पंजाब में हाहाकार, दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ा; आज यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

भारत में इस समय कई राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, खास तौर पर पूर्वी भारत जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, और असम में वर्षा के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। पंजाब में बाढ़ की चपेट में आए लोगों को अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही। इसका कारण […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 6 सितंबर 2025, 07:31 AM 14 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
पंजाब में हाहाकार, दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ा; आज यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश
Photo: UB India News Archive

भारत में इस समय कई राज्यों में बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, खास तौर पर पूर्वी भारत जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, और असम में वर्षा के बाद बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। पंजाब में बाढ़ की चपेट में आए लोगों को अभी राहत मिलती नजर नहीं आ रही। इसका कारण राज्य के तीनों बांधों का जलस्तर खतरे के निशान के पास या उससे ऊपर पहुंच जाना है।

2025 में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पंजाबहिमाचल प्रदेशउत्तराखंडजम्मू-कश्मीरहरियाणादिल्ली, और कुछ हद तक बिहार और उत्तर प्रदेश में देखा गया है।

सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

● पंजाब: यहां 1900 से ज्यादा गांव पूरी तरह डूब चुके हैं, लगभग 3.8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, 1.5 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हुईं हैं और जनजीवन बहुत मुश्किल में है।
● हिमाचल प्रदेश: कुल्लू, मंडी, किन्नौर, शिमला इलाकों में भारी वर्षा से भूस्खलन और बाढ़ ने सबसे ज्यादा नुकसान किया है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों करोड़ की संपत्ति की हानि हुई है।
● जम्मू-कश्मीर: झेलम और चिनाब में उफान, सड़कों-पुलों के टूटने और हज़ारों घरों व धान की फसलें नष्ट होने से भारी तबाही हुई है।
● उत्तराखंड: कई जिलों में भूस्खलन और बाढ़ से जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ।
● हरियाणा: सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, कुरुक्षेत्र में बाढ़ और नदियां उफान पर हैं।
● दिल्ली: यमुना नदी खतरे के निशान पर है, कई रिहायशी इलाकों में जलभराव है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
● बिहार, उत्तर प्रदेश: पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर है।

बाढ़ प्रभाव का विस्तार

● हजारों गांवों व शहरों में सड़कों, पुलों, फ़सलों और घरों को गंभीर नुकसान पहुंता है।
● सेना, एनडीआरएफ, राज्य सरकारें राहत-बचाव कार्यों में सक्रिय हैं।
● 2025 की बाढ़ पिछले कई दशकों में सबसे बड़ी आपदा मानी जा रही है, खासकर उत्तर भारत में।

दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन खतरे के निशान से ऊपर है। जिससे राजधानी में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। शनिवार को यमुना नदी का जलस्तर 206.47 मीटर पर आ गया। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर मयूर विहार, यमुना बाजार, कश्मीरी गेट, और निगमबोध घाट जैसे क्षेत्रों में दिख रहा है।

पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर बीती पांच सितंबर को सुबह 7 बजे 207.33 मीटर दर्ज किया गया था, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर था। हालांकि, जलस्तर में थोड़ी कमी देखी गई और जो 8 बजे तक 207.31 मीटर पर आ गया। अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर दिन के दौरान और कम हो सकता है।

यमुना में जलस्तर हुआ कम, खतरा बरकरार
यमुना के जलस्तर में शुक्रवार को 0.43 मीटर की गिरावट दर्ज की गई, जिससे डूब क्षेत्र का पानी कम होने लगा है। हालांकि शाम 6 बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर अब भी खतरे के निशान (205.33 मीटर) से करीब 2 मीटर ऊपर रहा, जिसके चलते पुल से रेल संचालन बंद है। शुक्रवार को 27 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं और 18 को डायवर्ट किया गया।
 
