पाकिस्तान को लेकर मोदी ने भारत का रुख कैसे बदला है………

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान को फिर चेतावनी दी। आतंकवादियों के जनाज़े को कंधा देने वाले पाकिस्तानी फौज के अफसरों को वॉर्निंग दी। मोदी ने ऐलान किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। मोदी ने पाकिस्तान की मदद करने वाले चीन को भी आड़े हाथों लिया। आतंकवाद की मदद करने वाले दोनों मुल्कों से कैसे […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 29 मई 2025, 07:33 AM 6 मिनट read
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पाकिस्तान को लेकर मोदी ने भारत का रुख कैसे बदला है………
Photo: UB India News Archive

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान को फिर चेतावनी दी। आतंकवादियों के जनाज़े को कंधा देने वाले पाकिस्तानी फौज के अफसरों को वॉर्निंग दी। मोदी ने ऐलान किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। मोदी ने पाकिस्तान की मदद करने वाले चीन को भी आड़े हाथों लिया। आतंकवाद की मदद करने वाले दोनों मुल्कों से कैसे डील करना है, इसका संदेश दिया।

मोदी ने पाकिस्तान को साफ-साफ बता दिया कि अब पर्दे के पीछे छुप कर वार करने का फॉर्मूला नहीं चलेगा। मोदी ने 70 साल से भारत के खिलाफ जारी पाकिस्तान के प्रॉक्सी वॉर का जिक्र किया और कहा, अब प्रॉक्सी वॉर का ज़माना गया, अब जंग होगी। मोदी ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर नहीं, युद्ध लड़ रहा है, क्योंकि पाकिस्तान की सेना आतंकवादियों के साथ है। अब state actors और non-state actors में फर्क नहीं किया जाएगा। दोनों को बंदूक की गोली से उड़ाया जाएगा। मोदी ने कहा कि कांटा कहीं भी चुभे, दर्द पूरे शरीर को होता है, इसीलिए आतंकवाद के इस कांटे को जड़ से उखाड़ कर फेंका जाएगा।

मोदी ने कहा कि प्रॉक्सी वॉर कह कर पाकिस्तान को बहुत दिन तक छूट मिलती रही, अब ये नहीं चलेगा। आतंकवादी गतिविधियों में पाकिस्तान की हुकूमत और वहां की फौज सीधे शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादियों के जनाज़े को कंधा पाकिस्तानी फौज के अफसरों ने दिया, दहशतगर्दों की लाशों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया। अब और क्या सबूत चाहिए?

मोदी ने कहा कि अब दुनिया भी कान खोल कर सुन ले कि पाकिस्तान ने आतंकवाद की आड़ लेकर भारत के खिलाफ सीधी जंग छेड़ रखी है और उसका जवाब भी वैसे ही मिलेगा। मोदी ने कांग्रेस की ऐतिहासिक गलतियों की भी याद दिला दी। कहा कि आज़ादी के बाद कश्मीर पर कबायली हमले के वक्त ही सरदार पटेल की बात मान ली होती, तो न  आतंकवादी बचते, न PoK पर कब्जा होता, न ये दिन देखने पड़ते… अब नया भारत ये सहन नहीं करेगा। अब पाकिस्तान की पूंछ सीधी करने का वक़्त आ चुका है और ऑपरेशन सिंदूर के साथ ये काम शुरू हो गया है।

