2022 के चर्चित कन्हैया लाल साहू हत्याकांड पर आधारित क्राइम ड्रामा थ्रिलर फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स‘ सुर्खियों में है. उच्चतम न्यायालय कन्हैया लाल दर्जी हत्या मामले में आरोपियों की उस याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है, जिसमें मामले पर आधारित फिल्म की रिलीज का विरोध किया गया है. उदयपुर फाइल्स फिल्म पर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक नहीं हटाने के सुप्रीम कोर्ट ने […]
By UB India News • Patna, Bihar बुधवार, 16 जुलाई 2025, 06:13 AM • 4 मिनट read
2022 के चर्चित कन्हैया लाल साहू हत्याकांड पर आधारित क्राइम ड्रामा थ्रिलर फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स‘ सुर्खियों में है. उच्चतम न्यायालय कन्हैया लाल दर्जी हत्या मामले में आरोपियों की उस याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है, जिसमें मामले पर आधारित फिल्म की रिलीज का विरोध किया गया है. उदयपुर फाइल्स फिल्म पर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से लगाई गई रोक नहीं हटाने के सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हाईकोर्ट का विचार सही है. यह मामला मूल अधिकार से जुड़ा है. दो याचिकाएं हैं, एक मामले के एक आरोपी द्वारा और दूसरी फिल्म निर्माता द्वारा अदालत के समक्ष सूचीबद्ध हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम केंद्र सरकार के रुख का इंतजार करेंगे. यह फिल्म पिछले हफ्ते 11 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी.
शीर्ष अदालत में यह याचिका मोहम्मद जावेद ने दायर की थी, जो इस मामले में आठवें आरोपी के रूप में मुकदमे का सामना कर रहा है. जावेद ने मामले की सुनवाई पूरी होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का अनुरोध किया है. आरोपियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि यह मामला निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से जुड़ा है और उन्होंने पीठ से फिल्म निर्माताओं की याचिकाओं के साथ उनकी याचिका पर भी सुनवाई करने का अनुरोध किया. पीठ ने गुरुस्वामी से कहा, ‘हम 16 जुलाई को याचिका पर सुनवाई करेंगे. एक साथ या अलग-अलग, हम इस बारे में अभी नहीं कह सकते लेकिन हम इस पर सुनवाई करेंगे.‘
‘सेंसर बोर्ड’ के मंजूरी के बावजूद रोक
शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 10 जुलाई को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की. फिल्म के निर्माताओं ने दलील दी थी कि ‘सेंसर बोर्ड’ (केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड) से प्रमाणन मिलने के बावजूद रिलीज पर रोक लगा दी गई. न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे. बागची की पीठ ने कहा कि वह बुधवार या उसके बाद किसी भी दिन इस पर सुनवाई करेगी.
दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को लगाई थी रोक
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 10 जुलाई को ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर तब तक के लिए रोक लगा दी थी जब तक कि केंद्र फिल्म पर स्थायी प्रतिबंध लगाने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर फैसला नहीं कर लेता. याचिका में कहा गया है कि फिल्म समाज में ‘वैमनस्यता को बढ़ावा’ दे सकती है इसलिए इसकी रिलीज पर रोक लगायी जानी चाहिए.
मौलाना अरशद मदनी क्या बोल
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी द्वारा उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिकाओं सहित अन्य याचिकाओं में दावा किया गया था कि 26 जून को जारी फिल्म का ट्रेलर ऐसे संवादों और दृश्यों से भरा पड़ा है, जिनसे 2022 में सांप्रदायिक तनाव पैदा हुआ और आशंका है कि फिल्म की रिलीज से फिर से वही भावनाएं भड़क सकती हैं.
क्या है आरोपी की मांग
आरोपी ने कोर्ट से मांग की है कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए, ताकि मामला न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में रह सके और समाज में पूर्वग्रह न फैले। फिल्म के ट्रेलर और प्रचार को लेकर भी याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। उधर फिल्म को लेकर जनता में भी मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ इसे सच्चाई उजागर करने वाला कदम मान रहे हैं तो कुछ इसे न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताकर विरोध कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला सुनाता है।
तय होगी रिलीज डेट
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। ये याचिका कन्हैया लाल हत्या मामले में 8वें आरोपी मोहम्मद जावेद की ओर से दायर की गई है। मोहम्मद जावेद ने दलील दी है कि जब तक मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए। फिल्म की रिलीज पर रोक की ये याचिका उस अर्जी के साथ सुनी जाएगी, जो फिल्म के निर्माता ने दिल्ली हाई कोर्ट के 10 जुलाई के आदेश को चुनौती देते हुए दाखिल की है। इसमें फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगा दी गई थी। फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ 2022 में हुए कन्हैया लाल साहू हत्याकांड पर आधारित है।