गुजरात के अहमदाबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास मेघानी नगर क्षेत्र में एयर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर 787 विमान क्रैश हो गया. विमान टेक ऑफ के समय हादसे का शिकार हो गया. विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था. विमान में कुल 242 यात्री सवार थे. प्लेन क्रैश के बाद आसमान में काले धुएं का गुब्बारा छा गया. अहमदाबाद एयरपोर्ट परिसर में प्लेन क्रैश हुआ. यह रिहाईशी इलाका है. जानकारी के मुताबिक टेक ऑफ के दौरान प्लेन एयरपोर्ट की दीवार से टकराया था. इस वजह से उसमें आग लग गई. लोगों को बचाने का काम जारी है.
प्लेन में सवार थे गुजरात के पूर्व CM विजय रुपाणी
अहमदाबाद से लंदन के गैटवीक एयरपोर्ट जा रही प्लेन में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे। हादसे के दृश्य काफी भयावह हैं।
अमित शाह ने गुजरात CM से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और डीजीपी से बात की है। उन्होंने विमान दुर्घटना की प्राथमिक जानकारी ली है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।
अहमदाबाद हॉर्स कैंप के पास हुआ हादसा
242 यात्रियों को लेकर जा रहा एअर इंडिया का एक विमान अहमदाबाद में क्रैश हो गया है। यह हादसा अहमदाबाद हॉर्स कैंप के पास हुआ है, जो कि सिविल हॉस्पिटल के पास है।
हादसे का शिकार होने के बाद प्लेन एक निर्माणाधीन इमारत पर गिरा। सिविल हॉस्पिटल के पास यह हादसा हुआ है। गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात के सीएम को फोन कर घटना पर जानकारी ली है। इस बीच एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच चुकी हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर चुके हैं। हादसे के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी भी हादसे का शिकार हुए प्लेन में सवार थे।
डीजीसीए ने क्या कहा?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने बयान जारी कर बताया कि विमान में 242 लोग संवार थे, जिनमें 2 पायलट और 10 केबिन क्रू शामिल थे। विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास थी और उसके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर थे। एयर इंडिया ने भी विमान हादसे की जानकारी देते हुए कहा कि ज्यादा जानकारी जुटाई जा रही है।
बोइंग का था विमान
हादसे का शिकार हुआ विमान 11 साल पुराना था। इसका निर्माण अमेरिका की बोइंग कंपनी करती है। इस विमान में कई धातुओं का मिश्रण होता है, जिसके कारण इसका वजन बेहद कम होता है। इसी वजह से यह विमान लंबी दूरी की यात्राएं करने में सक्षम रहता है। इसके साथ ही इसकी ईंधन की खपत भी कम होती है। इसी वजह से दुनिया की हर बड़ी एयरलाइ इस विमान का इस्तेमाल करती है। इस विमान में आम तौर पर 200-300 यात्री बैठ सकते हैं और इसकी अधिकतम दूरी तय करने की सीमा 8,500 समुद्री मील तक है।








