अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव से दुनिया में बजी एक और युद्ध की घंटी !

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेज़ुएला को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं और लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि दुनिया में एक और युद्ध की घंटी बज गई है। कुल मिलाकर ड्रग्स तस्करी से शुरू हुई लड़ाई एनर्जी और ऑयल रिसोर्सेज पर आ गई है। ट्रंप ने […]

UB India News By UB India News Patna, Bihar
गुरुवार, 18 दिसंबर 2025, 08:46 AM 4 मिनट read
लाइव टेक्स्ट हाइलाइटिंग के साथ सुनें
शेयर करें:
WhatsAppFacebookXTelegram
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव से दुनिया में बजी एक और युद्ध की घंटी !
Photo: UB India News Archive

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेज़ुएला को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं और लगातार आक्रामक बयान दे रहे हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि दुनिया में एक और युद्ध की घंटी बज गई है। कुल मिलाकर ड्रग्स तस्करी से शुरू हुई लड़ाई एनर्जी और ऑयल रिसोर्सेज पर आ गई है। ट्रंप ने अब वेनेज़ुएला पर बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए उसे आतंकी देश तक बता दिया है। ट्रंप के इस रुख को उस संकेत के रूप में देखा जा रहा है जब अमेरिका वेनेजुएला पर हमला भी कर सकता है।

ट्रंप ने दिखाए सख्त तेवर

डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को सिर्फ आतंकी देश ही नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला को हमारी संपत्तियां लौटानी होंगी। हम अपना तेल वेनेजुएला से वापस लेकर रहेंगे। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि वेनेजुएला ने हमारे तेल, ऊर्जा और संपत्तियों पर कब्जा किया है, हम अपना अधिकार वापस लेकर रहेंगे।  ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला पर अब तक की सबसे बड़ी नौसैनिक घेराबंदी का सामना कर रहा है और उसे हमारे जो रिसोर्सेज गैर कानूनी तरीके से छीने हैं उन्हें लौटाना पड़ेगा।

सनसनीखेज हैं ट्रंप के दावे

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने वेनेज़ुएला के खिलाफ इस तरह के सख्त तेवर दिखाए हैं। ट्रंप ने इससे पहले यहां तक दावे किए हैं कि वेनेज़ुएला की सरकार संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और अमेरिका-विरोधी ताकतों के साथ सांठगांठ करती है। उन्होंने यह भी कहा है कि ऐसे देश अमेरिका और उसके सहयोगियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं। इन्हीं तर्कों के आधार पर ट्रंप लगातार ने वेनेज़ुएला के खिलाफ सख्त कदमों-यहां तक कि सैन्य कार्रवाई-की बात कहते रहे हैं।

Donald Trump

Donald Trump

दबाव बनाने की रणनीति या युद्ध की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तर्क है कि कूटनीति और प्रतिबंधों से अपेक्षित नतीजे नहीं मिले। उनके अनुसार, यदि कोई सरकार आतंक और अपराध को संरक्षण देती है, तो कठोर विकल्प खुले रखने चाहिए। हालांकि, कई लोगों का यह भी कहना है कि ऐसी बयानबाजी अक्सर दबाव बनाने की रणनीति भी होती है ना कि युद्ध की तैयारी।

तनावपूर्ण रहे हैं अमेरिका और वेनेज़ुएला के संबंध

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, अमेरिका और वेनेज़ुएला के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। ह्यूगो चावेज और बाद में निकोलस मादुरो के दौर में दोनों देशों के बीच वैचारिक टकराव बढ़ा। प्रतिबंध, राजनयिक कटौती और विपक्ष को समर्थन जैसे कदम पहले भी अमेरिका उठा चुका है, जिससे अविश्वास और गहरा हुआ। वेनेज़ुएला सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अमेरिका की साम्राज्यवादी राजनीति करार दिया है। वेनेज़ुएला का कहना है कि वॉशिंगटन घरेलू संकटों से ध्यान हटाने के लिए बाहरी दुश्मन गढ़ रहा है और उसकी संप्रभुता में हस्तक्षेप करना चाहता है।

हमले का जवाब देगा वेनेजुएला

ऐसे में अब जब ट्रंप की ओर लगातार धमकी दी जा रही है तो वेनेजुएला भी अमेरिका के आगे अड़ गया है। वेनेजुएला ने अमेरिका पर पलटवार किया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने ट्रंप को दी धमकी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो हम भी जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि हमले का जवाब हमले से दिया जाएगा। मादुरो ने वेनेजुएला की सेना को तैयार रहने का आदेश तक दे दिया है।

