कर्नाटक का सीएम कौन ?

कर्नाटक में मुख्यमंत्री का पद सुर्खियों में है. राज्य में कांग्रेस के सिद्दारमैया फिलहाल मुख्यमंत्री बने हुए हैं. इस बीच प्रदेश में सीएम बदलने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. अटकलें हैं कि सिद्दारमैया को सीएम पद से हटाया जा सकता है. सिद्दारमैया की जगह डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 27 नवंबर 2025, 10:53 AM 6 मिनट read
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कर्नाटक का सीएम कौन ?
Photo: UB India News Archive

कर्नाटक में मुख्यमंत्री का पद सुर्खियों में है. राज्य में कांग्रेस के सिद्दारमैया फिलहाल मुख्यमंत्री बने हुए हैं. इस बीच प्रदेश में सीएम बदलने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. अटकलें हैं कि सिद्दारमैया को सीएम पद से हटाया जा सकता है. सिद्दारमैया की जगह डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.  सीएम पद को लेकर चल रही खींचतान की जंग अब मठों तक पहुंच गई है। चुनचुनगिरी मठ के प्रमुख स्वामी निर्मलानंद और कनका पीठ निरानंजना नंद पुरी स्वामी ने भी अब इसमें हस्तक्षेप किया है। इस बीच, CM सिद्ध रामैया ने कहा है कि उन्हें अभी तक हाईकमान से कोई बुलावा नहीं आया है अगर कॉल आता है तो वो जाएंगे।

अब इन सभी अटकलों को लेकर दिल्ली के कांग्रेस नेता और पूर्व सासंद संदीप दीक्षित की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है कि यह फैसला हाईकमान के ऊपर निर्भर करता है.

संदीप दीक्षित ने क्या कहा?

संदीप दीक्षित ने कहा, “बीजेपी अपने मन ही मन खुश हो ले. कर्नाटक में हम लोगों का पक्ष क्लियर है. अगर कोई नेतृत्व बदलाव होता है तो विधायक और हाईकमान तय करता है.” उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी की तरह नहीं कि पांच-पांच, छह-छह मुख्यमंत्री बदल जाते हैं.”

संदीप दीक्षित ने बताया कि गुजरात में पता नहीं चलता कि छह महीने बाद कौन रहेगा? उत्तराखंड में बदल जाते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में जीता जाता है, लेकिन लीडरशिप में मोहन यादव बन जाते हैं.

कांग्रेस नेता ने बीजेपी को दी नसीहत

दीक्षित ने बीजेपी को नसीहत देते हुए कहा, “बीजेपी क्या लोकतंत्र है, क्या विधायकों का कहना है और किसे बनाना चाहिए उस पर सीख न दे.” कर्नाटक में चल रही अटकलों पर बोलते हुए कहा कि राज्य में हमारे दोनों सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार बड़े नेता हैं.

उन्होंने कहा कि पहले भी किसी भी राज्य में इस तरह का कोई भी इश्यू अगर बनता है तो वह पार्टी हाईकमान तय करता है. उन्होंने आगे कहा कि क्योंकि कैबिनेट में फेरबदल होना है, जो मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है. ऐसे में स्वाभाविक है कि लोग कोशिश करेंगे अपने-अपने लोगों को उसमें डालने की.

डीके शिवकुमार ने क्या कहा?

वहीं, डीके शिवकुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि पार्टी कर्नाटक में सत्ता में बनी रहे और 2029 के लोकसभा चुनावों के बाद राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें.” पार्टी नेताओं द्वारा बुलाई गई रात्रिभोज बैठक के रद्द होने पर उन्होंने कहा कि यह अच्छा हुआ, “वरना गलत संदेश जाता.”

शिवकुमार ने दावा किया कि उन्हें उन विधायकों की जानकारी नहीं है जो उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिल्ली जाकर कथित तौर पर समर्थन जता रहे हैं. उन्होंने कहा, “वे (विधायक) मंत्री पद के आकांक्षी हैं और मुख्यमंत्री द्वारा फेरबदल की बात कहने के बाद प्रयास कर रहे हैं.

