अगले महीने UNGA सत्र के लिए अमेरिका जा सकते हैं पीएम मोदी…………..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने अमेरिका के दौरे पर जा सकते हैं। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की सालाना बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी का यह दौरा सितंबर के आखिरी हफ्ते में हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरे का असली मकसद अमेरिकी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 13 अगस्त 2025, 07:59 AM 4 मिनट read
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अगले महीने UNGA सत्र के लिए अमेरिका जा सकते हैं पीएम मोदी…………..
Photo: UB India News Archive

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने अमेरिका के दौरे पर जा सकते हैं। वे संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की सालाना बैठक में हिस्सा ले सकते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी का यह दौरा सितंबर के आखिरी हफ्ते में हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरे का असली मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात कर व्यापार और टैरिफ से जुड़े विवाद सुलझाना है। इस दौरान दोनों नेता एक ट्रेड डील का ऐलान भी कर सकते हैं।

UNGA में मोदी के भाषण के लिए 26 सितंबर का वक्त तय है। मोदी इस दौरान ट्रम्प और अन्य नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात कर सकते हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी कहा है कि उनकी मोदी से मुलाकात सितंबर में UNGA के दौरान हो सकती है।

26 सितंबर की सुबह सत्र को संबोधित कर सकते हैं पीएम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 23 सितंबर को यूएनजीए मंच से विश्व नेताओं को संबोधित करेंगे। यह व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल में संयुक्त राष्ट्र सत्र को उनका पहला संबोधन होगा। महासभा के 80वें सत्र की उच्च-स्तरीय बहस के लिए वक्ताओं की प्रारंभिक सूची के हिसाब से भारत के शासनाध्यक्ष (HG) 26 सितंबर की सुबह सत्र को संबोधित करेंगे। इस्राइल, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के शासनाध्यक्ष भी उसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस को संबोधित करेंगे।

PM मोदी अब तक 7 बार UNGA समिट को संबोधित कर चुके हैं। वे आखिरी बार सितंबर 2024 में इस समिट में शामिल हुए थे।
PM मोदी अब तक 7 बार UNGA समिट को संबोधित कर चुके हैं। वे आखिरी बार सितंबर 2024 में इस समिट में शामिल हुए थे।

इस साल फरवरी में अमेरिका गए थे मोदी

मोदी ने इससे पहले फरवरी 2025 में अमेरिका का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की थी।

ट्रम्प ने टैरिफ मामले पर मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक टफ नेगोशिएटर (मोल-भाव करने वाला) बताया था। उन्होंने PM मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा था कि वे अच्छा काम कर रहे हैं।

ट्रम्प ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 6 अगस्त को 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया। उन्होंने इससे जुड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए। यह आदेश 27 अगस्त से लागू होगा।

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में कहा गया है कि रूसी तेल खरीद की वजह से भारत पर यह एक्शन लिया गया है। इससे पहले उन्होंने 30 जुलाई को भारत पर 25% टैरिफ का ऐलान किया था। अब भारत पर कुल 50% टैरिफ लगेगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को गलत बताया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इसके जवाब में भारत भी चुनिंदा अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर 50% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है।

अगर ऐसा होता है, तो यह अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ पर भारत का पहला औपचारिक पलटवार होगा।

फरवरी में वॉशिंगटन डीसी की यात्रा की थी
पीएम मोदी ने इस साल फरवरी में वॉशिंगटन डीसी की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी। बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण पर बातचीत करने की योजना की घोषणा की थी।
PM Narendra Modi likely to visit New York for UNGA session next month Amid Donald Trump Tariff Threat
डोनाल्ड ट्रंप, पीएम मोदी –

ट्रंप के टैरिफ ने बिगाड़े हालात
भारत और अमेरिका में व्यापार वार्ता चल ही रही थी कि ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया। इससमें नई दिल्ली की ओर से रूसी तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरक्त टैरिफ भी शामिल है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। टैरिफ को भारत के विदेश मंत्रालय ने अनुचित और अविवेकपूर्ण बताया था। भारत ने कहा, ‘किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा।’

वक्ताओं की सूची अभी प्रारंभिक
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र महासभा की आम बहस के लिए वक्ताओं की सूची अभी प्रारंभिक है। अगले कुछ हफ्तों में कार्यक्रमों और वक्ताओं में बदलाव की संभावना है।  संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वर्ष का सबसे व्यस्त राजनयिक सत्र माना जाने वाला यह सम्मेलन हर साल सितंबर में शुरू होता है। इस साल यह सत्र इस्राइल-हमास युद्ध और यूक्रेन संघर्ष के बीच आयोजित हो रहा है।

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