वर्ष 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण आज , पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में पूरी तरह दिखाई देगा………….

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। नई दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, जयपुर, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ कुछ लोकप्रिय शहर हैं, जहां पूर्ण चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा। भारत में जहां भी ग्रहण दिखायी देगा, वहां पर चन्द्र ग्रहण से जुड़े सभी पारंपरिक अनुष्ठान लागू होंगे। दरअसल चंद्र ग्रहण के समय कई तरह […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 7 सितंबर 2025, 06:59 AM 7 मिनट read
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वर्ष 2025  का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण आज ,  पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में पूरी तरह दिखाई देगा………….
Photo: UB India News Archive

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। नई दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, जयपुर, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ कुछ लोकप्रिय शहर हैं, जहां पूर्ण चन्द्र ग्रहण दिखायी देगा। भारत में जहां भी ग्रहण दिखायी देगा, वहां पर चन्द्र ग्रहण से जुड़े सभी पारंपरिक अनुष्ठान लागू होंगे। दरअसल चंद्र ग्रहण के समय कई तरह की सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। जैसे इस दौरान भोजन नहीं किया जाता, पूजा-पाठ और अन्य शुभ कार्यों पर भी रोक रहती है। चलिए जानते हैं 7 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण कब से कब तक रहेगा और इसका सूतक काल कब लगेगा।

बिहार झारखंड में ग्रहण की टाइमिंग
भारतीय समयानुसार, बिहार और झारखंड में यह चंद्र ग्रहण रात 9 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा. ग्रहण अपने चरम पर रात 11 बजकर 42 मिनट पर होगा. जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाएगा और इसका मोक्ष यानी समापन देर रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगा.

बिहार के प्रमुख शहरों में इतने बजे लगेगा ग्रहण
शहर ग्रहण शुरू पूर्ण ग्रहण(चरम) ग्रहण समाप्त
पटना 9:58 PM 11:42 PM 1:26 AM
भागलपुर 9:58 PM 11:42 PM 1:26 AM
दरभंगा 9:58 PM 11:42 PM 1:26 AM
मुजफ्फरपुर 9:58 PM 11:42 PM 1:26 AM
गया 9:58 PM 11:42 PM 1:26 AM

चंद्र ग्रहण कितने से कितने बजे तक रहेगा 2025 (Chandra Grahan 7 September 2025 India Time)

चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ 2025 09:58 पी एम
चन्द्र ग्रहण समाप्त 2025 01:26 ए एम, सितम्बर 08
स्थानीय ग्रहण की अवधि 03 घण्टे 28 मिनट्स 02 सेकण्ड्स
उपच्छाया से पहला स्पर्श 08:59 पी एम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श 09:58 पी एम
खग्रास प्रारम्भ 11:01 पी एम
परमग्रास चन्द्र ग्रहण 11:42 पी एम
खग्रास समाप्त  12:22 ए एम, सितम्बर 08
प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श  01:26 ए एम, सितम्बर 08
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श 02:24 ए एम, सितम्बर 08
खग्रास की अवधि 01 घण्टा 21 मिनट्स 27 सेकण्ड्स
खण्डग्रास की अवधि 03 घण्टे 28 मिनट्स 02 सेकण्ड्स
उपच्छाया की अवधि 05 घण्टे 24 मिनट्स 37 सेकण्ड्स
चन्द्र ग्रहण का परिमाण 1.36
उपच्छाया चन्द्र ग्रहण का परिमाण 2.34

7 सितंबर 2025 चंद्र ग्रहण सूतक टाइम (7 September 2025 Chandra Grahan Sutak Time)

7 सितंबर 2025 को सूतक दोपहर 12:19 बजे से शुरू होगा और इसकी समाप्ति 8 सितंबर 2025 को 01:26 AM पर होगी। बच्चों, बृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिये सूतक शाम 06:36 से शुरू होगा।

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए (Chandra Grahan Mein Kya Na Kare)

चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन करने, सोने, तेल मालिश करने, जल ग्रहण करने, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कन्घा करना, दातुन करना और यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है। इसके अलावा इस दौरान भगवान की मूर्तियों को भी स्पर्श नहीं किया जाता है।

ग्रहण के दौरान इन मंत्र का करें जाप (Chandra Grahan Mantra)

1. तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन। हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥१॥

