आज संसद में तीन विधेयक लाने की तैयारी में सरकार, बिहार SIR -संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर विपक्ष का हंगामा,

संसद के मानसून सत्र में आज यानी बुधवार को भी जोरदार हंगामे के आसार हैं। दरअसल, केंद्र सरकार लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इनका उद्देश्य प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में पद से हटाना है। […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 20 अगस्त 2025, 07:25 AM 6 मिनट read
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आज संसद में तीन विधेयक लाने की तैयारी में सरकार, बिहार SIR -संविधान  (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 को लेकर विपक्ष का हंगामा,
Photo: UB India News Archive

संसद के मानसून सत्र में आज यानी बुधवार को भी जोरदार हंगामे के आसार हैं। दरअसल, केंद्र सरकार लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने जा रही है। इनका उद्देश्य प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति में पद से हटाना है। वहीं,  कैबिनेट से मंजूरी के बाद ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के से जुड़े एक विधेयक को भी सरकार आज सदन में पेश कर सकती है।

हिरासत या गिरफ्तारी पर सीएम और मंत्रियों की जाएगी कुर्सी
गंभीर आपराधिक मामलों में हिरासत में लिए जाने या गिरफ्तार किए जाने पर अब मुख्यमंत्री या मंत्रियों को अपना पद छोड़ना होगा। सरकार बुधवार को लोकसभा में इस आशय का संविधान संशोधन विधेयक पेश करेगी। इसमें प्रावधान है कि संगीन अपराधों में लगातार 30 दिन तक हिरासत या गिरफ्तारी में रहने पर हर हाल में पद छोड़ना होगा। पद नहीं छोड़ने पर राष्ट्रपति की सलाह से ऐसे मंत्रियों को हटा दिया जाएगा।

PM, CM हो या मंत्री, 30 दिन की गिरफ्तारी पर जाएगी कुर्सी!

केंद्र सरकार आज संसद में तीन विधेयक लाने की तैयारी में है. इन विधेयकों में केंद्र शासित संसोधन विधेयक और संविधान का 130वां संशोधन विधेयक बेहद खास माना जा रहा है. इन विधेयक की मदद से पीएम से लेकर प्रदेशों के सीएम और किसी भी मंत्री को आपराधिक आरोपों की वजह से पद से हटाने का अधिकार होगा. इन विधेयकों को आज संसद में पेश किया जाना है लेकिन कांग्रेस इनके पेश होने से पहले ही इन विधेयकों का विरोध करना शुरू कर चुकी है.

कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों में विपक्षी दलों की सरकार के मुख्यमंत्रियों को ‘‘पक्षपाती” केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ‘‘मनमाने ढंग” से गिरफ्तार कराने के बाद, उन्हें तुरंत पद से हटाकर विपक्ष को अस्थिर करने के लिए कानून लाने की मंशा के तहत ये काम करना चाह रही है.

आपको बता दें कि कांग्रेस का यह आरोप उन खबरों के बाद आया है जिनमें कहा गया है कि सरकार बुधवार को संसद में तीन विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार या हिरासत में लिये गये प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का प्रावधान है.

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों के मुख्यमंत्रियों को चुनाव में हरा पाने में विफल रहने के बाद उन्हें हटाने के लिए ऐसा कानून लाना चाहती है.उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि यह कैसा दुष्चक्र है! गिरफ्तारी के लिए किसी दिशानिर्देश के पालन की आवश्यकता नहीं! विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां अनियंत्रित और अनुचित. सिंघवी ने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून गिरफ्तारी के तुरंत बाद मौजूदा मुख्यमंत्री को हटाने का प्रावधान करता है.

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष को अस्थिर करने का सबसे अच्छा तरीका पक्षपाती केंद्रीय एजेंसियों को विपक्षी मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार करने के लिए लगाना है और उन्हें चुनावी तौर पर हराने में असमर्थ होने के बावजूद, मनमाने ढंग से गिरफ्तार करके उन्हें हटाना है! सत्तारूढ़ दल के किसी भी मौजूदा मुख्यमंत्री को कभी भी हाथ नहीं लगाया गया! उधर, इन विधेयकों को लेकर लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा था कि इन विधेयकों का उद्देश्य बिहार में राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ से लोगों का ध्यान भटकाना है.

गोगोई ने अपने आरोपों को लेकर एक्स पर एक पोस्ट भी किया था. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि गृह मंत्री अमित शाह के ये विधेयक राहुल गांधी की धमाकेदार वोट अधिकार यात्रा से जनता का ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश के अलावा और कुछ नहीं हैं. पहले सीएसडीएस-भाजपा आईटी प्रकोष्ठ का नाटक और अब ये विधेयक. साफ है कि बिहार में बदलाव की हवा बह रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में इन तीनों विधेयकों को संसद की एक संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव भी पेश करेंगे.

क्या है केंद्र शासित संशोधन विधेयक

आपको बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन विधेयक, 2025 के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, केंद्र शासित अधिनियम, 1963 (1963 का 20) में ऐसा कोई प्रावधान नहीं हैं, जिसके तहत सीएम या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तारी और हिरासत के बाद हटाया जा सके. यही वजह है कि इस कानून की धारा 45 में संसोधन कर ऐसी स्थिति के लिए कानूनी प्रावधान करना जरूरी है. ये विधेयक उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने का प्रयास करता है.

संविधान का 130वां संशोधन क्या है

अब बात करते हैं संविधान के 130वें संशोधन की. इसके तहत संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 के उद्देश्यों में कहा गया है कि संविधान में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि किसी मंत्री को गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी और हिरासत की स्थिति में हटाया जा सके. इसलिए संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239एए में संसोधन कर पीएम या केंद्रीय मंत्री और राज्यों व दिल्ली के मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने का प्रावधान जोड़ना जरूरी है. साथ ही नए प्रावधानों के तहत यदि कोई मंत्री, जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या राज्यों को मंत्री शामिल हैं, को पांच साल या उससे अधिक की अवधि की सजा वाले अपराध के लिए लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखा जाता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है.

LIVE:

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
12:16 PM, 20-Aug-2025

ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 लोकसभा में पेश किया गया।

12:05 PM, 20-Aug-2025

विपक्ष के हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

12:02 PM, 20-Aug-2025

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। दोनों सदनों में बिहार एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा जारी है।

11:09 AM, 20-Aug-2025

राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित।

11:08 AM, 20-Aug-2025

राज्यसभा में सभा पटल पर रखे जाने वाले पत्रों पर चर्चा जारी है।

11:05 AM, 20-Aug-2025

लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित।

10:28 AM, 20-Aug-2025

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किए जाने का विरोध करने के लिए लोकसभा में नोटिस दिया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किए जाने का विरोध करने और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किए जाने के विरोध में लोकसभा में नोटिस दिया।

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