सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में VVPAT की पर्चियां मॉक पोल की पर्चियां थी !……………..

बिहार में चुनाव की सरगर्मी के बीच समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में VVPAT की पर्चियां कचरे के ढेर में मिलने से हड़कंप मच गया। RJD समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने तरह-तरह के आरोप लगाए और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। हालांकि, मामले की नजाकत को देखते हुए तुरंत इस मामले की एफआईआर […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
रविवार, 9 नवंबर 2025, 09:23 AM 6 मिनट read
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सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में VVPAT की पर्चियां मॉक पोल की पर्चियां थी !……………..
Photo: UB India News Archive

बिहार में चुनाव की सरगर्मी के बीच समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में VVPAT की पर्चियां कचरे के ढेर में मिलने से हड़कंप मच गया। RJD समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने तरह-तरह के आरोप लगाए और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। हालांकि, मामले की नजाकत को देखते हुए तुरंत इस मामले की एफआईआर हुई और डीएम समस्तीपुर ने सफाई दी कि ये मॉक पोल की पर्चियां हैं। इसलिए चिंता की बात नहीं, चुनाव की शुचिता बरकरार है। चुनाव आयोग और विपक्ष पार्टियों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच ये समझते हैं कि पोलिंग बूथ पर वोटिंग शुरू होने से पहले मॉक पोल प्रक्रिया के बाद VVPAT से जो पर्चियां निकाली जाती हैं उनका क्या होता है। वो मतदान में काउंट नहीं होती हैं तो उन्हें सुरक्षित रखने का प्रोसेस क्या है।

मतदान केंद्र पर मॉक पोलिंग कैसे होती है?

VVPAT पर्चियों से जुड़े विवाद और मॉक पोल की प्रक्रिया जानने के लिए पीठासीन अधिकारी के तौर पर चुनाव संपन्न करा चुके एक व्यक्ति  से बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि पोलिंग बूथ पर चुनाव की वोटिंग शुरू कराने से पहले ईवीएम में मॉक पोल किया जाता है। निष्पक्षता के लिए सभी पार्टियों के उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट्स के सामने ही मॉक पोलिंग होती है। उन्हें ईवीएम के सही होने का भरोसा हो, इसके लिए पोलिंग एजेंट्स से भी मॉक पोलिंग में ईवीएम के बटन दबवाए जाते हैं। इस तरह मॉक पोल में ईवीएम के सारे बटन दबाकर चेक किए जाते हैं और फिर वीवीपैट मशीन में देखा जाता है कि जिस कैंडिडेट के सामने का बटन ईवीएम में दबाया जा रहा है, उसी के नाम की पर्ची वीवीपैट में दिखाई दे रही है या नहीं।

पोलिंग एजेंट्स को EVM पर कैसे होता है भरोसा?

जब मॉक पोल पूरा हो जाता है और पोलिंग एजेंट्स को ये भरोसा हो जाता है कि ईवीएम और वीवीपैट मशीन सही से काम कर रही है। इसके बाद CRC किया जाता है। CRC का मतलब है Close, Result और Clear। Close में पहले मॉक पोल की प्रकिया को बंद किया जाता है। फिर Result के तहत पोलिंग एजेंट्स को मॉक पोल का रिजल्ट दिखाया जाता है और इसके बाद Clear में ईवीएम का डेटा जीरो कर दिया जाता है। इसके बाद वीवीपैट से वो पर्चियां निकाल ली जाती हैं जो मॉक के वक्त वीवीपैट के बॉक्स में गिरी थीं।

VVPAT से निकली पर्चियों का क्या होता है?

इसके बाद वीवीपैट से निकली गई पर्चियों पर पीछे मुहर लगा दी जाती है कि ये पर्चियां मॉक पोल की हैं जिससे उनकी पहचान हो सके। इसके बाद सारी पर्चियों को एक ब्लैक बॉक्स में रखा जाता है और उसे पोलिंग एजेंट्स के सामने ही सील कर दिया जाता है। पीठासीन अधिकारियों को निर्देश होता है कि ब्लैक बॉक्स में सील मॉक पोल की इन पर्चियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीन के साथ स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करना होता है। हालांकि, बिहार के समस्तीपुर में वीवीपैट की जो पर्चियां कचरे के ढेर में मिली हैं वो किसकी लापरवाही है, उसके पीछे का क्या मकसद है ये पुलिस की जांच में पता चलेगा।

आयोग ने ARO को सस्पेंड किया, FIR के दिए निर्देश

समस्तीपुर में शनिवार को चौंकाने वाली घटना सामने आई. यहां भारी संख्या में वीवीपैट मशीन से निकली पर्चियां कचरे के ढेर में मिली हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में 6 नवंबर को ही मतदान हुआ था. वीवीपैट की पर्चियों के ढेर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. आरजेडी ने इसे लोकतंत्र की डकैती करार देते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. चुनाव आयोग ने इन्हें मॉक पोल की पर्चियां बताया है और त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर(एआरओ) को निलंबित कर दिया है. एफआईआर भी दर्ज की जा रही है.

सरायरंजन में मिलीं पर्चियां, RJD हमलावर

आरजेडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के KSR कॉलेज के पास सड़क पर भारी संख्या में EVM से निकलने वाली VVPAT पर्चियां फेंकी हुई मिली हैं. आरजेडी ने सवाल उठाया कि कब, कैसे, क्यों और किसके इशारे पर इन पर्चियों को फेंका गया? आरजेडी ने चुनाव आयोग को ‘चोर’ बताते हुए सवाल किया कि क्या वह इसका जवाब देगा?

सड़क किनारे मिले EVM पर्चियों के ढेर 

सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें सड़क किनारे बिखरी वीवीपैट पर्चियों के ढेर साफ दिख रहे हैं. हालांकि NDTV वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता. सड़क किनारे कचरे के ढेर में वीवीपैट की पर्चियां मिलने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई.

डीएम, अधिकारी मौके पर पहुंचे

जिला निर्वाचन पदाधिकारी और समस्तीपुर के डीएम रोशन कुशवाहा खुद मौके पर पहुंच गए. उनके साथ अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल भी था. जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी रजनीश राय ने दावा किया कि यह मॉक पोल की पर्चियां हैं, जो मतदान से पहले ईवीएम के परीक्षण के दौरान निकलती हैं.

एक अधिकारी सस्पेंड, FIR के निर्देश

इस गंभीर मामले पर केंद्रीय चुनाव आयोग का भी बयान आया है. कहा गया कि समस्तीपुर के डीएम को घटनास्थल का दौरा कर जांच पड़ताल करने का निर्देश दिया गया है. चूंकि ये मॉक पोल की वीवीपीएटी पर्चियां हैं, ऐसे में मतदान प्रक्रिया की अखंडता पर कोई समझौता नहीं हुआ है. चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी डीएम की ओर से सूचित कर दिया गया है. लापरवाही के लिए संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर(एआरओ) को निलंबित किया जा रहा है और एफआईआर भी दर्ज की जा रही है.

लापरवाही या साजिश? उठ रहे सवाल

बहरहाल, प्रशासन की सफाई के बावजूद इस घटना पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि कि अगर ये वाकई मॉक पोल की पर्चियां हैं तो कूड़े में क्यों फेंक दी गईं? इन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करके नष्ट क्यों नहीं किया गया? स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. कुछ लोगों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.

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