इसके अलावा मिराज 2000, मिग-29 UPG, जगुआर और तेजस चौथी पीढी के फाइटर जेट्स हैं. ये सभी लड़ाकू विमान भारत की हिफाजत करने और दुश्मनों को नाकों चबे चबवाने का मद्दा रखते हैं.

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