ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकी बता रहे पाकिस्तान की असलियत……………

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी कि UNGA के 80वें सत्र में अपने भाषण में एक बार फिर भारत विरोधी राग अलापा। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया, भारत पर एकतरफा हमले का आरोप लगाया और इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने की भारत की कार्रवाई को गैर-कानूनी […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शनिवार, 27 सितंबर 2025, 07:51 AM 8 मिनट read
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ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकी बता रहे पाकिस्तान की असलियत……………
Photo: UB India News Archive

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा यानी कि UNGA के 80वें सत्र में अपने भाषण में एक बार फिर भारत विरोधी राग अलापा। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया, भारत पर एकतरफा हमले का आरोप लगाया और इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने की भारत की कार्रवाई को गैर-कानूनी बताया। इसके साथ ही, शहबाज ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जमकर तारीफ की और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की वकालत की। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए उनकी पूरी पोल खोल दी।

पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को लताड़ा

शहबाज शरीफ के भाषण को भारत ने ‘हास्यास्पद नौटंकी’ करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान बार-बार आतंकवाद को बढ़ावा देता है और अब उसकी सच्चाई दुनिया के सामने बेनकाब हो चुकी है। भारत की ओर से UN में स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने ‘राइट ऑफ रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। पेटल गहलोत ने UN महासभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज सुबह इस मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने हास्यास्पद नौटंकी की और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली अपनी विदेश नीति को जायज ठहराने की कोशिश की। लेकिन कोई भी ड्रामा और कोई भी झूठ सच को छिपा नहीं सकता।’

‘आतंकवाद को पनाह देने का लंबा इतिहास’

गहलोत ने दुनिया को याद दिलाया कि पाकिस्तान का आतंकवाद को पनाह देने का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान ने अल-कायदा के सरगना ओसामा बिन लादेन को एक दशक तक अपने यहां छिपाए रखा, जबकि वह दुनिया को दिखाने के लिए आतंकवाद के खिलाफ जंग का नाटक करता रहा। हाल ही में पाकिस्तान के मंत्रियों ने खुलेआम स्वीकार किया कि उनके देश में दशकों से आतंकी कैंप चल रहे हैं।’ गहलोत ने बताया कि 25 अप्रैल 2025 को UN सिक्योरिटी काउंसिल में पाकिस्तान ने ‘रेसिस्टेंस फ्रंट’ नामक आतंकी संगठन को बचाने की कोशिश की। यह संगठन, जो पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है, जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की हत्या के लिए जिम्मेदार है।

ऑपरेशन सिंदूर ने खोली पाकिस्तान की पोल
शहबाज शरीफ के भाषण पर जवाब देते हुए भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने कहा, एक तस्वीर हजार शब्द कह देती है और हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा बहावलपुर और मुरिदकेआतंकी परिसरों में मारे गए आतंकवादियों की कई तस्वीरें देखीं। जब वरिष्ठ पाकिस्तानी सैन्य और नागरिक अधिकारी सार्वजनिक रूप से ऐसे कुख्यात आतंकवादियों का महिमामंडन और श्रद्धांजलि देते हैं, तो क्या इस शासन की प्रवृत्ति पर कोई संदेह हो सकता है? पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत के साथ हाल ही में हुए संघर्ष का एक विचित्र विवरण भी दिया। 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर हमले करने की धमकी दे रहा था। लेकिन 10 मई को सेना ने हमसे सीधे लड़ाई बंद करने की अपील की।

‘टूटे रनवे और जले हैंगर उनकी जीत का सबूत’
पेटल गहलोत ने कहा कि हाल ही में जो बड़ा घटनाक्रम हुआ, वह भारतीय सेनाओं की तरफ से पाकिस्तान के कई एयर बेस को किए गए भारी नुकसान से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी एयर बेस के रनवे टूट गए और कई हैंगर जलकर खाक हो गए। इनकी तस्वीरें पहले से ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं और हर कोई उन्हें देख सकता है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, अगर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को लगता है कि टूटे हुए रनवे और जले हुए हैंगर उनकी जीत के सबूत हैं, तो उन्हें उस तथाकथित जीत का जश्न मनाने दें। पेटल गहलोत ने आगे कहा कि असली सच्चाई यह है कि पाकिस्तान एक बार फिर भारत में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने कहा, ‘हमने यह कदम अपने नागरिकों की रक्षा और देश की सुरक्षा के लिए उठाया है।