Nicolas Maduro

Nicolas Maduro

विश्व ने की संयम बरतने की अपील

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते टकराव को लेकर लैटिन अमेरिकी देशों और वैश्विक शक्तियों ने संयम बरतने की अपील की है। कई देशों का मानना है कि सैन्य विकल्प से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी, शरणार्थी संकट गहराएगा और ऊर्जा बाजारों पर भी असर पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों से भी संवाद पर जोर दिया गया है। लेकिन, फिर भी अगर बयानबाजी कार्रवाई में बदलती है, तो इसका असर केवल वेनेज़ुएला तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिका की छवि, क्षेत्रीय सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक राजनीति पर इसका असर देखने को मिलेगा। असली परीक्षा अब इस बात की है कि आगे कूटनीति हावी रहती है या टकराव बढ़ता है।

UB India News

UB India News

बिहार और देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक घटनाओं की निष्पक्ष व सटीक रिपोर्टिंग।

संबंधित खबरें (Related Stories)

9 Articles loaded
ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा
खास खबर

ईरान युद्ध के बीच मोदी-पजेश्कियन की मुलाकात: बदलते पश्चिम एशिया में भारत की कूटनीति की बड़ी परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन के बीच बिश्केक में मुलाकात होने वाली है. ईरान युद्ध शुरू होने के बाद ये पहली बार होगा, जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिलने वाले हैं. ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस द्विपक्षीय वार्ता पर होगी.

UB India News31 अग॰
एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह
खास खबर

एक दशक में बदली भारत की उच्च शिक्षा की तस्वीर, विकास से समावेशिता तक नई राह

उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार, विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और समान अवसरों की दिशा में भारत की लंबी छलांग

UB India News30 अग॰
भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा
खास खबर

भारत की डिजिटल फर्टिलाइज़र क्रांति: डेटा एनालिटिक्स से बदलेगा सब्सिडी प्रबंधन का ढांचा

खाद की खपत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी; iFMS नेटवर्क से 14 करोड़+ आधार-लिंक्ड किसान और 2.5 लाख+ खुदरा विक्रेता जुड़े

UB India News30 अग॰
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !
खास खबर

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा पर विवाद क्यों !

सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं। यह बहस सिर्फ संपादकीय बदलाव तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से असहज विचारों और लेखकों के साथ व्यवहार से भी जुड़ी है। आंबेडकर की Annihilation of Caste, पेरियार की सच्ची रामायण, सलमान रुश्दी की The Satanic Verses और पेरुमल मुरुगन की One Part Woman भारत में ‘किताबी विद्रोह’ की लंबी परंपरा के उदाहरण हैं। हालांकि हर संपादकीय हस्तक्षेप को सेंसरशिप नहीं कहा जा सकता। सोनिया की किताब ने फिर सवाल खड़ा किया है कि लोकतंत्र में असहमति को दबाया जाए या उसका जवाब विचार से दिया जाए।

UB India News Desk30 अग॰
समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?
खास खबर

समय रैना के कॉमेडी शो की कौन सी बात पर मचा बवाल?

समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट में बिहार और कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी से विवाद बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स और नेताओं ने संवेदनशील मुद्दे को मजाक में शामिल करने पर सवाल उठाए हैं।

UB India News Desk30 अग॰
क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?
खास खबर

क्या दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से पहले वाले आर्थिक दौर में पहुंच चुकी है?

आर्थिक संकट के समय, लोकतांत्रिक देश जोखिम लेने से बचते हैं, जबकि तानाशाह देश जोखिम उठाते हैं। इतिहास का यह पैटर्न याद रखने लायक है। द्वितीय विश्वयुद्ध के समय जैसे हालात थे, कुछ-कुछ वैसे ही हालात इस समय बन गए हैं। 1930 और 40 के दशक की तरह ही, टकराव के दायरे बढ़ गए हैं और आपस में मिल रहे हैं। तानाशाह शासकों का गुट पूरी तरह से सक्रिय सैन्य गठबंधन बन गया है। पश्चिम की हालत बहुत खराब है। अमेरिका सैन्य रूप से तैयार नहीं है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में तेजी से और अचानक गिरावट आने की चेतावनी वाले संकेत हर जगह दिख रहे हैं।

UB India News Desk30 अग॰
खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी
खास खबर

खेलो इंडिया डायलॉग: ‘जो खेलेगा वो खिलेगा’, युवा एथलीटों से बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग – खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ के तहत गुरुवार को युवा एथलीटों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि जो खेलेगा वो खिलेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि खिलाड़ियों के नाम से ही उनके राज्य और शहर की पहचान होती है। पीएम […]

UB India News27 अग॰
पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………
खास खबर

पंजाब विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज…………

पंजाब में 25 सालों तक बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल मिलकर चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन किसान आंदोलन के दौरान 2020 में यह ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी. अब 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ फिर से अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन की बात तेज हो गई है. बीजेपी […]

UB India News27 अग॰