H1-B Visa की टेंशन खत्म करेगा भारत सरकार का ये तगड़ा प्लान!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B Visa की नई शर्ते लागू करके विदेशी छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। भारत सरकार ने इससे निपटने के लिए कमर कस ली है। देश को हायर एजुकेशन का हब बनाने की कवायद जारी है। एमबीबीएस की सीटें बढ़ेंगी, स्टूडेंट्स […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
बुधवार, 24 सितंबर 2025, 08:14 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
H1-B Visa की टेंशन खत्म करेगा भारत सरकार का ये तगड़ा प्लान!
Photo: UB India News Archive

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B Visa की नई शर्ते लागू करके विदेशी छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, लेकिन यह ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। भारत सरकार ने इससे निपटने के लिए कमर कस ली है। देश को हायर एजुकेशन का हब बनाने की कवायद जारी है। एमबीबीएस की सीटें बढ़ेंगी, स्टूडेंट्स इंटर्नशिप का खास ध्यान रखा जाएगा और IITs में टीचिंग कोर्सेज शुरू करने के साथ-साथ नए अवसर खोजने का काम किया जाएगा।

H1-B Visa की टेंशन क्यों?

दरअसल, H1-B Visa पर नई शर्तों ने अमेरिका में पढ़ाई करने का सपना देख रहे भारत समेत दुनियाभर के छात्रों की टेंशन बढ़ा दी है। अब H-1B वीजा की फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) कर दी गई है। नई फीस की वजह से विदेशी स्टूडेंट्स और वर्कर्स के लिए टेक्नोलॉजी-मेडिसिन जैसे सेक्टर्स में करियर बनाना मुश्किल हो गया है। अब भारत ने इससे निपटने के लिए तगड़ा प्लान तैयार कर लिया है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

करियर काउंसलर आलोक बंसल का कहना है कि अमेरिका में पढ़ाई जाने का प्लान बना रहे छात्रों और उनके पेरेंट्स कन्फ्यूजन में हैं, लेकिन उन्हें बाहर के विकल्पों के साथ-साथ भारत में बढ़ते विकल्पों को भी देखना चाहिए। हाल के समय में बड़ा बदलाव हुआ है, जैसे आईआईएम बेंगलुरु समेत कई आईआईएम में ग्रेजुएशन लेवल पर कोर्स शुरू किए गए हैं। न्यू एज प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने नए तरीके के कोर्स लान्च किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से हैं। भारत की यूनिवर्सिटी विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग कर रही है। ताकि स्टूडेंट्स को ग्लोबल एक्सपोजर मिल सके।

दूसरे देशों की यूनिवर्सिटी भारत आ रही हैं। इससे छात्रों का पढ़ाई पर खर्च भी कम होगा। आने वाले पांच से सात सालों में भारत बड़ा एजुकेशन हब बनेगा। डीयू के पूर्व प्रिंसिपल एस.के. गर्ग का कहना है कि आईआईएम व आईआईटी में ग्रेजुएशन लेवल के कोर्सेज को शुरू करना एक बड़ी पहल है। इन संस्थानों में पॉपुलर कोर्सेज की सीटें तो बढ़ ही रही हैं, साथ ही ग्रेजुएशन की नई सीटें भी क्रिएट हो रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अब छात्रों के पास विकल्पों की कोई कमी नहीं रहेगी। जो छात्र विदेश जाकर ही पढ़ना चाहते हैं, उनको क्यूएस रैंकिंग में जगह बनाने वाली यूरोप, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर की यूनिवर्सिटीज में भी विकल्प तलाशने चाहिए।

डुअल डिग्री कोर्स का विकल्प

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों को लागू करते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थानों (IIM) में ग्रेजुएशन और डुअल डिग्री यानी दोहरी डिग्री कोर्सेज शुरू हो चुके हैं। आईआईएम में अब केवल एमबीए ही नहीं बल्कि ग्रेजुएशन और पांच वर्ष के कोर्स भी शुरू हो गए हैं। 7 आईआईएम में डुअल डिग्री और 4 आईआईएम में ग्रेजुएशन कोर्सेज शुरू हुए हैं।

MBBS की सीटें बढ़ाने की तैयारी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) में बीटेक के साथ- साथ मैनेजमेंट, ह्यूमैनिटीज- सोशल साइंसेज के कोर्सेज भी आ रहे हैं। आईआईटी में सीटें हर साल बढ़ रही हैं। सरकार मेडिकल एजुकेशन के लिए हर वर्ष एमबीबीएस की सीटें बढ़ा रही है। 2025-26 में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 1,23,700 हो गई हैं। आगे एमबीबीएस की और 6 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ने वाली हैं। अगले साल एमबीबीएस की सीटें और बढ़ेंगी। देश में अगले पांच वर्षों में 75000 मेडिकल सीटों के इजाफे का लक्ष्य रखा गया है। वहीं सरकार ने शिक्षा संस्थानों को कहा है कि छात्रों की इंटर्नशिप पर खास ध्यान दिया जाए।

भारत में विदेशी यूनिवर्सिटीज के नए कैंपस

भारतीय छात्रों की संख्या में बेशक कमी होगी लेकिन भारत समेत दूसरे कई देशों में छात्रों के पास अवसरों की कमी नहीं होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि QS रैंकिंग में 54 भारतीय संस्थान अपनी जगह बना चुके हैं। इसके अलावा इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, सिंगापुर समेत कई देशों की यूनिवर्सिटीज क्यूएस रैंकिंग में अच्छे पायदान पर हैं। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के कैंपस भारत में शुरू हो रहे हैं। 2026 तक कुल 16 विदेशी यूनिवर्सिटी के भारतीय कैंपस में पढ़ाई का मौका मिलेगा।

वर्ल्ड रैंकिंग में भारतीय संस्थानों का बढ़ता दबदबा

2025 की वर्ल्ड क्यूएस रैंकिंग देखें तो उसमें भारत के 54 शिक्षा संस्थान शामिल हैं। जी20 देशों में भारत का हायर एजुकेशन सिस्टम सबसे तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमेरिका, इंग्लैंड और चीन के बाद क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में भारत के सबसे ज्यादा संस्थान हैं। अमेरिका के 192, यूके के 90 और चीन के 72 संस्थान हैं। इस बार की रैंकिंग में भारत की 8 नई यूनिवर्सिटीज शामिल हुई हैं।

यूनिवर्सिटीज अब ग्रेजुएशन के सामान्य व प्रफेशनल कोर्सेज के साथ-साथ 5 ईयर इंटीग्रेटिड कोर्सेज पर भी फोकस कर रही हैं। डुअल डिग्री कोर्सेज में भी स्पेशल ऑप्शन शामिल किए गए हैं। आईआईटी में टीचिंग कोर्सेज भी शुरू हो गए हैं। वहीं देश में इंडिया रैंकिंग भी दी जाती है और सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों से कंपलीट डेटा के साथ रैंकिंग सिस्टम से जुड़ने को कहा है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