बाढ़ से बर्बाद हुई 1.72 हेक्टेयर फसल, 45 लोगों की जा चुकी जान
पंजाब में बाढ़ किसानों पर कहर बरपा रही है। शुक्रवार को मैदानी व पहाड़ी इलाकों में बारिश से राहत दिखी लेकिन बांधों से छोड़े जा रहा पानी पंजाब के जिलों में तबाही मचा रहा है। अभी तक बाढ़ की वजह से 1.72 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। बड़ा संकट पानी उतरने के बाद सामने आएगा क्योंकि खेतों में बहुत ज्यादा गाद जम चुकी है। इसे निकालना बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
Punjab Floods News Dhussi dam broke in Ludhiana village Sasrali, water of Sutlej river entered area
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि गाद निकालने में काफी खर्च होगा और यदि इसे समय पर नहीं निकाला गया तो अगली फसल लेने में भी बहुत कठिनाई आएगी। फाजिल्का जिले में सबसे ज्यादा 18073 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल बर्बाद हुई है। इसी तरह मानसा में 11041 हेक्टेयर, अमृतसर में 26701, बठिंडा में 587, फिरोजपुर में 17221, गुरदासपुर में 40169, होशियारपुर में 8322, जालंधर में 4800, कपूरथला में 17817, लुधियाना में 52, मोगा में 2240, पटियाला में 808, रूपनगर में 300, संगरूर में 6500, मोहाली में 2000, शहीद भगत सिंह नगर में 362 व तरनतारन में 12828 हेक्टेयर फसल बाढ़ के पानी में डूब चुकी है।
Punjab Floods News Dhussi dam broke in Ludhiana village Sasrali, water of Sutlej river entered area
उधर, लोगों की जान बचाने और बांधों को मजबूत करने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सूबे में सैन्य, अर्धसैनिक बलों व एनडीआरएफ की टीमें बढ़ा दी गई हैं। सैन्य बलों व एनडीआरएफ की 24-24 व बीएसएफ की एक टुकड़ी राहत कार्यों में जुटी हुई है। अभी तक जवानों ने बाढ़ में फंसे 21929 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। सरकार की ओर से 196 राहत केंद्र जारी हैं। पंजाब के 1948 जिले बाढ़ की चपेट में है, जहां 384322 लोग इस आपदा से ग्रस्त हैं। अभी तक 45 लोगों की जान जा चुकी है जबकि लापता तीन लोगों का कोई अता-पता नहीं लग पाया है।
Punjab Floods News Dhussi dam broke in Ludhiana village Sasrali, water of Sutlej river entered area
सेना ने दूल्हे समेत 11 रिश्तेदारों को रेस्क्यू कर पैलेस पहुंचाया
गुरदासपुर के गांव चौंतरा के एक युवक की शादी थी, लेकिन बारात से ठीक एक दिन पहले गांव में रावी दरिया का पानी भरना शुरू हो गया। गांव के आसपास पांच फीट तक पानी जमा हो गया। ऐसे में परिवार को चिंता हो गई कि बेटे की शादी कैसे होगी और बारात कैसे पहुंचेगी। गांव आलेचक्क के रिटायर सूबेदार गुरप्रीत सिंह के सहयोग से राहत कार्य चला रहे सेना की 270 इंजीनियर रेजीमेंट के जवानों को मामले की सूचना मिली तो वे तुरंत नाव से गांव चौंतरा पहुंचे और दूल्हे व उसके 11 रिश्तेदारों को गांव से निकालकर पैलेस पहुंचाया।

हरियाणा में तटबंध टूटने से गांव जलमग्न, बहादुरगढ़ में सेना बुलाई

बारिश कुछ थमी तो हरियाणा में नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को कुछ जिलों में कमी आई लेकिन कुछ जिलों में अब भी घग्गर व मारकंडा का पानी तटबंध तोड़ खेतों और आबादी में पहुंच रहा है। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में मारकंडा अब भी उग्र है और सिरसा, फतेहाबाद, कैथल में घग्गर का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

जीटी रोड बेल्ट में काफी तबाही मचाने के बाद यमुना, टांगरी, मारकंडा, राक्षी व बेगना नदियां खतरे के निशान से नीचे आ गई हैं। फिर भी खतरा अभी टला नहीं है। शुक्रवार को भी जलभराव व बारिश से हुए हादसों के कारण पांच लोगों की मौत हो गई।

Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
झज्जर के बहादुरगढ़ में तटबंध को मजबूत करने में जुटे श्रमिकों की मदद करते सेना के जवान
झज्जर के बहादुरगढ़ में जलभराव से निपटने के लिए सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। जवान सिंचाई विभाग व एनडीआरएफ की टीमों के साथ मुंगेशपुर ड्रेन के तटबंध को मजबूत करने में जुटे हैं।
Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
बहादुरगढ़ में मजारी गांव को दिल्ली से जोड़ने वाली सड़क को तोड़ बहता पानी
सीमा से सटे गांवों में छह फीट तक पानी भरा
मुंगेशपुर ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण दिल्ली की सीमा से सटे गांवों में छह फीट तक पानी भरा है। 3000 लोग घरों में कैद हैं। जलभराव से अंबाला में जान गंवाने वाले अनिल (50) का शव टांगरी से मिला है। 
Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
कुरुक्षेत्र में मारंकड़ा के उफान पर
वह वीरवार को पानी में डूबी टैगोर कॉलोनी में परिवार को दूध पहुंचाने गया था। कुरुक्षेत्र में मारंकड़ा के उफान पर होने के चलते चनालहेड़ी के अरुण (19) की बीबीपुर झील में डूबने से मौत हो गई। फतेहाबाद के गांव मंगेड़ा में मकान की छत गिरने से परिवार के मुखिया पवन कुमार (40) की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी और दो बच्चे घायल हो गए।
Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
पानी के तेज बहाव से तटबंध और ड्रेनें लगातार टूट रही।
इसके अलावा फरीदाबाद के शिव एनक्लेव 3 से लापता हुए ससुर सागर और दामाद बंटी का शव जलभराव में डूबा मिला है। भले ही नदियों का बहाव कम होने लगा है लेकिन तेज बहाव से तटबंध और ड्रेनें लगातार टूट रही हैं। शुक्रवार को यमुनानगर के टापू कमालपुर में सुबह होने से तीन दिन में लगाए मिट्टी के कट्टे बह गए।

Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
कुरुक्षेत्र में नैसी गांव के पास एक और स्थान पर तटबंध टूट गया है, जिससे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सिरसा के गांव झोरड़नाली के पास कच्चा तटबंध टूट गया। हिसार में भी पातन, गुराना, कैमरी के पास घग्गर ड्रेन टूट गई। रोहतक के सांपला में भी शुक्रवार को पाकस्मा-गांधरा ड्रेन ओवरफ्लो हो गया।
हरियाणा में 48 फीसदी ज्यादा बारिश, साढ़े आठ लाख एकड़ फसल खराब
लगातार बारिश व नदियों का जलस्तर बढ़ने से हरियाणा के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हरियाणा में मानसून के मौसम में अब तक सामान्य से 48 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। इससे कुल 8,66,927 एकड़ कृषि भूमि को नुकसान हुआ है। वहीं, राज्य सरकार ने फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मकान ढहने से मारे गए 11 लोगों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 44 लाख रुपये (प्रत्येक को 4 लाख रुपये) की अनुग्रह सहायता भी जारी की है।
वित्त आयुक्त, राजस्व, डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया, फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है। सभी उपायुक्तों और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (डीडीएमए) को निर्देश दिया गया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें और अपने-अपने क्षेत्राधिकार में जनता को मौसम संबंधी चेतावनियां और सुरक्षा सलाह समय पर उपलब्ध कराएं।
राज्य सरकार ने 15 सितंबर, 2025 तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला रहेगा, जो प्रभावित किसानों के लिए व्यवस्थित फसल क्षति आकलन और मुआवजे की सुविधा के लिए 2,687 गांवों को कवर करेगा। 1,46,823 किसान पहले ही पोर्टल पर पंजीकरण करा चुके हैं।
Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
बाढ़ प्रभावित 2247 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया
डॉ. मिश्रा ने बताया कि बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को सकुशल राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। खासकर पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में। एसडीआरएफ की सात इकाइयां पलवल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और फरीदाबाद में रणनीतिक रूप से तैनात की गई हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें पलवल में अतिरिक्त विशेष सहायता प्रदान कर रही हैं।
Flood in Haryana Ghaggar is taking a terrible form in Sirsa, Fatehabad and Kaithal Water is filling in village
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए जिलों को कुल 3.06 करोड़ रुपये की आरक्षित निधि स्वीकृत की है। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आरक्षित निधि के रूप में 50 लाख रुपये जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी, दोनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके।

