पुनर्जन्म के बाद कैसे तय होता है बच्चा दलाई लामा का ही अवतार है?

तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने साफ कर दिया है कि अगले दलाई लामा का चयन 600 साल पुरानी संस्था ही करेगी. यानी 15वां दलाई लामा गादेन फोडरंग ट्रस्ट चुनेगा और उनके पुनर्जन्म की मान्यता पर भी फैसला करेगा. वर्तमान में 14वें तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 6 जुलाई को 90 साल के हो जाएंगे. […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 2 जुलाई 2025, 10:51 AM 4 मिनट read
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पुनर्जन्म के बाद कैसे तय होता है बच्चा दलाई लामा का ही अवतार है?
Photo: UB India News Archive

तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने साफ कर दिया है कि अगले दलाई लामा का चयन 600 साल पुरानी संस्था ही करेगी. यानी 15वां दलाई लामा गादेन फोडरंग ट्रस्ट चुनेगा और उनके पुनर्जन्म की मान्यता पर भी फैसला करेगा. वर्तमान में 14वें तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 6 जुलाई को 90 साल के हो जाएंगे. इस दिन दलाई लामा मैक्लॉडगंज स्थित अपने निवास पर बताएंगे कि उनकी मृत्यु के बाद उत्तराधिकारी कौन होगा और उसे कैसे चुना जाएगा.

माना जाता था कि चीन की दखल को रोकने के लिए परंपरा बदलकर दलाई लामा अपने उत्तराधिकारी का ऐलान पहले ही कर सकते हैं. 90वें जन्मदिन से पहले जारी हुआ दलाई लामा का यह बयान चीन के लिए एक बड़ा संदेश है. चीन दलाई लामा को विद्रोही कहता है. ल्हासा में चीनी शासन के खिलाफ विद्रोह के बाद 1959 में दलाई लामा भारत आ गए थे. हजारों तिब्बतियों के साथ वो निर्वासित जीवन जी रहे हैं. चीन उन्हें अलगाववादी भी कहता है. हालांंकि, इस पूरे मामले पर चीन का कहना है अगली घोषणा को लेकर उसकी मंजूरी लेना अनिवार्य है. आइए इसी बहाने यह भी जान लेते हैं कि कैसे चुना जाता है दलाई लामा और पुनर्जन्म के बाद कैसे तय होता है कि कौन है दलाई लामा का अवतार.

दलाई लामा नाम है या उपाधि?

दलाई लामा कोई नाम नहीं है. यह एक धार्मिक उपाधि है. इसे वर्तमान दलाई लामा से समझते हैं. वर्तमान में 14वें दलाई लामा हैं और उनका असली नाम है तेनजिन ग्यात्सो. परंपराओं के मुताबिक तिब्बती सर्वोच्च धर्मगुरु को दलाई लामा कहकर बुलाया जाता है. यही वजह है कि यही शब्द प्रचलित होता है. अब 15वें दलाई लामा को लेकर बयान जारी किया गया है. वर्तमान दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो को 2 साल की उम्र में अगले दलाई लामा के तौर पर पहचाना गया था और 4 साल की उम्र में ल्हासा लाया गया था.

Dalai Lama Original Name

वर्तमान में 14वें दलाई लामा हैं और उनका नाम है तेनजिन ग्यात्सो.

कैसे चुना जाएगा अगला दलाई लामा?

दलाई लामा का चयन एक आध्यात्मिक प्रक्रिया के जरिए किया जाता है. यह प्रक्रिया तिब्बती बौद्ध धर्म के मान्यताओं पर आधारित है. तिब्बती बौद्ध धर्म में मान्यता है कि दलाई लामा का पुनर्जन्म होता है. जब दलाई लामा का देहांत होता है तो माना जाता है कि ये शिशु के रूप में जन्म लेते हैं. इसके बाद इन्हें खोजने की तैयारी शुरू होती है.

पुनर्जन्म के बाद कौनसा बच्चा दलाई लामा बनेगा, यह कई चरण की प्रक्रिया के बाद तय होता है. जैसे- भविष्यवाणी के आधार पर दलाई लामा के अवतार को खोजा जाता है. इसके लिए दिवंगत दलाई लामा के अंतिम समय के संकेतों जैसे शव की दिशा और उनके सपने, पवित्र झील में दिखने वाला कोई विशिष्ट दर्शन. इनके आधार पर उनके अवतार को खोजा जाता है.

Monk

दलाई लामा तिब्बती लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करते हैं. फोटो: Pixabay

कैसे तय होता है दलाई लामा का अवतार?

उनका संभावित अवतार मिलने के बाद उसे पिछले दलाई लामा की चीजें दिखाई जाती हैं. यह देखा जाता है कि वो उन चीजों को पहचान पा रहा है कि या नहीं. अगर वो उसे पहचान लेता है तो उसे गुरु का पुनर्जन्म मान लिया जाता है. इसके बाद तिब्बती धार्मिक अधिकारियों की पुष्टि के बाद भी अगले दलाई लामा की घोषणा की जाती है.

आधिकारिक तौर पर दलाई लामा की घोषणा के बाद उसे बौद्ध धर्म की शिक्षाएं दी जाती हैं. धार्मिक दीक्षा दी जाती है और वहां की परंपराओं का हिस्सा बनाया जाता है. इस तरह नए दलाई लामा की शिक्षा-दीक्षा होती है.

दलाई लामा का पद क्यों महत्वपूर्ण है?

दलाई लामा तिब्बती बौद्धों के आध्यात्मिक प्रमुख होते हैं. इनका जीवन दया, करुणा, अहिंसा और ज्ञान के आदर्शों पर आधारित होता है. बौद्ध धर्म को आगे ले जाने में महत्पूर्ण भूमिका निभाते हैं. ये तिब्बती पहचान और संस्कृति के रक्षक के तौर भी जाने जाते हैं. दलाई लामा तिब्बती लोगों की उम्मीदों का प्रतिनिधित्व करते हैं, खासकर निर्वासन में रहने वालों लोगों के लिए. 1959 तक दलाई लामा धर्म और राजनीति, दोनों के प्रमुख हुआ करते थे. वर्तमान में 14वें दलाई लामा ने राजनीति से संन्यास लिया.खास बात है कि बौद्ध धर्म गुरु होने के बावजूद इनके संदेश और उपदेश सिर्फ सभी धर्मों और संस्कृति के लिए प्रेरणादायक होते हैं.

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