हो सकता है, नई पीढ़ी को इतिहास की पूरी जानकारी न हो। 1947 में आजादी के फौरन बाद पाकिस्तान ने दहशतगर्दी का रास्ता अख्तियार कर लिया था। कबाइलियों के हाथों में बंदूकें थमा कर भारत पर हमला करवाया। कश्मीर के एक हिस्से पर कब्ज़ा किया। कबाइलियों के पीछे पाकिस्तान की फौज थी। महाराजा हरि सिंह ने जब भारत में जम्मू और कश्मीर के विलय के कागज़ात पर दस्तखत किए, उसके बाद भारत ने अपनी सेना भेजी। अक्टूबर 1947 से जनवरी 1949 तक जंग चली और हमारी फौज ने पाकिस्तान की फौज को खदेड़ दिया। उस वक्त हमारी फौज पूरा कश्मीर ले सकती थी लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू मामले को UN में ले गए और सीज़फायर लागू हो गया। पाकिस्तान की साजिशें इसके बाद भी खत्म नहीं हुईं। इसीलिए मोदी ने कहा कि अगर उसी वक्त कश्मीर का फुल एंड फाइनल सेटेलमेंट हो गया होता तो पाकिस्तान की हिम्मत न बढती। पाकिस्तान ने 1965 और 1971 में भारत के साथ युद्ध किये, और दोनों बार उनकी मात हुई।

मोदी ने पंडित नेहरू की एक और ऐतिहासिक गलती बताई। मोदी ने कहा कि 1960 में सिंधु जल संधि भारत के हितों के खिलाफ थी। हमारे हिस्से के पानी पर पाकिस्तान का कब्जा हो गया। ऐसा समझौता क्यों किया गया जिसमें भारत अपने इलाके में बने डैम्स की सफाई तक न करवा सके। मोदी ने कहा कि अभी तो हमने सिंधु संधि को सिर्फ निलम्बित रखा है, इतने में ही पाकिस्तान के पसीने छूटे रहे हैं।

कश्मीर से बहने वाली छह नदियों, सिंधु, झेलम, चिनाब, सतलुज, रावी और व्यास नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर 1960 में जो संधि हुई, उसमें सतलुज, रावी और व्यास के ज्यादातर पानी पर तो भारत का हक है, लेकिन सिंधु, झेलम और चिनाब का अस्सी प्रतिशत पानी पाकिस्तान को मिलता है। संधि में पाकिस्तान ने ऐसी कई शर्तें लगा दीं जिनकी वजह से भारत के लिए अपने हक़ का पानी इस्तेमाल करना भी दुश्वार हो गया। पाकिस्तान को ये अधिकार दे दिया गया कि वो सिंधु, झेलम और चिनाब पर बने भारत की पनबिजली परियोजनाओं को रुकवा सकता है, डैम्स की सफाई के लिए भी पाकिस्तान की अनुमति लेने की शर्त थी। इसका असर ये हुआ कि सलाल और बग़लिहार डैम में कचरे की सफाई न हो पाने की वजह से दोनों डैम्स आधी क्षमता पर काम कर रहे थे। संधि की वजह से ही चिनाब पर रतले प्रोजेक्ट अटका हुआ है, वुलर बैराज का काम लटका हुआ है क्योंकि पाकिस्तान संधि की आड़ में इन दोनों परियोजनाओं पर काम को रुकवा रहा था।

पाकिस्तान को लेकर मोदी ने भारत का रुख कैसे बदला है, इसे समझने की जरूरत है। पहले जब पाकिस्तान आतंकवादियों को भेजता था, तो हम अमेरिका से शिकायत करते थे। अब 22 मिनट में आतंकवादी अड्डों को तबाह करने की ताकत दुनिया को दिखाते हैं। पाकिस्तान आतंकवादियों को non-state actors कह कर बच जाता था, अब भारत पाकिस्तान के भीतर जाकर 11 एयरबेस को तबाह कर देता है। पहले पाकिस्तान एटम बम का इस्तेमाल करने की धमकी देता था, अब अपने एटमी ठिकानों को बचाने के लिए अमेरिका के पास जाकर ‘बचाओ, बचाओ’ की गुहार लगाता है। भारत ने पहले गलतियां कीं। 1948 में कश्मीर के अपने हिस्से पर पाकिस्तान को कब्जा करने दिया। 1960 में सिंधु जल संधि हुई। लेकिन अब एक-एक करके इन गलतियों को सुधारा जा रहा है। भारत के हर एक्शन का असर पाकिस्तान के रिएक्शन में दिखाई दे रहा है।

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