जानें स्वामी निर्मलानंदा ने क्या कहा

पिछले चुनावों में वोक्कालिगा समाज ने इस मकसद के पार्टी को वोट किया था कि हमारे में से एक CM बनेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, हमे आशा थी कि ढाई साल के बाद ऐसा होगा लेकिन अब वो भी नहीं हो रहा है या फिर होता हुआ नहीं दिख रहा है,जिससे लोग नाराज हो रहे हैं,ऐसे हमारे कई अनुवाई हमें कॉन्टेक्ट करके बता रहे हैं जो सर्वविदित हैं, हाई कमान को इस दिशा में स्पष्टता के साथ काम करना चाहिए,ढाई साल बाद D K शिवकुमार CM बनेंगे ये हमारी भी आशा थी और समाज के लोगों की भी आशा थी, हाईकमान को ये काम करना चाहिए।

जानें निरानंजना नंद पुरी स्वामी ने क्या कहा
संविधान में मठाधीश के कहने पर CM चुनने की आजादी है क्या? संविधान के हिसाब से CM को चुनने या बदलने का अधिकार सिर्फ विधायकों को है, ऐसे में सिर्फ विधायकों को इस बारे में फैसला करना चाहिए संतों को इससे बचना चाहिए

कांग्रेस अध्यक्ष ने माना कर्नाटक में सब ठीक नहीं!

अब इस पावर शेयरिंग संकट को खुद मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वीकार किया है. उन्होंने सीएम सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अन्य सीनियर नेताओं को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया है. ऐसा पहली बार है जब कांग्रेस हाईकमान ने सार्वजनिक रूप से कर्नाटक की अंदरूनी समस्या की पुष्टि की है, जिससे राज्य में नेतृत्व के गतिरोध को सुलझाने की उम्मीद जगी है.

कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डिप्टी CM डीके शिवकुमार और दूसरे नेताओं को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया जाएगा. इसके साथ ही हाईकमान ने पहली बार ऑफिशियली माना है कि कर्नाटक में कुछ न कुछ समस्या पार्टी को है.

कांग्रेस हाईकमान अकेला नहीं है. यह एक टीम है. हाईकमान बैठकर चर्चा करेगा और सही फैसला लेंगे. उस मीटिंग में राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे. खरगे ने कहा, हम चर्चा करेंगे कि आगे क्या करना है और फैसला लेंगे.

राहुल के मैसेज के बाद खरगे पहुंचे थे कर्नाटक

बुधवार को ही राहुल गांधी ने उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मैसेज भेजकर कहा था, “प्लीज इंतजार करें” मल्लिकार्जुन खड़गे फिर बेंगलुरु आए थे. बेंगलुरु पहुंचने के बाद उन्होंने राहुल गांधी से फोन पर करीब 25 मिनट तक बात की. अब ऐसे में माना जा रहा है कि कर्नाटक का मामला जल्द ही आलाकमान सुलझा सकता है.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?

बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम कर्नाटक के बारे में हाईकमान से बात करेंगे. मैं हाईकमान में हूं, राहुल गांधी हैं और सोनिया गांधी हैं. हम सब बैठकर सोचेंगे और तय करेंगे कि क्या करना है और क्या सॉल्यूशन देना है. ऐसा करके उन्होंने यह मान लिया था कि कर्नाटक कांग्रेस में कोई समस्या है. अब, AICC प्रेसिडेंट ने खुद ऑफिशियल बयान दिया है कि वे CM और DCM समेत तीन-चार ज़रूरी नेताओं को दिल्ली बुलाकर बात करेंगे और प्रॉब्लम सॉल्व करेंगे.

बीजेपी का प्रोपेगैंडा है पूरा- सुरजेवाला

कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर मचे घमासान को लेकर पिछले कुछ दिनों से बीजेपी लगातार तंज कस रही है. इसको लेकर बीते दिन बीजेपी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी शेयर किया था. अब इस मामले पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जो भी अफवाहें चल रही हैं यह सब बीजेपी का ही प्रोपेगैंडा है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहा है.

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