‘अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स’ …………………..

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अहमदाबाद को ‘अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स’ का होस्ट ऑफिशियली कन्फर्म किया गया है. इस फ़ैसले से यह पक्का हो गया है कि दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश गेम्स का यह लैंडमार्क एडिशन होस्ट करेगा, क्योंकि 74 कॉमनवेल्थ मेंबर देशों और टेरिटरीज़ के डेलीगेट्स ने आज ग्लासगो में हुई कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 27 नवंबर 2025, 09:33 AM 8 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
‘अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स’ …………………..
Photo: UB India News Archive

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अहमदाबाद को ‘अहमदाबाद 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स’ का होस्ट ऑफिशियली कन्फर्म किया गया है. इस फ़ैसले से यह पक्का हो गया है कि दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश गेम्स का यह लैंडमार्क एडिशन होस्ट करेगा, क्योंकि 74 कॉमनवेल्थ मेंबर देशों और टेरिटरीज़ के डेलीगेट्स ने आज ग्लासगो में हुई कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में भारत की बिड को मंजूरी दे दी है. भारत ने 2030 गेम्स के लिए एक जबरदस्त विजन पेश किया, जो गुजरात के शहर अहमदाबाद में सेंटर्ड होगा, जो ग्लासगो 2026 में रखी गई नींव पर बनेगा, जिससे भारत स्टाइल में सौ साल मना सकेगा.

Latest and Breaking News on NDTV

अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का होस्ट अनाउंस किए जाने के कुछ ही देर बाद, 20 गरबा डांसर और 30 भारतीय ढोल बजाने वाले जनरल असेंबली हॉल में घुस आए और डेलीगेट्स को एक शानदार कल्चरल परफॉर्मेंस से सरप्राइज़ कर दिया, जिससे उस विरासत और गर्व का एहसास हुआ जिसकी उम्मीद एथलीट और फैन भारत के गुजरात राज्य में होस्ट किए गए गेम्स से कर सकते हैं. गरबा एक डांस है जिसकी शुरुआत गुजरात से हुई थी और इस परफॉर्मेंस में ग्लासगो के इंडियन कम्युनिटी के मेंबर और कॉमनवेल्थ के दूसरे हिस्सों के लोग शामिल हुए. यह मूवमेंट में डाइवर्सिटी और यूनिटी दोनों को दिखाता है, ताकि ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स से सेंटेनरी एडिशन तक का सफर शुरू किया जा सके.

Latest and Breaking News on NDTV

पहले कॉमनवेल्थ गेम्स 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुए थे. 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुए सबसे हाल के गेम्स में ऑस्ट्रेलिया मेडल टेबल में टॉप पर रहा, बाकी टॉप पांच में इंग्लैंड, कनाडा, इंडिया और न्यूज़ीलैंड थे.

Latest and Breaking News on NDTV

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा: “यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के लिए एक नए राउंड की शुरुआत है. ‘गेम्स दिवाली’ के बाद हम कॉमनवेल्थ की 74 टीमों का स्वागत करने के लिए शानदार शेप में ग्लासगो 2026 जा रहे हैं, और फिर कॉमनवेल्थ गेम्स के खास सेंचुरी प्रोडक्शन के लिए अहमदाबाद 2030 पर अपनी नज़रें दिखाएंगे.

“इंडिया अपने साथ स्केल, यूथ, एम्बिशन, रिच कल्चर, ज़बरदस्त स्पोर्टिंग पैशन और रेलिवेंस लेकर आया है, और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 2034 गेम्स और उसके बाद के गेम्स को होस्ट करने के लिए कई देशों की ज़बरदस्त पिकअप है. हम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी अगली सदी की शुरुआत अच्छी सेहत के साथ कर रहे हैं.”

कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया की प्रेसिडेंट डॉ. पीटी उषा ने कहा: “कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने जो भरोसा दिखाया है, उससे हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं. 2030 के गेम्स न सिर्फ़ कॉमनवेल्थ आंदोलन के सौ साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव भी रखेंगे. यह कॉमनवेल्थ के सभी एथलीट, कम्युनिटी और कल्चर को दोस्ती और तरक्की की भावना से एक साथ जुड़े.”

