पाकिस्तान में बिगड़े हालात, ‘चलो अडियाला’, इमरान खान समर्थकों का बड़ा काफिला रवाना………….

पाकिस्तान में गृह युद्ध का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इमरान की पार्टी के नेता थोड़ी देर में अडियाला जेल की तरफ प्रोटेस्ट मार्च करेंगे। इस बीच इमरान की बहन नोरीन नियाज़ी का बड़ा बयान सामने आया है और नोरीन नियाज़ी ने कहा है कि जेल में इमरान के ऊपर बहुत जुल्म हो रहा है। इमरान […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
मंगलवार, 2 दिसंबर 2025, 08:33 AM 6 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
पाकिस्तान में बिगड़े हालात, ‘चलो अडियाला’, इमरान खान समर्थकों का बड़ा काफिला रवाना………….
Photo: UB India News Archive

पाकिस्तान में गृह युद्ध का काउंटडाउन शुरू हो गया है। इमरान की पार्टी के नेता थोड़ी देर में अडियाला जेल की तरफ प्रोटेस्ट मार्च करेंगे। इस बीच इमरान की बहन नोरीन नियाज़ी का बड़ा बयान सामने आया है और नोरीन नियाज़ी ने कहा है कि जेल में इमरान के ऊपर बहुत जुल्म हो रहा है। इमरान को कैद-ए-तन्हाई में रखकर उनपर अत्याचार किया जा रहा है… नोरीन ने कहा है कि मुनीर किसी एक से भी इमरान को मिला दे तो बात नहीं बिगड़ेगी।

इमरान समर्थक अडियाला जेल पहुंच रहे हैं, गाड़ियों से इमरान समर्थक अडियाला जेल की तरफ निकल गए हैं। जेल में इमरान से उनके परिवार की मुलाकात की डिमांड है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से खबर है कि शहबाज़ शरीफ नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंचे हैं। इमरान को लेकर पाकिस्तानी मीडिया का दावा, ‘नोटिफिकेशन तक इमरान से किसी की मुलाकात नहीं’। इसके साथ ही आसिम मुनीर के नोटिफिकेशन को लेकर मुलाकात हो सकती है और मुनीर के नोटिफिकेशन पर बड़ा फैसला हो सकता है।

थोड़ी देर में पाकिस्तान में अहम मीटिंग 

इस मीटिंग में मुनीर के भविष्य पर फैसला हो सकता है। मुनीर का सीडीएफ नोटिफिकेशन जारी होगा या नहीं और ये आज क्लियर हो जाएगा। मुनीर का नोटिफिकेशन अभी तक जारी नहीं हुआ है..वहीं इमरान के करीबी पत्रकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान आर्मी में अभी चार पद खाली हैं। CDF आर्मी के वाइस चीफ और स्ट्रेटिजिक कमांड के हेड का पद खाली है। इसके अलावा ISI चीफ की पोस्ट भी अभी खाली है। सीडीएफ के लिए आसिम मुनीर नोटिफिकेशन का इंतज़ार कर रहा है, जबकि स्ट्रेटिजिक कमांड के हेड की पोस्ट भी काफी अहम है और इसके पास पाकिस्तान के एटम बम की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी है।

मुनीर के नोटिफिकेशन को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इस बीच मुनीर के बेहद ख़ास और पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी का बयान सामने आया है। मोहसिन नकवी ने कहा है कि CDF के नोटिफ़िकेशन का कोई मसला नहीं है, नोटिफ़िकेशन की देरी पर जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

पाकिस्तान में गृहयुद्ध का काउंटडाउन शुरू हो चुका है

रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद इमरान की पिछले 29 दिनों से कोई ख़बर नहीं है। इमरान की बहनें अडियाला जेल पहुंच चुकी हैं। उधर इमरान की पार्टी के नेता बड़ा प्रोटेस्ट मार्च निकालने जा रहे हैं। PTI के सांसद और विधायक अडियाला जेल पर धावा बोलने जा रहे हैं। इमरान के समर्थन में होने जा रहे इस प्रोटेस्ट मार्च को कुचलने के लिए मुनीर ने चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी है। इमरान के समर्थक आज की मुलाकात पर अड़े हैं, लेकिन मुनीर और शहबाज़ किसी भी सूरत में समर्थकों की इमरान से मुलाकात नहीं करवाना चाहते हैं यानी आज इस्लामबाद से लेकर रावलपिंडी तक भयंकर टकराव होगा।