अर्थ – अन्धकाररूप महाभीम चन्द्र-सूर्य का मर्दन करने वाले राहु! सुवर्णतारा दान से मुझे शान्ति प्रदान करें।

2. विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत। दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥२॥

अर्थ – सिंहिकानन्दन (पुत्र), अच्युत! हे विधुन्तुद, नाग के इस दान से ग्रहणजनित भय से मेरी रक्षा करो।

चंद्र ग्रहण खगोलीय, धार्मिक और ज्योतिषीय तीनों ही दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका सीधा प्रभाव देश-दुनिया की गतिविधियों से लेकर पूजा-पाठ और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ता है। हिंदू धर्म में इसे अशुभ अवधि के रूप में जाना जाता है, इसलिए इसके आरंभ से समापन तक कई नियमों का पालन किया जाता है। हालांकि, खगोलशास्त्रियों के लिए यह आकाशीय घटनाओं को समझने का अवसर होता है। वहीं ज्योतिष में इसका असर 12 राशियों और 27 नक्षत्रों पर पड़ता है, जिससे कुछ जातकों को लाभ, तो कुछ की परेशानियां बढ़ने लगती हैं। इस वर्ष 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इसका दृश्य भारत में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

कब लगता है चंद्र ग्रहण? 
ऐसा माना जाता है कि जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती है। इससे धरती की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं।

चंद्र ग्रहण का सूतक कब लगता है?

चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से ठीक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। 7 सितंबर 2025 के चंद्र ग्रहण का सूतक दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से लग जाएगा।

कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण ?
आपको बता दें, यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अफ्रीका, एशिया, यूरोप, पश्चिमी और उत्तरी अमेरिका तथा दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी नजर आएगा।

सूतक काल समय
ज्योतिषियों के मुताबिक चंद्र ग्रहण की शुरुआत से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल लगता है। इसलिए 7 सितंबर को दोपहर 12: 59 मिनट से सूतक काल शुरू होगा। इसके प्रारंभ से लेकर ग्रहण के समापन तक ध्यान और मंत्र जाप करना चाहिए। यह बेहद शुभ होता है। इसके अलावा आप भगवान की मूर्तियों को स्पर्श और यात्राएं न करें। इससे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

चंद्र ग्रहण 2025 ज्योतिषीय प्रभाव
साल 2025 का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण न्याय के कारक शनि की राशि कुंभ और गुरु के नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद में लगने वाला है। ऐसे में जिन भी जातकों का जन्म इस नक्षत्र में हुआ है उनपर विशेष कृपा बनी रहेगी। करियर-कारोबार में मनचाहा लाभ मिलने की संभावना है। नई नौकरी की प्राप्ति होगी, जिससे भौतिक सुख में वृद्धि होना संभव है। स्वास्थ्य समस्याएं दूर होंगी और रिश्तों में प्रेम-विश्वास का संचार होने के योग है।

चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
  • चंद्र ग्रहण मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि वालों के लिए शुभ रहने वाला है। इन राशि वालों को धन लाभ, करियर-कारोबार में सफलता, वैवाहिक सुख और निवेश में मनचाहा लाभ संभव है। इसके अलावा अटके काम पूरे और भाग्योदय के भी योग बन रहे हैं।
  • मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को सभी क्षेत्र में सावधानियां बरतनी होगी। आप कोई भी यात्रा न करें। किसी नए कार्य को शुरू करने का अगर विचार बना रहे हैं, तो अभी ठहराव बेहतर रहेगा। व्यापार में चुनौतियां आ सकती हैं। काम को पूरा करने में दिक्कतें आएंगी। किसी से भी कोई जानकारी साझा न करें।
ग्रहण में क्या नहीं करना चाहिए
  • ग्रहण की अवधि में सोना नहीं चाहिए।
  • बाल या नाखून भी नहीं काटना चाहिए।
  • ग्रहण में रसोई का कोई काम नहीं करना चाहिए।
  • भोजन ग्रहण भी नहीं करना चाहिए।
  • पूजा-पाठ और भगवान की मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए।
  • कोई भी खरीदारी ग्रहण में न करें।
  • शरीर पर तेल नहीं लगाना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाएं बाहर जाने की भूल न करें।
  • आसमान को नहीं देखना चाहिए।
  • सुई से जुड़ा कोई भी काम न करें

 

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