कर्नाटक में CM पद के लिए रस्साकशी जारी,…………..

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार में टेंशन चरम पर है। जानकारी के मुताबिक, DK शिवकुमार नाराज हैं और उन्हें मनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शुक्रवार को बेंगलुरु आये थे लेकिन DK शिवकुमार ने अब तक उनसे मुलाकात नहीं की है। इन सियासी घटनाओं के बीच […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
सोमवार, 24 नवंबर 2025, 09:05 AM 5 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
कर्नाटक में CM पद के लिए रस्साकशी जारी,…………..
Photo: UB India News Archive

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार में टेंशन चरम पर है। जानकारी के मुताबिक, DK शिवकुमार नाराज हैं और उन्हें मनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शुक्रवार को बेंगलुरु आये थे लेकिन DK शिवकुमार ने अब तक  उनसे मुलाकात नहीं की है। इन सियासी घटनाओं के बीच राज्य के ऊर्जा मंत्री KJ जॉर्ज की भूमिका चर्चा में आ गई है। रविवार को कांग्रेस के सीनियर लीडर KJ जॉर्ज ने सबसे पहले CM सिद्धारमैया से उनके घर पर मुलाकात की। इसके बाद वे दोपहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले और इसके बाद शाम में DK शिवकुमार ने जॉर्ज के घर जाकर उनसे मुलाकात की। ये मीटिंग करीब एक घण्टा चली।

सिद्धारमैया कैम्प को इस बात का भरोसा है कि ज्यादातर विधायक उनकी तरफ हैं। इस बात को और पक्का करने के लिये CM के बेटे और एमएलसी Dr यतीन्द्र सिद्धारमैया दो दिन से उत्तर कन्नड़ा जिले में हैं और वहां पर कांग्रेस के एक-एक MLA से व्यक्तिगत रूप से मिल रहे हैं। DK शिवकुमार भी इस बात को अच्छे से जानते हैं कि विधायकों का संख्या बल CM के पास है इसीलिए वो हाईकमान पर दबाव बनाकर उनसे किया गया वादा पूरा करने की बात कह रहे हैं। दबाव बनाने के लिए उनके समर्थक विधायक पिछले 4 दिनों से अलग अलग ग्रुप बनाकर दिल्ली भेजे जा रहे हैं। रविवार दोपहर को जब खरगे ने अपने हाथ खड़े कर दिये तो देर शाम 6-7 MLA का एक ग्रुप दिल्ली रवाना कर दिया गया जो कि KC वेणुगोपाल से आज मुलाकात का समय मांग रहे हैं।

इन सियासी घटनाओं के बीच राज्य के ऊर्जा मंत्री KJ जॉर्ज की भूमिका चर्चा में आ गई है। रविवार को कांग्रेस के सीनियर लीडर KJ जॉर्ज ने सबसे पहले CM सिद्धारमैया से उनके घर पर मुलाकात की। इसके बाद वे दोपहर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले और इसके बाद शाम में DK शिवकुमार ने जॉर्ज के घर जाकर  उनसे मुलाकात की ये मीटिंग करीब एक घण्टा चली। सूत्रों की मानें तो इस मीटिंग में जॉर्ज ने पार्टी को ओर से DK शिवकुमार को धैर्य बनाकर रखने को कहा और मार्च में पेश होने वाले बजट तक शांत रहने को कहा। इसके जवाब में DK शिवकुमार ने उनसे ठोस आश्वासन मांगा ऐसा कहा जा रहा है।

पिछले सप्ताह जब दिल्ली में DK शिवकुमार की खरगे से मुलाकात हुई थी तब भी उनसे यही कहा गया था कि दिसम्बर में बेलगावी में विधानसभा का शीतकालीन सत्र है और इसके बाद राज्य बजट की तैयारियां शुरू हो जाएंगी जो कि मार्च में पेश होना है। इस अवधि के दौरान अगर कुछ फेरबदल होता है तो सरकार के कामकाज पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। इसीलिए उनकी इस मांग पर बजट पेश होने के बाद विचार किया जाएगा। लेकिन सूत्र बताते हैं कि DK शिवकुमार इस विषय पर ठोस आश्वासन चाहते हैं।

