भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में 30 रन की हार झेलनी पड़ी है। टीम 15 साल बाद अपने घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोई मैच हारी है। पिछली हार 2010 में ग्रीम स्मिथ की कप्तानी में नागपुर में मिली थी। ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को 124 रन का टारगेट चेज […]
By UB India News • Patna, Bihar रविवार, 16 नवंबर 2025, 09:09 AM • 4 मिनट read
भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में 30 रन की हार झेलनी पड़ी है। टीम 15 साल बाद अपने घर में साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोई मैच हारी है। पिछली हार 2010 में ग्रीम स्मिथ की कप्तानी में नागपुर में मिली थी।
ईडन गार्डन्स स्टेडियम में रविवार को 124 रन का टारगेट चेज कर रही भारतीय टीम 9 विकेट पर 93 रन ही बना सकी। कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाजी करने नहीं आए। वे एक दिन पहले गर्दन में ऐंठन के कारण रिटायर हुए थे।
वॉशिंगटन सुंदर ने सबसे ज्यादा 31 रन बनाए। साइमन हार्मर ने मैच में कुल 8 विकेट झटके। मैच में इकलौती फिफ्टी अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने लगाई। वे दूसरी पारी में 55 रन बनाकर नाबाद लौटे।
इससे पहले साउथ अफ्रीका दूसरी पारी में 153 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम ने शुक्रवार को टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया और पहली पारी में 159 रन बनाए। भारत ने पहली पारी में 189 रन बनाए थे।
साउथ अफ्रीका के लिए 124 रन को डिफेंड करते हुए सिमोन हार्मर ने कमाल की गेंदबाजी की. साउथ अफ्रीका के लिए हार्मर ने चौथी पारी में 14 ओवर में सिर्फ 21 रन देकर 4 विकेट लिए. हार्मर ने पारी में ध्रुव जुरे, ऋषभ पंत, रविंद्र जडेजा और कुलदीप यादव को अपना शिकार बनाया. इसके बाद केशव महाराज ने अपने 9वें ओवर में पहले अक्षर पटेल और फिर मोहम्मद सिराज का विकेट लेकर साउथ अफ्रीका की जीत पर मुहर लगा दी. इन दोनों के अलावा मार्को यानसेन ने नई गेंद से 2 शुरुआती सफलता दिलाई थी. वहीं एडेन मार्करम के खाते में भी एक विकेट आया.
चौथी पारी में भारतीय टीम की बैटिंग रही फेल
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में चौथी पारी में भारतीय टीम की बल्लेबाजी बुरी तरह से फेल रही. 124 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए 7 बल्लेबाज ऐसे रहे जो दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके. पारी में भारत के लिए एक समय वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने जरूर उम्मीद जगाई थी, लेकिन स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर वह टीम को जीत नहीं दिलाए. सुंदर ने टीम इंडिया के लिए 92 गेंद में 31 रनों की पारी खेली. इसके अलावा अक्षर ने 2 छक्के और 1 छक्के की मदद से 17 गेंद में 26 रनों की पारी खेली. वहीं रविंद्र जडेजा ने 18 और ध्रुव जुरेल ने 13 रन बनाए.
टेम्बा और कॉर्बिन बॉस की पार्टनरशिप रहा टर्निंग पॉइंट
स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार पिच पर किसी भी पारी में 200 रन नहीं बन पाया. मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने वाली साउथ अफ्रीका की टीम अपनी पहली पारी में 159 कन के स्कोर पर सिमट गई थी. पहली पारी में टीम इंडिया के लिए जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट अपने नाम किए थे. इसके अलावा मोहम्मद सिराज और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए, जबकि अक्षर के खाते में 1 विकेट आया था. इसके जवाब में टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में जैसे-तैसे 189 रन का स्कोर बनाकर 20 रनों की लीड हासिल की थी. इस पारी में टीम इंडिया के लिए केएल राहुल ने सबसे ज्यादा 39 रन बनाए थे.
पहली पारी में सिर्फ 159 रन के स्कोर पर ऑलआउट होने वाली साउथ अफ्रीकी टीम की दूसरी पारी में भी हालत खराब थी, लेकिन कप्तान टेम्बा बावुमा की नाबाद 55 रनों की संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी के कारण मेहमान टीम 154 रन बनाने में सफल रही. टेम्बा ने निचले क्रम में कॉर्बिन बॉस के साथ मिलकर 79 गेंद में 44 रनों की पार्टनरशिप की जो कि मैच का टर्निंग पॉइंट भी साबित हुआ. कॉर्बिन बॉस ने 37 गेंद में 25 रनों की पारी खेली.
दोनों टीमों की प्लेइंग-XI
भारत: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह।
साउथ अफ्रीका: ऐडन मार्करम, टोनी डी जॉर्जी, रायन रिकेल्टन, टेम्बा बावुमा (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, काइल वेरिने (विकेटकीपर), वियान मुल्डर, साइमन हार्मर, केशव महाराज, मार्को यानसन और कॉर्बिन बॉश ।