अब तक 43 की मौत

राज्य में आई बाढ़ के कारण अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। 16,85 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 3.84 लाख लोग प्रभावित हैं। यही नहीं 1.71 लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान हुआ है।  सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। इस बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में एक अधिकारी तैनात करने का फैसला किया है। इस अधिकारी के पास बाढ़ संबंधी हर शिकायत को दर्ज करवाया जा सकेगा।

घग्गर भी मचाने लगी कोहराम

पटियाला, संगरूर और मानसा इलाके से गुजरने वाले घग्गर नदी ने भी लोगों को आफत में डाल दिया है। पटियाला का घनौर इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। यहां बाढ़ में फंसे 16 लोगों को गुरुवार को बचाया गया।

..कुल्लू में दूसरे दिन भी भूस्खलन; एक व्यक्ति की मौत, छह लापता

हिमाचल में गुरुवार को वर्षा के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में दूसरे दिन भी भूस्खलन जारी रहा। दो घर इसकी चपेट में आ गए। इससे मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

तीन लोगों को मलबे से निकाल कर क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ले जाया गया। छह लोग लापता हैं। इनमें पांच लोग जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर में फंसे 15 हजार श्रद्धालु अब तक सुरक्षित निकाले गए हैं। गुरुवार सुबह हेलीकाप्टर से 29 श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट किया गया। आज दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार, झारखंड समेत अन्य कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के आसार हैं।

..जम्मू-कश्मीर में वर्षा थमी लेकिन नहीं टला खतरा

जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को वर्षा थम गई और नदी-नालों का जलस्तर कम हो गया, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिला में गुरुवार सुबह रतले जल विद्युत परियोजना स्थल में भूस्खलन हुआ। मलबे में दबकर पांच लोग घायल हो गए। उधर, कश्मीर में उफनाई झेलम नदी का पानी बड़गाम के जूनीपोरा में तटबंध में दरार आने से आसपास कई बस्तियों में दाखिल हो गया।

….दिल्ली में खतरे के निशान से ऊपर यमुना, बाढ़ का खतरा

दिल्ली में यमुना नदी खतरे के निशान से दो मीटर से अधिक ऊपर बह रही है। गुरुवार सुबह यमुना का जलस्तर 207.48 मीटर तक पहुंच गया जबकि खतरे का स्तर 205.33 मीटर है। इससे जुलाई, 2023 की तरह बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उस समय यमुना का पानी 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे लगभग एक सप्ताह तक जनजीवन अस्तव्यस्त रहा था।

9 सितंबर, 1978 को भी पानी 207.49 मीटर तक पहुंचा था, जिससे दिल्ली के कई क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस बार छह जिले बाढ़ की चपेट में हैं। रिंग रोड, सिविल लाइंस सहित कई अन्य क्षेत्रों में यमुना का पानी आवासीय क्षेत्र में पहुंच गया है। यमुना बैंक मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क पर पानी भरने से यात्री नहीं पहुंच पा रहे हैं।

लोगों को किया गया स्थानांतरित

कश्मीरी गेट आइएसबीटी में बुधवार रात से ही पानी भरा हुआ है। मयूर विहार फेज, यमुना विहार जैसे निचले क्षेत्रों में बने राहत शिविर में पानी भर गया। इस कारण वहां शरण लिए लोगों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।

गीता कालोनी, उस्मानपुर, बदरपुर खादर, यमुना बाजार, मोनेस्ट्री बाजार, मजून का टीला, चंदगी राम अखाड़ा सहित अन्य स्थानों पर पानी भरने से 15 हजार से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। लोहा पुल बंद होने के कारण दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। 100 से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। 50 से अधिक ट्रेनें निरस्त कर दी गईं।

..हरियाणा में बाढ़ की स्थिति गंभीर

हरियाणा में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। हथनीकुंड बैराज के फ्लड गेट लगातार चौथे दिन खुले हुए हैं, जिससे जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत के यमुना किनारे स्थित क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।

अंबाला में टांगरी-मारकंडा और उसकी सहायक नदी बेगना भी उफान पर हैं। इस कारण बाढ़ का पानी अंबाला-रुड़की नेशनल हाईवे-344 के ऊपर से बह रहा है। हाईवे की एक साइड को बंद करना पड़ा है, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