आईएसआईएस के एक मॉड्यूल का खुलासा, राइसिन केमिकल से देश में अटैक की थी योजना …………..

आईएसआईएस (ISIS) मॉड्यूल को लेकर गुजरात ATS ने बड़ा खुलासा किया है. ये मॉड्यूल ‘राइसिन’ नाम के केमिकल से देशभर में केमिकल अटैक करने की फिराक में था. मॉड्यूल का मास्टरमाइंड अहमद सैयद मोइनुद्दीन 7 नवंबर की शाम अहमदाबाद के होटल ग्रैंड एम्बियंस से बाहर निकलते हुए दिखा. बताया जा रहा है कि आतंकी अहमदाबाद […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
शुक्रवार, 21 नवंबर 2025, 06:42 AM 4 मिनट read
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आईएसआईएस के एक मॉड्यूल का खुलासा, राइसिन केमिकल से देश में अटैक की थी योजना …………..
Photo: UB India News Archive

आईएसआईएस (ISIS) मॉड्यूल को लेकर गुजरात ATS ने बड़ा खुलासा किया है. ये मॉड्यूल ‘राइसिन’ नाम के केमिकल से देशभर में केमिकल अटैक करने की फिराक में था. मॉड्यूल का मास्टरमाइंड अहमद सैयद मोइनुद्दीन 7  नवंबर की शाम अहमदाबाद के होटल ग्रैंड एम्बियंस से बाहर निकलते हुए दिखा. बताया जा रहा है कि आतंकी अहमदाबाद हथियार लेने आए थे.

इसी मॉड्यूल के दूसरे आतंकी यूपी के लखीमपुर के रहने वाले मोहम्मद सुहैल से ISIS के काले झंडे बरामद हुए हैं. चीन से MBBS कर चुके डॉक्टर अहमद सैयद मोइनुद्दीन का आतंकी प्रोफाइल भी बरामद हुआ है. ये डॉक्‍टर हैदराबाद का रहने वाला है. हैंडलर के बीच हुई बातचीत को डिजिटल तरीके गोपनीय रखना है, उसका भी दस्तावेज बरामद हुआ है.

बायोलॉजिकल वेपन बनाने की थी तैयारी?

गुजरात एटीएस ने पिछले दिनों तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था. इसी मामले में हैदराबाद से एक डॉक्टर की भी गिरफ्तारी हुई थी. एटीएस जब हैदराबाद में डॉक्टर अहमद सैयद के घर पहुंची, तो वहां से बड़ी मात्रा में आतंकवाद से जुड़ी कुछ आपत्तिजनक सामग्री मिली थी. डॉ. अहमद के भाई उमर ने बताया कि 10 लोग बुधवार तड़के वहां आए और अपने साथ 3 किलो अरंडी का गूदा, 5 लीटर एसीटोन, कोल्ड प्रेस ऑयल एक्सट्रैक्शन मशीन और एसीटोन की डिलीवरी वाली एक रसीद ले गए. उमर का कहना है कि उसके भाई अहमद ने चीन से मेडिकल की पढ़ाई की है. उसे किसी ने एक प्रोजेक्ट दिया था. बता दें कि अरंडी के गूदे से बहुत ही जहरीला रिसिन बनाया जाता है. उमर का कहना है कि उसे नहीं लगता कि उसके भाई अहमद को रिसिन के खतरनाक जहर के बारे में पता था.

बता दें कि रिसिन बहुत ही जहरीला प्राकृतिक प्रोटीन है. अरंडी के गूदे से तेल निकालने के बाद रिसिन निकलता है. यह बहुत ही पावरफुल जहर है, जिसका इस्तेमाल बायोलॉजिकल वेपन बनाने में किया जा सकता है. रिसिन अगर सांस के साथ शरीर में चला जाए या फिर इसका इंजेक्शन लगा दिया जाए या फिर इसे निगल लिया जाए तो भी जान जा सकती है.

रसायनिक जहर से तबाही का प्लान
डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि सैयद अहमद मोहिउद्दीन ने चीन से एमबीबीएस किया है। वह भारत एक ऐसी आतंकी गतिविधि को अंजाम देना चाहता था जिससे भारी नुकसान हो। वह कई विदेशियों के संपर्क में था। वह अबू खदीजा नाम की एक टेलीग्राम आईडी के संपर्क में था, जो कथित तौर पर ISKP (इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत) से जुड़ा था। उसने रिसिन नामक एक रासायनिक जहर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की, जो अरंडी के बीजों के प्रसंस्करण से बचे अपशिष्ट पदार्थ से बनाया जा सकता है। वह हथियार की डिलीवरी लेने अहमदाबाद आया था। यह डिलीवरी उसे कलोल से मिली थी।

दो संदिग्धों ने ली है ‘दीनी’ शिक्षा
डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अन्य दो संदिग्ध गुजरात के बनासकांठा में थे। इनमें एक लखीमपुर दूसरा शामली का है। इनकी पहचान आजाद सुलेमान शेख और मोहम्मद सुहेल सलीम खान के तौर पर हुई है। दोनों ने ‘दीनी’ शिक्षा प्राप्त की है और कट्टरपंथी हैं। डीआई जोशी ने बताया कि ये विदेशों में लोगों के संपर्क में हैं। उन्होंने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में रेकी की थी। कश्मीर में भी उनकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने हनुमानगढ़, राजस्थान से सामान प्राप्त किया और कलोल में उतार दिया। जोशी ने कहा कि आगे की जांच जारी है। हमें एक आरोपी की 17 नवंबर तक की रिमांड मिली है। बाकी दो को आज अदालत में पेश किया जाएगा।

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