केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में दो मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी, 6405 करोड़ लागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि मीटिंग में झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को कवर करने वाले दो मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है। इन प्रोजेक्ट में 133 KM वाले कोडरमा-बरकाकाना और 185 KM वाले बल्लारी-चिकजाजुर का डुअल लाइन करना […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 11 जून 2025, 11:21 AM 4 मिनट read
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केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग में दो मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी, 6405 करोड़ लागत
Photo: UB India News Archive

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि मीटिंग में झारखंड, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को कवर करने वाले दो मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है।

इन प्रोजेक्ट में 133 KM वाले कोडरमा-बरकाकाना और 185 KM वाले बल्लारी-चिकजाजुर का डुअल लाइन करना शामिल है। जिनकी लागत 6405 करोड़ है।

इससे पहले 28 मई को हुई मीटिंग में डेवलपमेंट से जुड़े 5 फैसले लिए गए थे। केंद्र सरकार ने 14 फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) बढ़ाई थी। साथ ही केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की ब्याज सब्सिडी योजना को जारी रखने का फैसला किया था।

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भारतीय रेलवे की दो मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी। आंध्र प्रदेश में बदवेल-नेल्लोर के बीच 108 KM लंबे फोर-लेन हाईवे परियोजना को भी मंजूरी दी गई थी।

कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी

 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कोडरमा से बरकाकाना के बीच 133 किमी की डबल लेन को मंजूरी मिल गई है, जिसकी लागत 3,063 करोड़ रुपये है. इससे पटना और रांची के बीच की दूरी कम हो जाएगी. यह कोडरमा, चतरा, हजारीबाग और रामगढ़ जिलों को अच्छी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.

झारखंड में भारतीय रेलवे की कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग परियोजना पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “विशेषज्ञों की गणना के अनुसार इस परियोजना से कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा सात करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगी. इससे देश में सालाना 32 करोड़ लीटर डीजल की बचत भी होगी. इससे 938 गांवों और 15 लाख की आबादी को लाभ होगा. यह 30.4 मिलियन टन अतिरिक्त माल ले जा सकती है, जो सड़क मार्ग से माल भेजने के विपरीत पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी अच्छा साबित होगा.”

बल्लारी-चिकजाजुर मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी

केंद्र सरकार ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारतीय रेलवे की बल्लारी-चिकजाजुर मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी है. इसे डबल लेन किया जाएगा, जिससे मंगलौर पोर्ट से कनेक्टिविटी अच्छी हो जाएगी. इसे लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “इस प्रोजेक्ट के तहत 185 किमी रेलवे लाइन को डबलिंग किया जाएगा, जिसमें 3,342 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.”

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कहते हैं, “पीएम मोदी के ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के दौरान, परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं. आईआईएम बैंगलोर और आईआईएम कलकत्ता के हालिया अध्ययन से पता चलता है कि परिवहन में निवेश से देश की लॉजिस्टिक्स लागत में लगभग 4 फीसदी की कमी आई है.”

किसानों को फसलों की ज्यादा कीमत मिलेगी

28 मई को केंद्र सरकार ने धान, कपास, सोयाबीन, अरहर समेत खरीफ की 14 फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) बढ़ाई। धान की नई MSP 2,369 रुपए तय की गई, जो पिछली MSP से 69 रुपए ज्यादा है। कपास की नई MSP 7,710 रुपए तय की गई। इसकी एक दूसरी किस्म की नई MSP 8,110 रुपए की गई, जो पहले से 589 रुपए ज्यादा है।  

14 मई: देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी मिली थी

पिछली कैबिनेट मीटिंग 14 मई को हुई थी। उस मीटिंग में देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी गई थी। यह यूनिट 3706 करोड़ रुपए में उत्तर प्रदेश के जेवर में लगाई जाएगी।

HCL और फॉक्सकॉन मिलकर इस यूनिट को बनाएंगे। प्लांट में मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमाबाइल्स, पर्सनल कम्प्यूटर, और दूसरे डिस्प्ले डिवाइसेज के लिए डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स बनेंगे। हर महीने 3.6 करोड़ चिप बनेंगी।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2022 में लॉन्च किया गया था। इसके तहत अब तक 6 प्रोजेक्ट्स अप्रूव किए गए हैं। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 270 शैक्षणिक संस्थानों और 70 स्टार्टअप्स के छात्र लेटेस्ट टूल्स के जरिए सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी सीख रहे हैं।

30 अप्रैल: कैबिनेट मीटिंग में जातीय जनगणना का फैसला हुआ था

30 अप्रैल को हुई कैबिनेट मीटिंग में जातीय जनगणना का फैसला हुआ था। इसे मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा। जाति जनगणना के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने कहा था- आखिरकार सरकार ने जाति जनगणना की बात कह दी है। हम इसे सपोर्ट करते हैं, लेकिन सरकार को इसकी समय सीमा बतानी होगी।

 

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