 

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी, तहरीक-ए-इंसाफ़ के ‘चलो अडियाला’ की कॉल के बाद  समर्थकों ने रावलपिंडी की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है। पेशावर, लाहौर, फ़ैसलाबाद और हरिपुर से इमरान समर्थकों का काफिला बढ़ रहा है। इमरान ख़ान की रावलपिंडी की अडियाला जेल से रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन आज आहूत किया गया है। ख़ैबर-पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफ़रीदी ने आज प्रदर्शन का एलान किया है। बता दें कि  इमरान खान की मौत की लगातार अफवाहों और अशांति की आशंकाओं के बीच, सरकार ने रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी है और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया है।

रावलपिंडी के उपायुक्त डॉ. हसन वकार चीमा के कार्यालय द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि दंड प्रक्रिया संहिता (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2024 की धारा 144 तीन दिनों के लिए – 1 दिसंबर से 3 दिसंबर तक – लागू रहेगी।

आज और कल जारी रहेंगे ये प्रतिबंध

  • सभी प्रकार की सभाएं, जलसे, धरना, रैलियां, जुलूस, प्रदर्शन, जलसे, धरने, विरोध प्रदर्शन और पांच या अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध रहेगा।
  • हथियार, कीलें, लदे हुए डंडे, गुलेल (गोफन), बॉल बेयरिंग, पेट्रोल बम, तात्कालिक विस्फोटक या कोई अन्य उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध है।
  • हथियारों का प्रदर्शन (एलईएएस द्वारा ले जाए जाने वाले हथियारों के अलावा) नहीं कर सकते हैं।
  •  आपत्तिजनक या घृणास्पद भाषण नहीं दिया जा सकता है।
  • लोगों के जमावड़े या यातायात की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा लगाए गए किसी भी प्रतिबंध को हटाने का प्रयास ना करें।
  • वाहन चालक पीछे की सीट पर सवारी नहीं बैठा सकते ।
  • कहीं भी लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाएगा।
  • एक दिसंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि ज़िला रावलपिंडी की सीमाओं के भीतर खतरे को देखते हुए ये प्रतिबंध “सार्वजनिक सुरक्षा, सुरक्षा, शांति और सौहार्द” सुनिश्चित करने के लिए लगाए जा रहे हैं।

खुफिया जानकारी के बाद जारी आदेश

आदेश में कहा गया है कि, “ज़िला ख़ुफ़िया समिति (डीआईसी) ने विशिष्ट ख़ुफ़िया जानकारी दी है जिससे पता चलता है कि कुछ समूह और तत्व बड़ी सभाओं, विरोध प्रदर्शनों और विघटनकारी सभाओं के माध्यम से कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ने के इरादे से सक्रिय रूप से लामबंद हो रहे हैं और ये तत्व संवेदनशील स्थानों को निशाना बना सकते हैं, प्रमुख प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थलों के पास हिंसक कार्रवाई करने की क्षमता रखने वाले व्यक्तियों को लामबंद कर सकते हैं, जिससे सार्वजनिक शांति और सौहार्द को ख़तरा हो सकता है।”

परिवार ने इमरान खान के जीवित होने का मांगा प्रमाण
कभी विश्व कप विजेता क्रिकेटर रहे ख़ान अगस्त 2023 से जेल में हैं, क्योंकि उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया था, जिनके बारे में उन्होंने दावा किया है कि वे राजनीति से प्रेरित हैं। तब से उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा गया है। खान के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक महीने से अधिक समय से उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है और उन्होंने उनके जीवित होने का प्रमाण मांगा है। उनकी बहनें जेल के बाहर धरने पर बैठी हैं।

 

 

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