एशिया कप :पहलगाम में मारे गए लोगों का खून अभी सूखा नहीं…

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का हवाला देते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप क्रिकेट मैच पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. राउत ने पत्र में लिखा कि पहलगाम हमले […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 23 अगस्त 2025, 06:44 AM 6 मिनट read
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एशिया कप :पहलगाम में मारे गए लोगों का खून अभी सूखा नहीं…
Photo: UB India News Archive

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का हवाला देते हुए भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप क्रिकेट मैच पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है. राउत ने पत्र में लिखा कि पहलगाम हमले में मारे गए भारतीयों का खून अभी सूखा नहीं है और उनके परिवारों के आंसू अभी थमे नहीं हैं, ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना अमानवीय और असंवेदनशील कदम होगा.

शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि केंद्रीय खेल मंत्रालय की तरफ से एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत-पाकिस्तान मैचों को हरी झंडी दिए जाने की खबर भारतवासियों के लिए बेहद दुखद है. जाहिर है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं होता. मैं आपके समक्ष देशभक्त नागरिकों की भावनाएं व्यक्त कर रहा हूं.संजय राउत ने कहा कि आप कहते हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है. अगर संघर्ष अभी भी जारी है, तो हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट कैसे खेल सकते हैं?

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एशिया कप में संभावित भारत-पाकिस्तान मैच के देश में सीधे प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को राष्ट्रीय हित और जनभावना का हवाला देते हुए अगले महीने होने वाले एशिया कप के दौरान भारत-पाकिस्तान मैच का सीधा प्रसारण बंद करने के लिए सरकार को पत्र लिखा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखे पत्र में प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा, ‘मैं आपको गहरी पीड़ा और चिंता के साथ लिख रही हूं, न केवल एक संसद सदस्य के रूप में, बल्कि इस देश के नागरिक के रूप में भी, जो अभी भी इस साल पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले में जानमाल के नुकसान का गम भूल नहीं पाया है। इस हमले के बाद सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो एक आतंकवाद-रोधी अभियान था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान को आतंकवाद के निरंतर प्रायोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराना था। आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का संदेश लेकर एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल दुनिया भर में भेजा गया था, जिसमें मैं भी शामिल थी, लेकिन भारत सरकार का क्रिकेट मैचों के आयोजन का यह निर्णय मुझे और मेरी अंतरात्मा को पूरी तरह से अस्वीकार्य है।’
पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर जोर देने की जिद से निराश’
उन्होंने लिखा, ‘मैं बीसीसीआई और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय दोनों की ओर से एशिया कप में भारत की भागीदारी और पाकिस्तान के खिलाफ मैच पर जोर देने की जिद से निराश हूं। खेल भावना की आड़ में मैच होने देना आतंकवादी राष्ट्र के खिलाफ खड़े होने के नैतिक साहस का अभाव दिखाता है। विश्व इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है, जहां राष्ट्रों ने खेलों की बजाय सिद्धांतों को चुना, रंगभेद के दौरान दक्षिण अफ्रीका का बहिष्कार, दशकों से ओलंपिक बहिष्कार, और हाल ही में पाकिस्तान की अपनी हॉकी टीम की ओर से सभी मंजूरी के बावजूद एशिया हॉकी कप के लिए भारत में खेलने से इनकार करना खेल मंत्रालय के निर्णय के पाखंड को उजागर करता है।’

पाकिस्तान की ओर से एशिया क्रिकेट कप के बहिष्कार की याद दिलाई
उद्धव गुट के सांसद ने कहा, ‘मैं सरकार को 1990-91 में भारत-पाकिस्तान तनाव बढ़ने पर पाकिस्तान की ओर से एशिया क्रिकेट कप के बहिष्कार की भी याद दिलाना चाहूंगी। हालांकि, पैसा कमाने के लिए बीसीसीआई की ओर से इस मैच को बढ़ावा देने की जिद वास्तव में न केवल खून का पैसा, बल्कि अभिशापित पैसा भी होगा, क्योंकि इस पर पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और हमारे वर्दीधारी जवानों के ताबूतों का अभिशाप लगा है।’

‘देशभक्ति को अलग-अलग हिस्सों में बांटने का जोखिम नहीं उठा सकते’
उन्होंने कहा, ‘भारत के लोग एकरूपता के हकदार हैं और ऐसा मैच नहीं देखना चाहते जो 140 करोड़ से ज्यादा नागरिकों के दर्द और आक्रोश से लाभ कमाए। जब सीमा पार आतंकवाद में अभी भी जानें जा रही हैं, तो हम देशभक्ति को अलग-अलग हिस्सों में बांटने का जोखिम नहीं उठा सकते। जहां हमारी सेनाएँ पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को खत्म करने के लिए अपनी जान कुर्बान कर रही हैं, वहीं सरकार क्रिकेट मैचों को स्ट्रीम करने वाले प्लेटफॉर्म्स पर नजरें गड़ाए हुए है, जो आपसी संबंधों को सामान्य बनाते हैं और त्रासदी को व्यापार में बदल देते हैं।’

‘भारत बनाम पाकिस्तान मैच की लाइव स्ट्रीमिंग पर पाबंदी लगाएं’
अंत में उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय हित और जनभावना को ध्यान में रखते हुए यह जरूरी है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, वेबसाइटों और एप्स पर भारत बनाम पाकिस्तान मैच की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाएं। चूंकि आपके पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का भी प्रभार है, तो मैं आपसे आग्रह करती हूं कि प्रसारकों को मैच का सीधा प्रसारण करने से रोकें। भारत आक्रोशित है, ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत सरकार के प्रयासों में उसके साथ खड़ा रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऑपरेशन सिंदूर जारी रखने का आह्वान जारी है, ऐसे में पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत इस समर्थन के साथ विश्वासघात होगी। आशा है कि आप भारत प्रथम का रुख अपनाएंगे और वही करेंगे जो राष्ट्र अपनी सरकार से अपेक्षा करता है।’

PAK आतंकवादी समूह ने किया पहलगाम हमला

पहलगाम हमला एक पाकिस्तानी आतंकवादी समूह की तरफ से किया गया था, जिसने 26 महिलाओं के सिंदूर मिटा दिए थे. क्या आपने उन माताओं-बहनों की भावनाओं पर विचार किया है? क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर हम पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलेंगे तो वे व्यापार बंद कर देंगे?आपने कहा था कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते. अब, क्या खून और क्रिकेट साथ-साथ बहेंगे?

बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुआ

पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुआ खेला जाता है, जिसमें कथित तौर पर कई भाजपा सदस्य शामिल हैं. गुजरात के एक प्रमुख व्यक्ति, जय शाह, वर्तमान में क्रिकेट मामलों की कमान संभाल रहे हैं. क्या इसमें भाजपा को कोई खास वित्तीय लाभ होता है? उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना न केवल हमारे सैनिकों के शौर्य का अपमान है, बल्कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित कश्मीर के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले प्रत्येक शहीद का भी अपमान है.ये मैच दुबई में हो रहे हैं.

अगर ये महाराष्ट्र में होते तो बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना इन्हें बाधित कर देती. हिंदुत्व और देशभक्ति की बजाय पाकिस्तान के साथ क्रिकेट को प्राथमिकता देकर, आप देश की जनता की भावनाओं को तुच्छ समझ रहे हैं. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) आपके फैसले की निंदा करती है.’

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