रियल एस्टेट सेक्टर हो सकता है लाभार्थी

कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से अहमदाबाद और गांधीनगर में आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाओं, खेल गांव, नए एक्सप्रेस-वे और हाईवे, मेट्रो कनेक्टिविटी और एयरपोर्ट के विस्तार जैसे कई प्रोजेक्ट्स विकसित होते हुए दिख सकते हैं। इससे इन प्रोजेक्ट्स के आसपास की जमीनों का कीमतें बढ़ेंगी, जिससे उन डेवलपर्स को फायदा होगा जिनके पास इन लोकेशनों में बड़ी जमीनें हैं।

एयरपोर्ट और उससे जुड़े विकसित होते कॉरिडोर

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले अहमदाबाद एयरपोर्ट के विस्तार और और उसके आस-पास के इलाके में भी डेवलपमेंट दिख सकता। बेहतर अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और बढ़ते इनबाउंड ट्रैवल से एयरपोर्ट के आसपास के होटल, प्रीमियम ऑफिस स्पेस और रिटेल हब्स को लाभ मिल सकता है। इसमें अदाणी एयरपोर्ट्स (अनलिस्टेड) एक प्रमुख लाभार्थी के रूप में उभर सकता है।

कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग कंपनियों के लिए बड़ा मौका

स्पोर्ट्स स्टेडियम, रोड कंसट्र्क्शन, मेट्रो विस्तार, एयरपोर्ट विस्तार और होटल कंस्ट्रक्शन जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए भारी निवेश होने की संभावना है। इसके चलते कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग कंपनियां भी फोकस में रहेंगी। L&T, HCC, GMR जैसी कंपनियों पर खास नजरें होंगी क्योंकि इन कंपनियों ने पहले भी दिल्ली और दूसरी जगहों पर ऐसे गेम्स के कॉन्ट्रैक्ट्स जीते हैं।

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए बूम की तैयारी

कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान लाखों पर्यटक, ऑफिशियल्स और खिलाड़ी अहमदाबाद आएंगे। इससे होटल इंडस्ट्री में ऑक्यूपेंसी रेट में मजबूत उछाल देखने को मिलेगा। इंडियन होटल्स कंपनी (ताज ग्रुप), ITC होटल्स, लेमन ट्री, शैले होटल्स जैसी कंपनियां इस उभरती मांग का बड़ा हिस्सा पा सकती हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद भी दूसरे अंतरराष्ट्रीय आयोजन और बिजनेस ट्रैवल से इन होटल्स के रेवेन्यू में स्थिरता बनी रह सकती है।

आगे की राह

अब निवेशकों की नजर गुजरात सरकार और ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के आधिकारिक प्रोजेक्ट अनाउंसमेंट्स, DPRs और टेंडर आवंटन पर रहेगी। इनकी घोषणाओं से संबंधित सेक्टर्स और कंपनियों के शेयरों में और तेजी देखने को मिल सकती है। अहमदाबाद के लिए यह आयोजन सिर्फ एक स्पोर्ट्स इवेंट नहीं, बल्कि आने वाले कई सालों के लिए इंफ्रा और रियल एस्टेट ग्रोथ का अधार बन सकता है।

क्या है कॉमनवेल्थ?
अगर आप सोच रहे हैं कि यह कॉमनवेल्थ क्या है, तो इसे ऐसे समझिए. जब ब्रिटेन की हुकूमत दुनिया के कई देशों पर थी, तो उन सभी देशों को मिलाकर एक समूह बना, जिसे कॉमनवेल्थ कहा गया. आज ये देश आजाद हैं, लेकिन दोस्ती और आपसी सहयोग बनाए रखने के लिए इस समूह में हैं. इस समय 56 देश इसके सदस्य हैं, और लगभग 72 टीमें इन खेलों में हिस्सा लेती हैं. दरअसल, कुछ देशों के अपने अलग क्षेत्र भी टीम बनाकर आते हैं

भारत में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स?
ये खेल सिर्फ दौड़ने-भागने या मेडल जीतने तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि ये संस्कृति, विरासत और एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाने का भी एक मौका होते हैं. इन खेलों में भारत की हिस्सेदारी बहुत पुरानी है, लेकिन 2010 में जब नई दिल्ली ने इसकी मेजबानी की, तो यह हमारे देश के लिए बहुत बड़ा गर्व का पल था. हमने न केवल शानदार खेल मैदान बनाए, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ 101 पदक भी जीते थे.

