साहू ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि राहुल गांधी कोर्ट का सम्मान नहीं करते, क्योंकि वह सात साल बाद और गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद ही कोर्ट पहुंचे हैं. उन्होंने राहुल गांधी के अंडरटेकिंग के साथ सजा की भी मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया और केवल अंडरटेकिंग को ही स्वीकार किया.
बता दें कि कोर्ट में सुनवाई के बाद राहुल गांधी रांची के लिए रवाना हुए. उनका हेलीकॉप्टर चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान से रांची के लिए उड़ चुका है. फिर रांची से दिल्ली से के लिए उड़ान भरेंगे.
यह मामला प्रताप कुमार नामक एक व्यक्ति ने चाईबासा कोर्ट में दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है. इसी मामले में कोर्ट ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था.
इससे पहले, राहुल गांधी के वकील ने झारखंड हाईकोर्ट में सेक्शन 205 (व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट) के तहत राहत की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था. इसके बाद चाईबासा कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया. हालांकि, झारखंड हाईकोर्ट ने इस वारंट को 6 अगस्त तक स्थगित कर दिया था.
अमित शाह मानहानि मामले में राहुल गांधी की पेशी को लेकर चाईबासा कोर्ट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. इस दौरान, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, इरफान अंसारी, और विधायक अनूप सिंह भी कोर्ट पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. कोर्ट द्वारा जारी प्रवेश सूची के अनुसार ही लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है. अनुमति नहीं मिलने के कारण तीनों को कोर्ट परिसर से वापस लौटना पड़ा. वहीं, पैरवीकार राजेश ठाकुर और बंधु तिर्की को कोर्ट के अंदर जाने की अनुमति मिल गई है.