7 विमानों को नष्ट करने के बयान पर भी धोया

पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान ने 7 भारतीय जेट विमानों को नष्ट किया। इस पर गहलोत ने तीखा जवाब देते हुए कहा, ‘बहावलपुर और मुरीदके के आतंकी ठिकानों की तस्वीरें सच बयान करती हैं। इन तस्वीरों में भारतीय सेना द्वारा मारे गए आतंकियों के सबूत हैं। जब पाकिस्तान के सैन्य और नागरिक अधिकारी खुले तौर पर इन आतंकियों की तारीफ करते हैं, तो क्या इस शासन की मानसिकता पर कोई शक रह जाता है? 9 मई तक पाकिस्तान भारत पर हमले की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को उसकी सेना ने भारत से युद्धविराम की गुहार लगाई। यह सच्चाई पूरी दुनिया के सामने है।’

‘नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता में विश्वास रखने वाला देश भारत को आस्था के उपदेश दे रहा है’
पेटल गहलोत ने कहा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत के साथ शांति की बात कही है। अगर वह सचमुच सच्चे हैं, तो रास्ता साफ है। पाकिस्तान को तुरंत सभी आतंकवादी शिविर बंद करने चाहिए और भारत में वांछित आतंकवादियों को हमें सौंप देना चाहिए। यह भी विडंबना ही है कि जो देश नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता में विश्वास रखता है। वह इस सभा को आस्था के मामलों पर उपदेश दे रहा है। पाकिस्तान का राजनीतिक और सार्वजनिक विमर्श उसके असली चरित्र को दर्शाता है।

पेटल गहलोत ने कहा, भारत और पाकिस्तान लंबे समय से इस बात पर सहमत हैं कि उनके बीच किसी भी लंबित मुद्दे का समाधान द्विपक्षीय रूप से किया जाएगा। इस संबंध में किसी तीसरे पक्ष के लिए कोई जगह नहीं है। यह हमारी दीर्घकालिक राष्ट्रीय स्थिति है। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक आतंकवाद का सवाल है, हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के बीच कोई भेद नहीं किया जाएगा। दोनों को जवाबदेह ठहराया जाएगा और न ही हम परमाणु ब्लैकमेल की आड़ में आतंकवाद को पनपने देंगे। भारत ऐसी धमकियों के आगे कभी नहीं झुकेगा। दुनिया के लिए भारत का संदेश स्पष्ट है। आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से भारत का इनकार

शहबाज शरीफ ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में मध्यस्थता की। इस पर गहलोत ने दो टूक जवाब दिया, ‘भारत और पाकिस्तान ने लंबे समय से सहमति जताई है कि दोनों देशों के बीच का कोई भी मुद्दा द्विपक्षीय बातचीत से हल होगा। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई गुंजाइश नहीं है। यह हमारा राष्ट्रीय रुख है।’ पाकिस्तान के पीएम ने भारत के साथ शांति की इच्छा जताई थी। इस पर गहलोत ने कहा, ‘अगर पाकिस्तान वाकई शांति चाहता है, तो रास्ता साफ है। उसे तुरंत अपने सभी आतंकी कैंप बंद करने होंगे और भारत में वांछित आतंकियों को सौंपना होगा। जो देश नफरत, कट्टरता और असहिष्णुता में डूबा हो, वह इस मंच पर आकर धर्म और विश्वास की बातें करता है। पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है।’

Shahbaz Sharif, Shahbaz Sharif UN speech rebuttal

शहबाज ने लगातार किए थे झूठे दावे

शहबाज शरीफ ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने 7 भारतीय लड़ाकू विमान मार गिराए। हालांकि, भारत ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि ये बेबुनियाद हैं और पाकिस्तान के पास इसके कोई सबूत नहीं हैं। भारत के वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा था कि उल्टा भारत ने पाकिस्तानी विमानों को मार गिराया था। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 9 बड़े आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। भारत के एक्शन की तस्वीरों ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी। सिर्फ कुछ दिनों की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और सीजफायर की गुजारिश की थी।

ट्रंप की तारीफ और नोबेल की मांग

शहबाज ने अपने भाषण का बड़ा हिस्सा डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ में खर्च किया। उन्होंने ट्रंप को ‘शांति का प्रतीक’ बताते हुए कहा, ‘प्रेसीडेंट ट्रंप के साहसिक और दूरदर्शी नेतृत्व में पाकिस्तान युद्धविराम पर राजी हुआ। हम उनकी और उनकी टीम की सक्रिय भूमिका की कद्र करते हैं। अगर ट्रंप ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो दक्षिण एशिया में एक भयावह युद्ध हो सकता था। उनके शांति प्रयासों के सम्मान में पाकिस्तान ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया।’ हालांकि, भारत ने साफ किया कि सीजफायर दोनों देशों के DGMO के बीच बातचीत से हुआ था, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। शहबाज के दावों के उलट, पाकिस्तान के DGMO ने ही भारत से बातचीत शुरू की थी, जब भारत ने आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी।

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