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत
चूंकि साल 2030 में भारत कॉमनवेल्थ की मेजबानी करने जा रहा है. ऐसे में जानना बेहद दिलचस्प हो जाता है कि इसकी शुरुआत कहां से हुई थी? तो आपको बता दें, जब ये खेल 1930 में पहली बार शुरू हुए थे, तो इनका नाम ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स’ था. यह नाम साफ बताता है कि इसका संबंध ब्रिटिश साम्राज्य से था. यह इतिहास 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर से शुरू हुआ. इसमें सिर्फ 11 देशों के करीब 400 एथलीट ही आए थे.

 

जैसे-जैसे देश आजाद होते गए और कॉमनवेल्थ का स्वरूप बदला, खेलों के नाम भी दोस्ताना होते गए. 1954 से 1966: ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स. 1978 से अब तक यह कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना जाने लगा. वहीं, भारत ने इन खेलों में पहली बार 1934 में हिस्सा लिया था, जब यह लंदन में आयोजित हुआ था.

कॉमनवेल्थ गेम्स में खास क्या होता है?
ये खेल हर चार साल में होते हैं. एक खास बात यह है कि इन खेलों में क्रिकेट और रग्बी जैसे कुछ ऐसे खेल भी शामिल किए जाते हैं जो ब्रिटिश विरासत से जुड़े हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स इकलौते ऐसे बड़े मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट हैं जहां दिव्यांग एथलीटों के इवेंट को भी मुख्य खेलों के साथ ही पूरी तरह से इंटीग्रेट किया जाता है. उन्हें भी समान मेडल दिए जाते हैं. यह समानता और समावेश का एक बहुत बड़ा संदेश है. सिर्फ खेल नहीं. इन खेलों में खेलों के अलावा कल्चरल प्रोग्राम, ओपनिंग सेरेमनी और क्लोजिंग सेरेमनी भी होती है, जो हिस्सा लेने वाले देशों की विभिन्न संस्कृतियों को दिखाती है.

भारत ने पहली बार कब की मेजबानी?
भारत के लिए यह एक बड़ा गौरव का पल था. साल 2010 में नई दिल्ली ने इसकी मेजबानी की थी. हमने इस आयोजन को शानदार तरीके से सफल बनाया और पूरी दुनिया को अपनी क्षमता दिखाई. साल 2010 में भारत ने 38 गोल्ड मेडल के साथ कुल 101 पदक जीते थे. यह आज तक कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है. वहीं, 20 साल के बाद, भारत को फिर से 2030 में इन खेलों की मेजबानी मिली है. जोकि कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी वर्ष होगा.

कुल मिलाकर कह सकते हैं कि कॉमनवेल्थ गेम्स केवल मेडल तालिका में जीतने-हारने की बात नहीं है. यह उन देशों को एक साथ लाने का एक मंच है जिनकी ऐतिहासिक जड़ें एक जैसी रही हैं. ये खेल हमें दोस्ताना कंपटीशन, मेहनत और भाईचारे की सीख देते हैं. वहीं, भारत के लिए यह खेल एक बड़ा उत्सव है, जो हमें अपनी खेल संस्कृति और मेजबानी का लोहा मनवाने का मौका देता है.

Categories: खेल
UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
क्या टेस्ट में नो-बॉल पर दिया जाए फ्री-हिट?
खेल

क्या टेस्ट में नो-बॉल पर दिया जाए फ्री-हिट?