ढाई साल पहले जब कांग्रेस की बहुमत की सरकार बनी तब भी उन्हें समय आने पर CM बनाने का मौखिक आश्वासन दिया गया था लेकिन ढाई साल पूरे होते ही सिद्धारमैया कैम्प ने इसको मुद्दा बना दिया। CM के करीबी और पूर्व मंत्री KN राजन्ना ने तो यहां तक पूछ लिया कि DK शिवकुमार AICC का लिखित लेटर दिखाएं जिसमें सत्ता हस्तांतरण की बात कही गयी हो। ऐसे में इस बार DK शिवकुमार सिर्फ मौखिक वादे से संतुष्ट होते हुए नहीं दिख रहे हैं। खरगे से अब तक नहीं मिलने की वजह भी यही है क्योंकि उन्हें पता है कि दिल्ली में पिछले सप्ताह हुई बैठक में जहां बात अटकी वो वहां से आगे नहीं बढ़ेगी, तो मीटिंग का कोई मतलब नहीं है।

ये बात, बातों बातों में खरगे ने भी कह दी है। रविवार को 2 मिनट के लिए पत्रकारों से मिलने के लिए आये खरगे ने साफ कह दिया कि अब उनके हाथ में कुछ नहीं है। आलाकमान ही इस पर फैसला करेगा। खुद AICC अध्यक्ष होते हुए अगर खरगे ऐसा कह रहे हैं तो संदेश साफ है कि अब राहुल गांधी ही इस पर आखिरी फैसला करेंगे।

राहुल गांधी के आज विदेश से लौटने की खबरों के बीच ये कहा जा रहा है कि खरगे की कल राहुल गांधी से मुलाकात होगी जिसके बाद सिलसिले वार तरीके से कर्नाटक कांग्रेस के सभी सीनियर लीडर्स को दिल्ली बुलाया जा सकता है।

सिद्धारमैया ने भी शनिवार रात खरगे से उनके आवास पर मुलाकात की है और DK शिवकुमार की ओर से अपने समर्थक विधायकों के ग्रुप को दिल्ली भेजने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि इससे पार्टी की छवि खराब हो रही है और कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया ने खरगे से कहा कि CLP की मीटिंग बुलाकर इस मसले को तत्काल सुलझाया जाना चाहिए।

अगर CM की कुर्सी को लेकर दोनों नेता जिद पर अड़ जाते हैं तो ऐसी स्थिति में गृह मंत्री और कांग्रेस के दलित नेता G परमेश्वर ने भी अपनी दावेदारी पेश करने के संकेत दे दिए हैं। परमेश्वर ने ये कह कर कर्नाटक कांग्रेस के अंदर राजनैतिक उठापटक को दिलचस्प बना दिया है कि वो भी CM पद की रेस में शामिल हैं। अब गेंद राहुल गांधी के पाले में है। उनके लौटते ही दिल्ली में बड़े पैमाने पर राजनीतिक गतिविधि होने के आसार हैं।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰
अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?
खास खबर

अजीत डोभाल का चीन दौरा क्यों अहम?

भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव आया है. एक ओर दोनों देश व्यापार, वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों में साथ दिखते हैं तो दूसरी ओर हिमालयी सीमा पर तनाव ने दोनों देशों के संबंधों को प्रभावित किया है. ऐसे वक्त में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल […]

UB India News27 अग॰
भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..
खास खबर

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या 3 हजार तक पहुंच सकती ,67 अरब डॉलर निवेश टारगेट…………..

भारत में जापानी कंपनियों की संख्या आने वाले कुछ सालों में दोगुनी होकर करीब 3 हजार तक पहुंच सकती है. जापान दौरे पर पहुंचे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि जापान की कई कंपनियां भारत में निवेश के लिए तैयार हैं. पीयूष गोयल ने ये भी कहा कि टेक्नोलॉजी की कमी […]

UB India News27 अग॰