हालिया सालों में टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉलों की संख्या में बाढ़ सी आ गई है. श्रीलंका सीरीज में भारतीय स्पिन बॉलिंग कोच साइराज बहुतले ने मजाक में एक सुझाव दिया, लेकिन गावस्कर ने इसे दिल पर ले लिया

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा
खास खबर

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करेगा भारत, ग्लास्गो में सौंपा गया झंडा

ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 खत्म हो गया है. इसी के साथ इस बात का आधिकारिक ऐलान हो गया कि साल कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन भारत में होने वाला है. क्लोजिंग सेरेमनी के दौरान स्कॉटलैंड ने कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज और बैटन भारत को सौंप दिया, जिसके साथ ही ये ऑफिशियल हो गया […]

UB India News3 अग॰
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 आज भव्य समापन के साथ 2030 की मेजबानी का बैटन और ध्वज अहमदाबाद को सौंपा जाएगा…………..
खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 आज भव्य समापन के साथ 2030 की मेजबानी का बैटन और ध्वज अहमदाबाद को सौंपा जाएगा…………..

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। रविवार को ग्लास्गो में होने वाली क्लोजिंग सेरेमनी सिर्फ गेम्स के समापन का जश्न नहीं होगा, बल्कि भारत के लिए भी यह ऐतिहासिक पल साबित होगा। इसी समारोह के दौरान आधिकारिक तौर पर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का बैटन और ध्वज अहमदाबाद को सौंपा […]

UB India News2 अग॰
भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….
खास खबर

भारतीय हॉकी टीम : भगवा जर्सी पर मचा बवाल ………………….

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में से पहले टीम इंडिया की जर्सी पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इंडियन हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर भगवा कर दिया गया है. इस पर अब विवाद खड़ा हो गया है. टीम की जर्सी का रंग ‘भगवा’ करने पर पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने गंभीर […]

UB India News30 जुल॰
कॉमनवेल्थ गेम्स में बिहार के झंडू कुमार का दिखा दम……………..
खेल

कॉमनवेल्थ गेम्स में बिहार के झंडू कुमार का दिखा दम……………..

राष्ट्रमंडल खेल (ग्लासगो 2026) की पैरा पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में बिहार के लाल झंडू कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश, प्रदेश और अपने गृह क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल बिहार और नालंदा बल्कि पूरे देश में खुशी का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टर झंडू […]

UB India News25 जुल॰
राष्ट्रमंडल खेलों के दूसरे दिन कौन-कौन से भारतीय खिलाड़ी उतरेंगे?
खेल

राष्ट्रमंडल खेलों के दूसरे दिन कौन-कौन से भारतीय खिलाड़ी उतरेंगे?

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पहले दिन शानदार शुरुआत करने के बाद अब भारतीय दल की नजर दूसरे दिन अपने पदकों की संख्या बढ़ाने पर होगी। पहले दिन मुक्केबाज लवलीना बोरगोहैन ने प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही पदक पक्का कर लिया, जबकि लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने पुरुष एकल वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन […]

UB India News24 जुल॰
आज स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का होगा आगाज …………..
खास खबर

आज स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का होगा आगाज …………..

स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में गुरुवार (23 जुलाई) से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आगाज हो रहा है। करीब 3,000 खिलाड़ी 74 देशों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए 10 खेलों में 215 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे। भारत 125 सदस्यीय दल के साथ इन खेलों में हिस्सा ले रहा है और उसकी शुरुआत लॉन बॉल्स […]

UB India News23 जुल॰
स्पेन या अर्जेंटीना, किसके सिर सजेगा ताज?
खास खबर

स्पेन या अर्जेंटीना, किसके सिर सजेगा ताज?

फीफा वर्ल्ड कप 2026 जो 48 टीमों के साथ शुरू हुआ था, अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है. टूर्नामेंट के फाइनल की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है. खिताब के लिए अब स्पेन और अर्जेंटीना आमने-सामने होंगे. एक तरफ मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरा विश्व कप जीतने के इरादे से उतरेगी, तो […]

UB India News17 जुल॰